✍️ भागीरथी यादव
धमतरी। महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ धमतरी पुलिस की सख्त कार्रवाई का असर अब न्यायालय के फैसलों में भी साफ दिखाई दे रहा है। नाबालिग पीड़िताओं से दुष्कर्म के तीन अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह सफलता धमतरी पुलिस की मजबूत विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी का परिणाम मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में जिले में महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। गंभीर अपराधों में त्वरित जांच, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग और न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण के लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
थाना अर्जुनी के अपराध क्रमांक 113/2025 में आरोपी तोरण लाल जोशी निवासी ग्राम दोनर को पॉक्सो एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दोषी पाते हुए न्यायालय ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं थाना भखारा के अपराध क्रमांक 87/2025 में आरोपी सागर उर्फ करण साहू निवासी गुहेली, जिला बेमेतरा को भी 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया।
इसी तरह थाना सिहावा के अपराध क्रमांक 46/2025 में आरोपी नरेंद्र कुमार मंडावी निवासी भंडारवाड़ी को न्यायालय ने दोषसिद्ध मानते हुए 20 वर्ष की कठोर सजा सुनाई। तीनों मामलों में न्यायालय ने आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया है।
इन मामलों की विवेचना निरीक्षक प्रमोद अमलतास, उप निरीक्षक कपिश्वर पुष्पकार और सहायक उप निरीक्षक दुलाल नाथ द्वारा गंभीरता और पेशेवर दक्षता के साथ की गई। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाकर पीड़िताओं और गवाहों के बयान प्रभावी ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत किए, जिसके चलते आरोपियों को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली।
धमतरी पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक पॉक्सो एक्ट के कुल 9 मामलों में न्यायालय से दोषियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है। इनमें थाना सिटी कोतवाली, बिरेझर चौकी, सिहावा और मगरलोड के मामले शामिल हैं।
एसपी धमतरी ने उत्कृष्ट विवेचना करने वाले तीनों विवेचना अधिकारियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की है। धमतरी पुलिस का कहना है कि महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
