महिला की संदिग्ध मौत का खुलासा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आई सच्चाई, पति गिरफ्तार

आरंग : महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाने से मौत की बात समाने आई है. आरंग पुलिस मृतका के पति देवसिंग को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है. पूरा मामला ग्राम पारागांव का है. दरअसल 12 जून 2025 को महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरंग पुलिस ने मृतिका के पति को गिरफ्तार किया है. आरंग थाना प्रभारी राजेश सिंह ने लल्लूराम डॉट कॉम को बताया कि 12 जून 2025 को ग्राम पारागांव निवासी कुमारी बाई निषाद (उम्र 27 वर्ष) की मौत हो गई थी. उसके पति देवसिंग निषाद ने पुलिस को बताया था कि सुबह करीब 4 बजे उसकी पत्नी सोते हुए मृत अवस्था में पाई गई. पंचनामा के दौरान मृतिका के बाएं कान से खून निकला था और सीना फूला हुआ था. मृतिका कुमारी बाई निषाद के परिजनों ने मौत पर संदेह जताया था. पति देवसिंग निषाद से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसका बयान भी संदेहास्पद था. चरित्र पर शंका कर मारपीट करता था पति आरंग पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाने से मौत की बात सामने आई. इसके बाद आरंग पुलिस ने पति देवसिंग को हिरासत में लिया है. बताया जा रहा है कि पति देवसिंग निषाद अपनी पत्नी मृतिका कुमारी बाई निषाद के चरित्र पर शंका करता था और उसके साथ आए दिन मारपीट करता था. उसके बाद पति उसको मायके छोड़ देता था. मायके वाले मृतिका को समझाकर वापस ससुराल छोड़ देते थे. मृतिका ने मां को बताया था – पति से जान को है खतरा जांच में ये बात भी सामने आई है कि कुछ समय पहले पति द्वारा चरित्र शंका पर प्रताड़ित करने से हताश होकर मृतिका ने कीटनाशक दवा पीकर जान देने की कोशिश की थी. इस दौरान समाज वालों ने मीटिंग करके आपसी समझौता करवाया था. घटना के 10 – 15 दिन पहले मृतिका कुमारी बाई निषाद अपने दोनों बच्चों के साथ मायके चंपारण आई थी और अपने मां को पति देवसिंग निषाद से जान का खतरा होना बताया था. मायके वालों ने पति देवसिंग निषाद को एक बार फिर समझाया और मृतिका कुमारी बाई निषाद को पुनः उसके ससुराल पारागांव भेज दिया. इसके बाद 12 जून 2025 को मृतिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. जांच में आरंग पुलिस को जो सबूत मिले हैं उसके आधार पति देवसिंग निषाद को गिरफ्तार किया गया है और रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया है.

CG NEWS : नक्सलियों के खिलाफ ज्वाइंट एक्शन में अब ED भी होगी शामिल, टेरर फंडिंग को लेकर रायपुर में हुई बैठक…

रायपुर: नक्सलियों के खिलाफ ज्वाइंट एक्शन में अब ED भी शामिल होगी. टेरर फंडिंग को लेकर रायपुर में हुई बड़ी बैठक में “प्लान ऑफ एक्शन टू नक्सल” पर चर्चा के दौरान इस संबंध में फैसला लिया गया. बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना,आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के आईजी, और डीआईजी शामिल थे. इस दौरान ED और NIA के अफसर से हाल में टेरर फंडिंग को लेकर हुए खुलासे पर चर्चा हुई. इसके साथ ED और NIA के ज्वाइंट ऑपरेशन पर जोर दिया गया. पूरी बैठक IB के स्पेशल डायरेक्टर ऋत्विक रूद्र ने ली. वित्तीय लेन-देने रोकने का काम करेगी ED इस संबंध में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ED का काम अगर ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन है, तो उसे रोकना है. ये IB की भी सूचना हो सकती है कि लेनदेन की जानकारी निकाल लें. विभिन्न एजेंसियां ये काम करती हैं. ये दिखता है कि मामला ईडी को दिए जाने लायक है तो दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि चाहे नक्सलियों का अर्बन, लीगल, फाइनांसियल या रूरल बेस हो, सब पर एजेंसियां काम कर रही हैं.

स्वामी आत्मानंद स्कूल में अव्यवस्था का आलम, जनप्रतिनिधियो में नाराजगी !

कोरबा कोरबी चोटिया:- जिले के विकास खंड पोड़ी उपरोड़ा के स्थानीय हायर सेकेंडरी स्वामी आत्मानंद स्कूल में पिछले कई वर्षों से स्कूल में अव्यवस्था का आलम देखने को मिल रहा है. रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस पर यात्रियों को झटका, 6 से 15 अगस्त तक 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द विद्यालय में अनुशासन नाम की चीज नहीं, मनमानी, भर्रा शाही,चरम सीमा पर है इस पर ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि उपसरपंच सीता देवी, ने विद्यालय का जब निरीक्षण किया तो अनेक अनियमिताएं एवं साफ सफाई को लेकर घोर नाराजगी व्यक्त की है, रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस पर यात्रियों को झटका, 6 से 15 अगस्त तक 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द इस संबंध में मिली जानकारी अनुसार विगत दिनों शिकायत पर विद्यालय के निरीक्षण में गये पोड़ी उपरोड़ा के महामंत्री शोभा सिंग राजपूत मंडल पोड़ी उपरोड़ा, विनोद बरेठ, सोनू पांडेय, एवं उप सरपंच सीता देवी, को स्कूल में अनेक खामियां देखने को मिला, जैसे मध्यान भोजन स्थल पर बज बजाता हुआ नाली से दुर्गंध आना, विद्यालय में साफ सफाई नियमित नहीं होना, शौचालय में गंदगी से स्कूली बच्चे परेशान, तथा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति नहीं होना बताया गया इस अवस्थाओं को देखकर निरीक्षण टीम ने घोर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विद्यालय के प्राचार्य रविंद्र पैकरा, के मनमानी से पालकों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने घोर नाराजगी जताई है और बताया गया कि प्राचार्य पैकरा, ने अपने बलबूते से कार्य करते हुए ग्राम पंचायत के शिक्षा समिति को विद्यालय के बैठक एवं अन्य कार्यों के संबंध में अवगत नहीं कराते हैं, सोभा सिंह राजपूत, ने बताया कि प्राचार्य विद्यालय की बैठक एवं अन्य जानकारियां देने मे हिचकते हैं और रजिस्टर की मांग करने पर आनाकानी करते हैं, प्राचार्य रविंद्र पैकरा, के इस मनमानी के खिलाफ निरीक्षण टीम ने अपनी आपत्ति दर्ज करते हुए शीघ्र उच्च अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की है!

बीजापुर में हथियार छोड़, उम्मीदों की राह पर लौटे पूर्व नक्सली

अखिलेश उप्पल बीजापुर – जहां एक समय लाल आतंक की गूंज सुनाई देती थी, वहीं अब कारीगरी की आवाजें सुनाई देने लगी हैं। कभी बंदूक थामने वाले हाथ अब ईंट-गारा जोड़ रहे हैं। बीजापुर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की ज़िंदगी अब तेज़ी से बदल रही है। सरकार की पुनर्वास नीति और कौशल विकास कार्यक्रमों ने उन्हें एक नई पहचान दी है। एक शिल्पी, चालक, कारीगर और सबसे अहम, एक नागरिक के रूप में। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन युवाओं को न सिर्फ संरक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार भी किया जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को अब भवन निर्माण के लिए राजमिस्त्री का प्रशिक्षण, आधुनिक खेती के लिए ट्रैक्टर और जेसीबी चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। मालेगांव ब्लास्ट केस: 17 साल बाद कोर्ट का फैसला, साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित को क्लीन चिट, नहीं मिले सबूत पूर्व महिला नक्सली भी अब सिलाई- कढ़ाई सीखकर अपने जीवन को नए सिरे से गढ़ रही हैं। उनके चेहरों पर अब डर नहीं, आत्मविश्वास की चमक है। प्रशिक्षको का मानना है कि शिक्षा के बिना आत्मनिर्भरता अधूरी है, इसीलिए हर दिन कुछ घंटे इन्हें पढ़ाई और सामान्य ज्ञान की कक्षाएं भी दी जाती हैं। कलेक्टर संबित मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों को पहले सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस लाइन में रखा जाता है, फिर उन्हें पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाता है, जहां उन्हें आवासीय सुविधा के साथ कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। विकास की इस मुहिम को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए संवेदनशील गांवों में सुरक्षा कैंप भी स्थापित किए गए हैं। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाओं को वहां तेज़ी से शुरू किया गया है। अब वही हाथ जो कभी जंगलों में छिपे रहते थे, आज जेसीबी चला रहे हैं। जिन आँखों में हिंसा पलती थी, अब वो भविष्य के सपनों से रोशन हैं। बस्तर की धरती अब बारूद की नहीं, बदलाव की खुशबू बिखेर रही है।

बीजापुर में हथियार छोड़, उम्मीदों की राह पर लौटे पूर्व नक्सली। 📞अखिलेश उप्पल, बीजापुर

बीजापुर – जहां एक समय लाल आतंक की गूंज सुनाई देती थी, वहीं अब कारीगरी की आवाजें सुनाई देने लगी हैं। कभी बंदूक थामने वाले हाथ अब ईंट-गारा जोड़ रहे हैं। बीजापुर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की ज़िंदगी अब तेज़ी से बदल रही है। सरकार की पुनर्वास नीति और कौशल विकास कार्यक्रमों ने उन्हें एक नई पहचान दी है। एक शिल्पी, चालक, कारीगर और सबसे अहम, एक नागरिक के रूप में। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन युवाओं को न सिर्फ संरक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार भी किया जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को अब भवन निर्माण के लिए राजमिस्त्री का प्रशिक्षण, आधुनिक खेती के लिए ट्रैक्टर और जेसीबी चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। पूर्व महिला नक्सली भी अब सिलाई- कढ़ाई सीखकर अपने जीवन को नए सिरे से गढ़ रही हैं। उनके चेहरों पर अब डर नहीं, आत्मविश्वास की चमक है। प्रशिक्षको का मानना है कि शिक्षा के बिना आत्मनिर्भरता अधूरी है, इसीलिए हर दिन कुछ घंटे इन्हें पढ़ाई और सामान्य ज्ञान की कक्षाएं भी दी जाती हैं। कलेक्टर संबित मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों को पहले सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस लाइन में रखा जाता है, फिर उन्हें पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाता है, जहां उन्हें आवासीय सुविधा के साथ कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। विकास की इस मुहिम को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए संवेदनशील गांवों में सुरक्षा कैंप भी स्थापित किए गए हैं। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाओं को वहां तेज़ी से शुरू किया गया है। अब वही हाथ जो कभी जंगलों में छिपे रहते थे, आज जेसीबी चला रहे हैं। जिन आँखों में हिंसा पलती थी, अब वो भविष्य के सपनों से रोशन हैं। बस्तर की धरती अब बारूद की नहीं, बदलाव की खुशबू बिखेर रही है।

BREAKING: कोरकोमा में कच्ची शराब पीने से दो की मौत, तीन की हालत नाज़ुक

कोरबा, 31 जुलाई 2025। जिले के कोरकोमा शिवनगर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां कच्ची शराब के सेवन से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान राजमीन बाई और जय सिंह के रूप में हुई है। वहीं, राजाराम, राजकुमार और चमेली बाई को गंभीर हालत में उपचार के लिए कोरबा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि सभी लोगों ने एक ही स्रोत से कच्ची शराब का सेवन किया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कच्ची शराब जहरीली होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी रोष है। लोगों ने क्षेत्र में चल रही अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की माँग की है।

CG- ये कैसी गिरफ्तारी: …तुरंत गिरफ्तारी, तुरंत जमानत, पत्रकार हत्या मामले में गिरफ्तार पांचों अधिकारियों को मिली जमानत

बीजापुर 31 जुलाई 2025। पत्रकार हत्याकांड में गिरफ्तार अधिकारी 24 घंटे भी ठीक से हवालात में नहीं रह पाये। गिरफ्तार सभी अधिकारियों को कोर्ट से तुरंत जमानत भी मिल गयी। दरअसल बुधवार की सुबह पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में पुलिस ने लोक निर्माण विभाग के 5 अफसरों का ट्रांसफर किया था। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पत्रकारों में उम्मीद जगी थी, कि अब इस मामले में कड़ा एक्शन शुरू हो गया है। लेकिन पुलिस द्वारा अरेस्टेड PWD विभाग के सभी पांचों अधिकारियों को दंतेवाड़ा न्यायालय से जमानत भी मिल गयी। जिन अधिकारियों की गिरफ्तारी की गयी थी, उसमें दो EE, एक SDO और एक इंजीनियर शामिल थे। सभी को गंगालूर से नेलसनार सड़क निर्माण कार्य में गड़बड़ी मामले में आरोपी बनाया गया था। इसी सड़क में भ्रष्टाचार का मुद्दा पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने उजागर किया था, जिसके बाद पत्रकार मुकेश चंद्राकर को सुरेश चंद्राकर नाम के ठेकेदार ने अपने गुर्गों से मरवाकर सेप्टिक टैंक में डलवा दिया था। 1 जनवरी को हत्या की गयी थी, जिसके बाद 3 जनवरी को पत्रकार का शव सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया था।

रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस पर यात्रियों को झटका, 6 से 15 अगस्त तक 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द

बिलासपुर।’ रेल प्रशासन ने इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के नाम पर 4 पैसेंजर ट्रेनों को फिर कैंसिल कर दिया है। रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस पर्व पर ट्रेनों को रद्द करने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ जाएगी। इस बार पूर्व तटीय रेलवे के संबलपुर स्टेशन में यार्ड रिमॉडलिंग का काम चलेगा जिससे 6 से 15 अगस्त तक 4 ट्रेन कैंसिल रहेगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट का काम तेजी से चल रहा है। इस कड़ी में पूर्व तटीय रेलवे में संबलपुर मंडल के संबलपुर स्टेशन का यार्ड रिमॉडलिंग के लिए नॉन इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा। जिससे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली कुछ गाडियां प्रभावित रहेंगी। यात्री सुविधाओं का दावा करने वाली रेलवे ने त्योहारी सीजन में ट्रेनों को कैंसिल किया है। रक्षाबंधन पर्व पर भाई अपनी बहनों के पास राखियां बंधवाने जाते हैं। वहीं, बहनें भी भाइयों को रक्षासूत्र बांधने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, ट्रेनें कैंसिल होने से उनकी मुसीबतें बढ़ गई है।

गौसेवकों का फूटा गुस्सा, लाश सड़क पर रखकर किया चक्काजाम

बिलासपुर: रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे एक बार फिर गौवंशों के खून से लाल हो गया. अबकी बार लिमतरा सरगांव के पास हुई घटना में तेज रफ्तार वाहन ने 16 गौवंशों को कुचल दिया, जिसमें से 15 की मौत हो गई, वहीं एक घायल है. घटना से आक्रोशित गौसेवकों ने मृत गायों की लाश को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया है. गौवंशों की सड़क दुर्घटना में मौत की जिले में यह 20 दिन के भीतर तीसरी बड़ी घटना है. इसके पहले इससे पहले रतनपुर, चकरभाठा, सिलपहरी-कराड़ और ढेका के बीच हुए एक दर्दनाक हादसे में 50 से ज्यादा गौवंशों की मौत हो गई थी.

धर्मांतरण को लेकर हंगामा, प्रार्थना सभा की आड़ में 60-70 लोगों के धर्मांतरण की कोशिश का आरोप

रायपुर, 31 जुलाई 2025। राजधानी रायपुर के गुढियारी थाना क्षेत्र अंतर्गत मुर्रा भट्टी इलाके में मंगलवार देर रात धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, एक मकान में चल रही प्रार्थना सभा की आड़ में करीब 60 से 70 लोगों का धर्मांतरण कराने की कोशिश की जा रही थी। मामले की सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सभा जबरन या बहला-फुसलाकर धर्म बदलवाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। बताया जा रहा है कि यह सभा भुनेश्वर यादव नामक व्यक्ति के मकान में चल रही थी, जहां दर्जनों की संख्या में लोग मौजूद थे। हंगामे की सूचना पर गुढियारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

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