रायगढ़ से शर्मनाक वारदात: तीन दिनों तक बंधक बनाकर चाकू की नोक पर दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   रायगढ़। जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने शादीशुदा महिला को चाकू की नोक पर तीन दिनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। महिला थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।   जानकारी के अनुसार, आरोपी भगवानपुर निवासी दीपक दास मानिकपुरी (29) ने 26 वर्षीय पीड़िता को 28 नवंबर की शाम तब रास्ते में रोक लिया, जब वह काम से घर लौट रही थी। आरोपी पहले से उसे फोन पर परेशान करता था। जब महिला ने बात करना बंद कर दिया, तो उसने दबाव बनाना शुरू कर दिया।   पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी अचानक आया, चाकू दिखाकर धमकाया और मारपीट कर उसे ज़बरदस्ती साथ ले गया। पहले स्कूल के बाथरूम के पीछे झाड़ी में मुंह पर कपड़ा बांधकर दुष्कर्म किया, फिर अपने किराए के मकान में ले जाकर लगातार तीन दिनों तक उसकी अस्मिता से खेलता रहा। आरोपी बार-बार धमकी देता रहा कि अगर उसने किसी को बताया तो जान से मार देगा।   डरी-सहमी पीड़िता ने किसी तरह मौका पाकर तब जान बचाई, जब आरोपी खाना लेने बाहर गया। वह वहां से भागकर घर पहुंची और पूरी घटना पति को बताई। इसके बाद दोनों महिला थाने पहुंचे और 1 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई।   पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्याय दिलाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।   यह घटना समाज की सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।  

दर्री वेस्ट कॉलोनी में ठेकेदार की मनमानी चरम पर—शादी समारोह के बीच रेखड़ भरी हाइवा दौड़ी, बड़ा हादसा टलते-टलते बचा

✍️ भागीरथी यादव   अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल, स्थानीय निवासी भास्कर यादव ने की कड़ी निंदा   दर्री वेस्ट। दर्री वेस्ट की एक कॉलोनी में आयोजित शादी समारोह के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई, जब भारी रेखड़ (Rakhad) से भरी हाइवा को रात में कॉलोनी के बीचों-बीच तेज रफ्तार में दौड़ाया गया। विवाह स्थल के पास महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की लगातार आवाजाही के बीच इस भारी वाहन की मौजूदगी से बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार की दबंगई और कुछ अधिकारियों की मिलीजुली अनदेखी के कारण कॉलोनी में बेधड़क भारी वाहन चलाए जा रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया— “अगर यही शादी किसी अधिकारी या ठेकेदार के घर में होती, तो क्या वे ऐसी लापरवाही और भारी वाहनों को अंदर आने देते?”   शादी के दिन हुए इस खतरेनाक मंजर ने कॉलोनीवासियों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। सभी का कहना है कि विवाह जैसे शुभ अवसर पर इस तरह की मनमानी न सिर्फ असंवेदनशीलता है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ भी।   स्थानीय निवासी भास्कर यादव ने कहा: “शादी-ब्याह के दिन कॉलोनी में ऐसी लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त के बाहर है। ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें, नहीं तो किसी दिन बड़ा हादसा हो जाएगा। हम बार-बार शिकायत करते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। प्रशासन को अभी कदम उठाना चाहिए।”   शादी स्थल के ठीक पास स्थित CSEB West क्षेत्र में आम लोगों की लगातार आवाजाही रहती है, जिससे इस लापरवाही की गंभीरता और बढ़ जाती है।   निवासियों ने मांग की है कि— कॉलोनी में भारी वाहनों की आवाजाही पर तुरंत रोक लगाई जाए, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई हो, और भविष्य में ऐसे शादी-विवाह के आयोजनों के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो वे सामूहिक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

खैरागढ़ में कबाड़ियों की गुंडागर्दी! मजदूरों को बीच सड़क पर लोहे की रॉड से पीटा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   खैरागढ़। गंडई थाना क्षेत्र में रविवार को कबाड़ी कारोबार से जुड़े विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। काम छोड़कर दूसरे कबाड़ी के पास चले गए पांच मजदूरों को दो आरोपियों ने बीच सड़क पर लोहे की रॉड से बेरहमी से पीट दिया। घटना का वीडियो सामने आते ही पुलिस तुरंत एक्शन में आई और शबाब मेमन सहित दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।   हमले में एक मजदूर का हाथ टूट गया, जबकि अन्य को गंभीर चोटें आईं। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी शबाब मेमन की जेब से 320 अवैध नशीली गोलियां भी बरामद कीं। पुलिस ने मारपीट के साथ NDPS एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने कहा— “सड़क पर गुंडागर्दी और नशे का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।”  

भड़काऊ बयान विवाद: JCP प्रमुख अमित बघेल ने देवेन्द्र नगर थाने में किया सरेंडर

✍️ भागीरथी यादव    छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मोड़ उस समय आया, जब जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रवाल और सिंधी समाज के देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आज देवेन्द्र नगर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।   बघेल लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर थे, जिसके चलते उन्हें भगोड़ा घोषित किया गया था और ₹5,000 का इनाम भी घोषित किया गया था। विवादित बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों समाजों में भारी आक्रोश फैल गया था और उनके खिलाफ लगातार विरोध दर्ज किए जा रहे थे।   पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने और वैमनस्य फैलाने के आरोपों में कई FIR दर्ज की थीं। महीनों की फरारी के बाद आज बघेल अपने वकील के साथ थाने पहुंचे, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।   सरेंडर के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब बघेल को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड या न्यायिक हिरासत पर फैसला होगा।   यह घटनाक्रम बताता है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए विवादित बयानों के गंभीर कानूनी परिणामों से कोई भी नहीं बच सकता।

जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 271 बोरी अवैध तंबाकू जब्त—गोवा से फरार आरोपी भी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव    जशपुर में नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए चल रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत पुलिस ने लोदाम क्षेत्र में गुजरात से सिलीगुड़ी जा रहे एक ट्रक से 271 बोरी अवैध कच्चा तंबाकू जब्त किया, जिसकी कीमत 5 लाख से अधिक बताई जा रही है।   मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई में निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे की टीम ने ट्रक चालक अवधेश सिंह को पकड़ा। जांच में इनवॉइस और वाहन नंबर में अंतर मिलने पर तस्करी की पुष्टि हुई।   उधर, ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत नाबालिक बालिका से दुष्कर्म के मामले में महीनों से फरार आरोपी को गोवा से गिरफ्तार किया गया।   SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और तस्करी की पूरी श्रृंखला को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

राज्यपाल को राष्ट्रीय वुशु चैम्पियनशिप का निमंत्रण

✍️ भागीरथी यादव रायपुर, 05 दिसम्बर 2025।   लोकभवन में आज वुशु एसोसिएशन के महासचिव डी. कोंडैया ने राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात कर राजनांदगांव में होने वाली राष्ट्रीय वुशु चैम्पियनशिप में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुलाकात सौहार्दपूर्ण रही।  

तमिलनाडु में वोटर लिस्ट की सबसे बड़ी सफाई शुरू — 50 लाख तक नाम कट सकते हैं, बढ़ी चिंता और बढ़ा विवाद

✍️ भागीरथी यादव   तमिलनाडु में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। 2026 विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को पूरी तरह साफ और अद्यतन करने के लिए चुनाव आयोग ने अब तक के सबसे बड़े अभियान की शुरुआत की है। अनुमान है कि 40–50 लाख वोटर्स के नाम लिस्ट से हटाए जा सकते हैं, जिससे पूरे राज्य में चिंता और बहस दोनों तेज हो गई है। 25.72 लाख मृत मतदाता, 39 लाख ने छोड़ा पुराना घर राज्य में कुल 6.41 करोड़ वोटर्स हैं। चुनाव आयोग की प्रारंभिक जांच में—25.72 लाख लोग मृत पाए गए, जिनके नाम हटना तय है। 39 लाख मतदाताओं ने स्थायी निवास बदला है और उनके पुराने पते पर नाम मौजूद हैं। 9 लाख मतदाताओं का कोई पता उपलब्ध नहीं, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।3.32 लाख डुप्लीकेट वोटर्स की सूची अलग से तैयार हो चुकी है। इन आंकड़ों के आधार पर कम से कम 28 लाख नाम तो निश्चित रूप से हटेंगे, वहीं जिन 9 लाख लोगों का पता नहीं मिल पाया, यदि वे 11 दिसंबर तक अपील नहीं करते, तो उनके नाम भी काट दिए जाएंगे।   वोटर्स की बढ़ती परेशानी — 41 लाख को फॉर्म भी नहीं मिला   ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद भी कई मतदाता अपडेट नहीं कर पा रहे। अब तक 63.2 लाख इलेक्टोरल फॉर्म बांटे जा चुके हैं, लेकिन 41 लाख लोगों को अभी तक फॉर्म नहीं मिला। इसी कारण आयोग ने अपील की अंतिम तिथि 11 दिसंबर तक बढ़ा दी है। लोग फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने) और फॉर्म-7 (गलत कटे नाम दोबारा जोड़ने) के माध्यम से ऑनलाइन या बीएलओ के जरिए अपडेट करा सकते हैं।   राजनीतिक मुकाबला तेज — ‘लोकतंत्र के लिए खतरा’   मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और विपक्ष के कई नेताओं ने SIR प्रक्रिया को “खतरनाक” बताते हुए कड़ा विरोध किया है। वीसीके नेता थोल थिरुमावलावन ने चेतावनी दी कि, > “अगर प्रक्रिया ऐसे ही चली तो 1 करोड़ तक नाम कट सकते हैं, यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।” उन्होंने बिहार में हुए 43 लाख नाम कटने का उदाहरण देते हुए संसद में बहस की मांग की है। राजस्व अधिकारियों ने भी बीएलओ का अतिरिक्त काम करने से इनकार कर दिया है, जिससे अभियान की रफ्तार प्रभावित हो रही है।   EC का दावा — नकली वोटिंग पर ब्रेक जरूरी चुनाव आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट को सटीक बनाने के लिए यह कदम अनिवार्य है। EC के अनुसार, > “नकली वोटिंग रोकने और हर मतदाता को सही पहचान देने के लिए लिस्ट की सफाई जरूरी है।” अगर किसी का नाम गलत कट जाता है तो अपील और दोबारा रजिस्ट्रेशन दोनों के विकल्प खुले हैं। लोग सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।  

जमीन रजिस्ट्री गाइडलाइन में भारी वृद्धि से मचा संग्राम सरकार पर बढ़ा दबाव, सत्ता–विपक्ष दोनों आमने-सामने

✍️ भागीरथी यादव    प्रदेश में जमीन रजिस्ट्री की कलेक्टर गाइडलाइन दरों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। इसे लेकर विपक्ष तो पहले से हमलावर था, अब सत्ता पक्ष से भी इसे तत्काल रोकने की मांग तेज हो गई है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर गाइडलाइन वृद्धि को अव्यावहारिक और जनविरोधी बताते हुए तुरंत स्थगित करने की मांग की है। विपक्ष का हमला : “जनता पर आर्थिक बोझ”   विपक्षी दलों का कहना है कि गाइडलाइन में अचानक 100 से 800 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ने ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों में जमीन खरीदना महंगा कर दिया है। इससे आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ेगा और संपत्ति संबंधी लेन-देन ठप होने का खतरा है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर बिना सामाजिक-आर्थिक आकलन के निर्णय लेने का आरोप लगाया है। सांसद अग्रवाल का पत्र : “बिना जन-परामर्श लिया गया फैसला”   अग्रवाल ने कहा है कि गाइडलाइन बढ़ोतरी बिना वास्तविक मूल्यांकन और जनभागीदारी के लागू की गई है, जिससे किसानों, छोटे व्यवसायियों, कुटीर-उद्यमियों, रियल एस्टेट सेक्टर और मध्यम वर्ग में खासा असंतोष है। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण में किसानों को अधिक मुआवजा देने की दलील भ्रामक है, क्योंकि प्रदेश में केवल 1% भूमि ही अधिग्रहित होती है, जबकि 99% जनता पर अनावश्यक वित्तीय बोझ लाद दिया गया है। सांसद ने पंजीयन शुल्क को 4% से घटाकर पुनः 0.8% करने की भी मांग की है और 20 नवंबर से लागू नई गाइडलाइन को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की अपील की है। कांग्रेस का पलटवार : “सांसद की नौटंकी” सांसद के पत्र को कांग्रेस ने “खानापूर्ति” करार देते हुए इसका प्रतीकात्मक दहन किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि यदि भाजपा नेताओं को वाकई जनता की चिंता है, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करें—“कांग्रेस साथ खड़ी मिलेगी।” कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि गाइडलाइन वापस नहीं ली गई तो किसान–व्यापारी संगठनों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। सरकारी अधिकारियों का दावा : “बाजार मूल्य के अनुरूप की गई बढ़ोतरी” अधिकारियों के अनुसार, कई वर्षों से गाइडलाइन अपडेट न होने के कारण जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य और सरकारी दरों में भारी अंतर आ गया था। नई गाइडलाइन से: किसानों को भूमि अधिग्रहण में तीन गुना तक अधिक मुआवजा, संपत्ति के बदले अधिक बैंक ऋण की सुविधा, और नगरीय क्षेत्रों में रोड-वाइज, संतुलित दर निर्धारण का लाभ मिलेगा। राजनीतिक हलचल जारी — फैसला हवाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धी राजनीति और व्यापक जनविरोध के बीच माना जा रहा है कि सरकार वित्त विभाग से समीक्षा करा सकती है। हालांकि नई गाइडलाइन वापस ली जाएगी या संशोधित—इस पर अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं है। प्रदेश में इस मुद्दे ने जमीन से जुड़ी राजनीति को नया मोड़ दे दिया है, और आने वाले दिनों में इसका असर सत्ता–विपक्ष की रणनीतियों पर साफ दिखाई दे सकता है।

मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले में बड़ा खुलासा: धान उपार्जन केंद्र नागपुर में कोचिया रंगे हाथों गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव    शासन को ₹3 लाख की क्षति से बचाया   मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के धान उपार्जन केंद्र नागपुर में सोमवार को अवैध धान विक्रय का संगठित रैकेट उजागर हुआ। राजस्व और प्रशासनिक अमले की तत्परता से कोचिया संदीप जायसवाल को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिससे शासन को लगभग तीन लाख रुपये की संभावित आर्थिक क्षति से बचा लिया गया। कटे टोकनों के सत्यापन के दौरान सामने आया बड़ा सुराग 1 दिसंबर को दोपहर 2 बजे पटवारी हल्का नागपुर टीम द्वारा आगामी दिवस के लिए कटे टोकनों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा था। उसी दौरान ग्राम लाई निवासी कृषक सोहन रामसिंह से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सोहन ने स्पष्ट बताया कि उसके खेत में धान की न बोवाई हुई, न रोपाई और न ही कटाई—केवल बीज का छिड़काव तक नहीं हुआ था। इसके बावजूद नागपुर निवासी संदीप जायसवाल ने उसे समिति में उपस्थित होने और धान चढ़ाने का झांसा देकर उसका बैंक पासबुक व एटीएम भी ले लिया। इससे प्रशासन को अवैध धान विक्रय के सुनियोजित नेटवर्क का शक गहरा गया। रणनीति बनाकर पकड़ा गया पूरा खेल सूचना की गंभीरता को देखते हुए 2 दिसंबर को सोहन को समझाइश देकर वैसा ही व्यवहार करने कहा गया जैसा संदीप निर्देश देगा, ताकि पूरे रैकेट को पकड़ना संभव हो सके। योजना के अनुरूप सुबह 10 बजे पहली ट्रिप में 124 बोरी (49.80 क्विंटल) धान समिति में उतारा गया। इसके बाद दोपहर 3 बजे दूसरी ट्रिप में 120 बोरी (47.20 क्विंटल) धान सोनालिका ट्रैक्टर में लाया गया, जिसे संदीप अपने नागपुर बस्ती स्थित घर से लोड करवा रहा था।   टीम के मौके पर पहुंचते ही सारा खेल खुल गया—कुल 96.80 क्विंटल धान सोहन के नाम पर अवैध रूप से बेचने की कोशिश की जा रही थी, जबकि उसके खेत से एक दाना भी उत्पादन नहीं हुआ था।   तत्काल कार्रवाई: ट्रैक्टर और धान जब्त प्रशासन ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए— पहली ट्रिप के 124 बोरी धान को समिति में जप्त कर प्रभारी को सौंप दिया। दूसरी ट्रिप के लगभग 120 बोरी धान और सोनालिका ट्रैक्टर को थाना सुपुर्द कर दिया गया। जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी संदीप जायसवाल शासन को ₹3,00,080 की आर्थिक क्षति पहुंचाने का प्रयास कर रहा था। पूरे मामले का विस्तृत पंचनामा तैयार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए विभागीय अधिकारियों को भेज दिया गया है।   सख्त संदेश—धान खरीदी में हेराफेरी करने वालों को नहीं मिलेगी राहत   यह कार्रवाई न सिर्फ राजस्व अमले की सतर्कता का मजबूत उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि धान खरीदी प्रणाली में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को सख्ती से कुचला जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  

बिलासपुर जंगलों में सागौन तस्करी का भंडाफोड़, वन विभाग ने स्कॉर्पियो समेत कीमती लकड़ी जब्त की

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के बेलगहना जंगलों में सागौन लकड़ी की तस्करी लंबे समय से चल रही थी, जिसका खुलासा मंगलवार रात वन विभाग की पेट्रोलिंग के दौरान हुआ। गश्ती दल को देखते ही लकड़ी तस्कर जंगल की तरफ भाग निकले और अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी को झाड़ियों में छिपाकर फरार हो गए।   वन विभाग की टीम को पिछले कुछ दिनों से संकेत मिल रहे थे कि कक्ष क्रमांक 1202/2470 के आसपास पेड़ों की अवैध कटाई कर सागौन की तस्करी की जा रही है। इसी सूचना पर अफसर मंगलवार रात पेट्रोलिंग टीम के साथ जंगल में सर्चिंग पर निकले थे। स्कॉर्पियो छोड़कर भागे तस्कर   मुख्य मार्ग पर खड़ी संदिग्ध स्कॉर्पियो को देखते ही ड्राइवर ने गाड़ी जंगल की ओर मोड़ दी। थोड़ी दूरी पर वाहन को झाड़ियों के बीच खड़ा कर वह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। जांच में स्कॉर्पियो से 6 नग सागौन के लट्ठे और 1 सागौन सिलपट बरामद हुए। इसके बाद टीम ने आसपास के जंगल में तलाशी ली, जहां से 3 अतिरिक्त लट्ठे और मिले। सभी लकड़ी को जब्ती पंचनामा बनाकर बेलगहना डिपो भेज दिया गया। जब्त सागौन लकड़ी की कीमत करीब 30 हजार रुपए, जबकि स्कॉर्पियो वाहन की कीमत लगभग 2 लाख रुपए आंकी गई है।   तस्करों की तलाश तेज वन विभाग अब स्कॉर्पियो मालिक की पहचान के लिए परिवहन विभाग से वाहन विवरण जुटा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वाहन मालिक के माध्यम से जल्द ही तस्करों तक पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस कार्रवाई से जंगलों में हो रही अवैध कटाई और तस्करी के बड़े नेटवर्क का एक और खुलासा हुआ है।

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