✍️ भागीरथी यादव
धमतरी। धमतरी पुलिस ने नगरी थाना क्षेत्र में मछली व्यापारी की निर्मम हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के साथ काम करने वाले मजदूरों ने मजदूरी बढ़ाने को लेकर उपजे विवाद और रंजिश के चलते सुनियोजित साजिश रचकर हत्या की थी। वारदात के बाद आरोपी नगदी और मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता भी सामने आई है।

पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी नगरी, थाना नगरी एवं साइबर टीम के संयुक्त प्रयास से तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

जांच में पता चला कि मृतक विप्लव मंडल निजी फिश फार्म संचालित करता था, जहां आरोपी मजदूरी करते थे। मजदूरी बढ़ाने की मांग पूरी नहीं होने और कथित अपमानजनक व्यवहार से नाराज आरोपियों ने पहले 25 जून को हत्या की योजना बनाई, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद 27 जून को गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल में घात लगाकर लकड़ी के डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर व्यापारी की हत्या कर दी। हत्या के बाद मछली बिक्री की 37,800 रुपये की नगदी और मोबाइल फोन लूटकर आरोपी फरार हो गए तथा रकम आपस में बांट ली।
थाना नगरी में अपराध क्रमांक 53/2026 के तहत हत्या और लूट का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। लगातार पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर लूटी गई पूरी नगदी, मृतक के दो मोबाइल, घटना में प्रयुक्त चार मोबाइल, तीन लकड़ी के डंडे, दो लोहे के चाकू, दो मोटरसाइकिल सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों में टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19 वर्ष), सुरेंद्र यादव (26 वर्ष) और जगदीश विश्वकर्मा (50 वर्ष) शामिल हैं। तीनों ग्राम बोईरगांव, थाना मैनपुर, जिला गरियाबंद के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि मामले में शामिल दो विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
धमतरी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराध के सफल खुलासे के रूप में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
