बीजापुर जेल में भावनात्मक मिलन: परिजनों ने कहा— “हिंसा छोड़ो, घर लौट आओ”

✍️ भागीरथी यादव   मुख्यधारा में वापसी की अपील से गूंजा पुनर्वास कार्यक्रम   रायपुर, 15 नवंबर 2025। बीजापुर जेल परिसर शुक्रवार को एक ऐसे दृश्य का साक्षी बना, जिसने कठोर जेल दीवारों के बीच भी मानवीय संवेदनाओं को जीवंत कर दिया। छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय और संवेदनशील पहल के तहत आयोजित विशेष मुलाक़ात कार्यक्रम में वर्षों से बिछड़े परिवार एक बार फिर आमने-सामने आए। यह केवल मुलाक़ात नहीं थी, बल्कि टूटे रिश्तों का जुड़ना, विश्वास का लौटना और हिंसा से दूर नई जिंदगी की ओर बढ़ने का संकल्प था।   जेल में निरूद्ध नक्सली प्रकरण के आरोपितों से उनके पुनर्वासित परिजन मिले। आंखों में आंसू लिए, वर्षों की दूरी और दर्द भूलकर परिवारजन एक-दूसरे से गले मिले। किसी ने भाई को पहचाना, किसी ने भतीजे का चेहरा छुआ तो किसी ने वर्षों बाद बहन के आंसू पोंछे—हर पल भावनाओं से भरा और परिवर्तन की उम्मीदों से रोशन था।   “अब बहुत हुआ… हिंसा नहीं, घर लौट चलो” – परिजनों की भावुक अपील   पुनर्वासित माओवादी कैडर्स संतू वेक्को, मारो वेक्को, रामलाल वेक्को, संतोष कुंजाम, बदरू ओयाम, मासा तामो, लखन ओयाम, लक्ष्मण ताती, मैनु आरकी, राजेश वेट्टी और कुमारी आरकी ने जेल में बंद अपने परिजनों अर्जुन वेक्को, मनी ओयाम, भीमसेन ओयाम, भीमा मुचाकी, सायको माड़वी, सोमारू मड़कम, बुधरू आरकी और शंकर कोरसा से मुलाक़ात की।   भावुक क्षणों के बीच सभी ने एक ही बात दोहराई— “हम बदले तो जिंदगी बदली… तुम भी हथियार छोड़ो, घर लौट आओ। समाज तुम्हें अपनाने के लिए तैयार है।”   उन्होंने यह भी बताया कि उनके स्थानीय नेतृत्वकर्ता भूपति ने हथियार छोड़ने की अपील की है और खुद भी मुख्यधारा में लौट आए हैं।   शासन की पहल: केवल मुलाक़ात नहीं, दिलों को जोड़ने का प्रयास   कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ परिवारजन को मिलाना नहीं, बल्कि माओवादी विचारधारा से प्रभावित युवाओं का भावनात्मक पुनर्वास कर उन्हें सम्मानजनक जीवन की राह दिखाना है। इस पहल ने जेल बंदियों के मन में भी बदलाव और वापस लौटने की इच्छा को गहरा किया।   “कभी बहकावे में हिंसा अपनाई थी, अब लौटने का समय”— उपमुख्यमंत्री शर्मा   उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति, विश्वास और विकास स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा— “भटके हुए युवाओं को पुनर्वास का विकल्प दिया जा रहा है। जो कभी बहकावे में हिंसा की राह पर चल पड़े थे, उनके लिए अब सम्मानजनक जीवन और समाज में पुनः जगह पाने के द्वार खोले जा रहे हैं।”  

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की अहम बैठक: किसानों, प्रशासनिक सुधार, आवास योजनाओं और खेल विकास से जुड़े बड़े निर्णय

✍️ भागीरथी यादव   छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों का सीधा लाभ किसानों, आवास योजनाओं के हितग्राहियों और खेल प्रतिभाओं को मिलेगा। साथ ही शासन-प्रशासन में सुशासन और प्रभावी प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। परिषद ने कुल पाँच प्रमुख निर्णय लिए— — 1. खरीफ–रबी में दलहन–तिलहन की खरीद जारी रहेगी, पीएम-आयस्सा (PSS) योजना के तहत मंजूरी   मंत्रिपरिषद ने तय किया है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम – PSS) के तहत दलहन–तिलहन की खरीद की जाएगी।   खरीफ में: अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन   रबी में: चना, सरसों, मसूर समर्थन मूल्य पर खरीद से बाजार में प्रतियोगिता बनी रहती है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलना संभव होता है। — 2. शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन—सुशासन की दिशा में बड़ा कदम मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन स्वीकृत किया है। सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में विलय किया गया। बीस सूत्रीय कार्यक्रम विभाग को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में संविलियन किया गया। यह निर्णय “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” की सोच को मजबूत करेगा। — 3. धान खरीदी के लिए 15,000 करोड़ की गारंटी का पुनर्वेधीकरण, 11,200 करोड़ अतिरिक्त मंजूर   राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए   वर्ष 2024–25 में स्वीकृत 15,000 करोड़ रुपए की शासकीय प्रत्याभूति को 2025–26 के लिए पुनर्वेधित किया गया।   विपणन संघ को 11,200 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सरकारी गारंटी भी दी गई। इससे धान खरीदी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी। — 4. आवास योजनाओं में बड़े बदलाव—अविक्रित ईडब्ल्यूएस/एलआईजी भवन अब किसी भी आय वर्ग को बेचे जा सकेंगे   दीनदयाल आवास, अटल आवास, अटल विहार और नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए—   (अ) तीन बार विज्ञापन के बाद भी यदि ईडब्ल्यूएस/एलआईजी भवन अविक्रित रह जाते हैं, तो उन्हें किसी भी आय वर्ग के व्यक्ति को बेचा जा सकेगा।   लेकिन ऐसे खरीदारों को सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा।   (ब) अविक्रित भवनों को Bulk Purchase के रूप में भी बेचा जा सकेगा— एकल व्यक्ति, सरकारी/अर्ध-सरकारी या निजी संस्थाएँ एक से अधिक भवन खरीद सकती हैं। इन खरीदारों को भी अनुदान नहीं मिलेगा।   सरकार ने निर्देश दिया है कि इस प्रावधान का व्यापक प्रचार किया जाए, ताकि अधिक हितग्राही लाभ ले सकें। — 5. नवा रायपुर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को लीज पर मंत्रिपरिषद ने शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर को दीर्घकालीन संचालन व विकास कार्यों हेतु अनुबंध के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को लीज पर देने का निर्णय लिया। इससे— राज्य के युवा खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकी सुविधाएँ मिलेंगी। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय–अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की संख्या बढ़ेगी।

बेमेतरा में देश का सबसे ऊँचा 140 फीट बैम्बू टावर समर्पित, छत्तीसगढ़ बना ‘बांस तीर्थ’—मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण

✍️ भागीरथी यादव   बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में आज इतिहास रचा गया। “छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मेलन” के तहत 140 फीट ऊँचे भारत के सबसे विशाल बैम्बू टावर का लोकार्पण हुआ। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और पहचान का भव्य क्षण बन गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल की विशेष उपस्थिति ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया।— मुख्यमंत्री ने फहराया तिरंगा, कहा—”यह केवल संरचना नहीं, छत्तीसगढ़ की पहचान है”   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 140 फीट ऊँचे बैम्बू टावर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और कहा— “यह टावर छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और असीम संभावनाओं का प्रतीक है।”   उन्होंने समारोह स्थल पर बनाए गए बांस उत्पाद निर्माण इकाइयों, प्रोसेसिंग सेंटरों और फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया तथा कारीगरों से उनकी आजीविका और तकनीकों पर विस्तृत बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बांस रोपण कर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और बांस आधारित खेती को बढ़ावा देने की अपील की।   उन्होंने कहा कि बांस आधारित उद्योग आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और आधुनिक निर्माण तकनीक के बड़े स्तंभ बन रहे हैं। राज्य सरकार किसानों, कारीगरों और युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। — उपमुख्यमंत्री अरुण साव—“जल संकट के दौर में किसानों के लिए बांस सबसे मजबूत विकल्प”   उपमुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बेमेतरा जिला वर्षों से पानी की कमी का सामना कर रहा है। ऐसे में बांस की खेती किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का नया मार्ग खोल सकती है। उन्होंने कहा— “बांस कम पानी में तेजी से बढ़ता है, मिट्टी को संजोता है और आज बाजार में इसकी मांग कई गुना बढ़ चुकी है। किसान पारंपरिक फसलों के साथ इसे अपनाकर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।”   साव ने बताया कि बांस आधारित उद्योग प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रहे हैं। — कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल—“धान के विकल्प के रूप में बांस बड़े पैमाने पर लाभदायक”   मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि बेमेतरा जैसे जलअभाव वाले क्षेत्रों में बांस की खेती समय की मांग है। “बांस जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों के लिए स्थायी रोजगार पैदा करता है। किसानों को बांस की खेती से आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।”   उन्होंने किसानों से बांस के व्यावसायिक उपयोग और आर्थिक लाभों को समझकर इसे अपनाने का आग्रह किया। — कार्यक्रम में जनसमुदाय का उमड़ा सैलाब   इस ऐतिहासिक समारोह में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू कलेक्टर रणबीर शर्मा एसएसपी रामकृष्ण साहू रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक जिलाध्यक्ष अजय साहू महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री पाशा पटेल पूर्व विधायक अवधेश चंदेल तथा बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हुए। — बेमेतरा का यह ‘बांस तीर्थ’ अब छत्तीसगढ़ की पहचान बनकर उभर रहा है—एक ऐसे राज्य के रूप में, जो नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए अध्याय लिख रहा है।  

कोंडागांव में रेप केस का आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

✍️ भागीरथी यादव   छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में पुलिस ने रेप मामले में फरार चल रहे आरोपी विदेश कुमार मरकाम को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।     —   पीड़िता के घर में घुसकर की थी वारदात   यह मामला विश्रामपुरी थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने 6 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 4 नवंबर की रात आरोपी विदेश कुमार मरकाम उसके घर में घुसा और जबरन दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।     —   मामला दर्ज कर शुरू हुई जांच   पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 64 और 331(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया और जांच तेज कर दी। शुक्रवार को पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया।     —   महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्त रुख   कोंडागांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।     —

दुर्ग का दोगुना हत्याकांड सुलझा: 18 महीने बाद पुलिस ने खोला सनसनीखेज राज

✍️ भागीरथी यादव   छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 18 महीने से रहस्य बना दादी–पोती का दोहरा हत्याकांड आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलगांव थाना क्षेत्र के गनियारी गांव में 6 मार्च 2024 की रात हुई इस वारदात में 62 वर्षीय रजवती बाई साहू और उनकी 17 वर्षीय पोती सविता साहू की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। लंबे समय तक कोई ठोस सुराग न मिलने के बाद यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था, लेकिन तकनीकी जांच और धैर्यपूर्ण कार्रवाई ने आखिरकार पूरे षड्यंत्र से पर्दा उठा दिया।     —   प्रेम-प्रसंग बना खून की वजह   जांच में पता चला कि सविता का गांव के युवक चुमेन्द्र से प्रेम संबंध था। इसी दौरान चुमेन्द्र की सगाई दूसरी लड़की से हो गई। जब यह बात सविता तक पहुंची तो उसने अपनी सहेलियों से कहा कि वह आरोपी और उसके परिवार को बर्बाद कर देगी। यही आशंका आरोपी के मन में घर कर गई। अफेयर उजागर होने के डर और प्रतिष्ठा खोने की भय से चुमेन्द्र ने अपनी गर्लफ्रेंड और उसकी दादी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।     —   योजना बनाकर दोस्तों संग पहुंचा हत्या करने   पुलिस के अनुसार घटना वाली रात चुमेन्द्र पहले अपने दोस्तों के साथ घुघसीडीह गया, ताकि किसी को उसके इरादों पर शक न हो। देर रात करीब 1 बजे वह गांव लौटा और भाई को फोन कर दरवाज़ा खुलवाया। भाई के सो जाने के बाद उसने अपने साथी पंकज निषाद और एक अन्य फरार आरोपी को व्हाट्सऐप कॉल कर बुलाया। तीनों स्कॉर्पियो में सवार होकर सविता के घर पहुंचे और अंदर घुसकर वारदात को अंजाम दिया।   पीड़िता को आरोपी ने पहले शादी का झांसा दिया, लेकिन सगाई की बात सुनकर लड़की के इनकार से वह बौखला उठा। गुस्से में उसने घर में रखी टंगिया से सविता पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इतने में दादी रजवती बाई जाग गईं, तो आरोपी ने चाकू से वार कर उनकी भी हत्या कर दी।     —   सबूत मिटाने की कोशिश   दोनों की हत्या के बाद तीनों आरोपी तालाब पहुंचे और अपने कपड़े व हथियार वहीं धोकर वापस घर लौट गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चाकू, मोबाइल फोन और स्कॉर्पियो जब्त कर लिए हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपी पूर्व में भी आबकारी और मारपीट के मामलों में जेल जा चुके हैं।     —   62 संदिग्धों से पूछताछ—तकनीक ने खोला जाल   जांच के दौरान पुलिस ने एफएसएल, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वॉड की मदद ली तथा अहमदाबाद और रायपुर में कई संदिग्धों के ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट भी कराए। आखिरकार घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस सच्चाई तक पहुंच सकी।     —   एक आरोपी फरार   आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि यह मामला पुलिस के धैर्य, वैज्ञानिक जांच और लगातार प्रयास का परिणाम है। पुलिस अब भी फरार तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।

कस्टडी में मौत: छठवें दिन भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार, दोबारा पोस्टमॉर्टम व 1 करोड़ मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन

  ✍️ भागीरथी यादव   बलरामपुर/सीतापुर। चोरी के आरोप में पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के छठवें दिन भी परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए। मृतक उमेश सिंह के परिवार ने दोबारा पोस्टमॉर्टम और 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग को लेकर सीतापुर में धरना शुरू कर दिया है।   पोस्टमॉर्टम दोबारा कराने की मांग पर सहमति नहीं   शुक्रवार को परिजनों ने एसडीएम सीतापुर से मुलाकात कर मौत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मंगाए जाने और दोबारा मेडिकल जांच की अनुमति का आग्रह किया। अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि—   पोस्टमॉर्टम न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल टीम द्वारा कराया गया था,   इसलिए कोर्ट से दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं मिल सकी है।     पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अब तक परिजनों को उपलब्ध नहीं हो सकी है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट के लिए बलरामपुर पुलिस से संपर्क किया गया है।   परिजन बोले— मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं   परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक: 1️⃣ पोस्टमॉर्टम दोबारा नहीं कराया जाता, 2️⃣ और 1 करोड़ रुपये का मुआवजा नहीं दिया जाता, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।   पुलिस का दावा— युवक पहले से बीमार और आदतन अपराधी   बलरामपुर पुलिस ने मृतक उमेश सिंह को आदतन बदमाश बताया है। पुलिस के अनुसार—   वह कुख्यात नट गिरोह का सदस्य था,   सिकल सेल से पीड़ित था,   बीमारी के कारण वह 34 बार अस्पताल में भर्ती हो चुका था। पुलिस का दावा है कि सिकल सेल बीमारी बढ़ने के कारण उसकी हालत बिगड़ने से मौत हुई है।     परिजनों का आरोप— पुलिस कस्टडी में पिटाई से हुई मौत   उमेश सिंह को 6 नवंबर को 50 लाख रुपये की चोरी के आरोप में पकड़ा गया था। 9 नवंबर को उसकी हिरासत में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि युवक को पीट-पीटकर मार डाला गया। सोमवार को परिजन बलरामपुर थाना घेरने पहुंचे थे, जिसे पुलिस ने खदेड़ दिया था।   शव को फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया   शव को राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मॉर्च्युरी में रखा गया है।   फ्रीजर मंगवाया गया है,   सुरक्षा के लिए सीएएफ जवान तैनात किए गए हैं।     स्थिति अब भी तनावपूर्ण   सरगुजा आईजी से चर्चा के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल सका है। परिजनों का धरना जारी है और प्रशासन समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है।

बालगीख़ार रोड की जर्जर हालत पर फूटा आक्रोश — युवा कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, नगर निगम और भाजपा सरकार पर लापरवाही के गंभीर आरोप

✍️ भागीरथी यादव   नगर निगम क्षेत्र के बालगीख़ार मुख्य मार्ग की खस्ताहाल स्थिति को लेकर आज युवा कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों, भारी जलभराव और लगातार होती दुर्घटनाओं से नाराज स्थानीय लोगों ने युवा कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे पीसीसी सचिव विकास सिंह ने कहा कि कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार प्रदेशभर में सड़क सुधार आंदोलन जारी है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा— “सरकार अमेरिका जैसी सड़क होने का दावा करती है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। बालगीख़ार रोड की बदहाली प्रशासन की नाकामी का आईना है। बिना सड़क विकास की कल्पना भी संभव नहीं, और इसी लड़ाई को हम निरंतर जारी रखेंगे।” वार्ड पार्षद अयोध्या मस्तूल कंवर ने आम जनता की समस्याओं को मुखरता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण स्कूली बच्चों, मजदूरों और मरीजों को रोजाना जाम और दुःखद परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। “मैंने कई बार जिला प्रशासन को शिकायत की, लेकिन हर बार झूठा आश्वासन देकर गुमराह किया गया। मजबूरन आज हमें धरना देना पड़ रहा है।” — उन्होंने कहा। वहीं नेता प्रतिपक्ष कृपा राम साहू ने नगर निगम और सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा— “पूरा नगर निगम क्षेत्र गड्ढों में तब्दील हो चुका है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं—कहीं किसी का चिराग़ बुझ रहा है, कहीं किसी का सुहाग उजड़ रहा है। भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार के दो साल पूरे हो गए, फिर भी विकास सिर्फ कागजों में है।” प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से दर्री कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश पंकज, महासचिव विवेक श्रीवास, कमलेश गर्ग, उपाध्यक्ष सुनील निर्मलकर, दर्री अध्यक्ष विकास यादव, हरीश भारती, मिंकेतन गभेल, विनोद अग्रवाल, सरफुद्दीन आलम, नारायण यादव, अमित सिंह, किताब सिंह, अभिषेक यादव, संदीप शर्मा, विक्की यादव सहित वार्डवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।   युवा कांग्रेस ने जल्द सड़क मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी है।

NH-130B चौड़ीकरण परियोजना: गैर-प्रभावित जमीनों पर खरीद–बिक्री की रोक समाप्त

✍️ भागीरथी यादव   राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 बी के भैसा से ग्राम कुम्हारी तक 4-लेन चौड़ीकरण कार्य के लिए लगाए गए भूमि क्रय-विक्रय प्रतिबंध में बड़ा बदलाव किया गया है। भू-अर्जन अधिकारी ने आदेश जारी कर बताया कि अब केवल परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित खसरा नंबर तथा उनकी 100 मीटर परिधि में आने वाली भूमि पर ही रोक प्रभावी रहेगी। इसके अलावा सभी खसरों पर लगाई गई रोक हटा दी गई है।   पलारी तहसील में राहत खरतोरा, संडी, कोदवा, गोडा, गिर्रा, कुसमी, घोटिया, कुकदा, पहन्दा, पलारी, रसौटा, बिनौरी, अमेरा और मुडपार गांवों में केवल प्रभावित खसरों व उनके आसपास के क्षेत्र को छोड़कर बाकी जमीन पर अब लेन-देन की अनुमति मिल गई है।   बलौदाबाजार तहसील में भी हटाया गया प्रतिबंध सकरी, लिमाही और मगरचबा गांवों में गैर-प्रभावित खसरा नंबरों से रोक पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।   लवन तहसील के कई गांव मुक्त पनगांव, बिटकुली, लवनबंद, डोटोपार, लाहोद, गिंदोला, खम्हारडीह, मुण्डा, चिरपोटा, कोवि लवन, कोरदा, डोंगरा, परसपाली और डोंगरीडीह में अधिकांश भूमि पर रोक हटने से भूमिधारकों को बड़ी राहत मिली है।   कसडोल तहसील में भी निर्णय लागू चांटीपाली, दर्रा, कसडोल, छरछेद, छांछी, पिसीद, चंडीदीह, सेल और कटगी गांवों में प्रभावित क्षेत्र को छोड़कर बाकी जमीन की खरीद-बिक्री अब सामान्य रूप से हो सकेगी।   इस संशोधन से चौड़ीकरण परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को बड़ी सहूलियत मिलते हुए भूमि लेन-देन की प्रक्रिया पुनः सुचारू हो गई है।

तान नदी तट संरक्षण के लिए बड़ी पहल: पोंडी-उपरोड़ा क्षेत्र में 4.23 करोड़ की स्वीकृति

✍️ भागीरथी यादव   छत्तीसगढ़ – शासन ने कोरबा जिले के विकासखंड पोंडी-उपरोड़ा में तान नदी के दाईं तट पर होने वाले कटाव को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जल संसाधन विभाग द्वारा लेपरा से पोंडी-उपरोड़ा तक बैंक प्रोटेक्शन कार्य के लिए 4 करोड़ 23 लाख 35 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।   मुख्य अभियंता को मिली प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रालय महानदी भवन से जारी आदेश के अनुसार, योजना के क्रियान्वयन के लिए जल संसाधन विभाग, बिलासपुर के मुख्य अभियंता मिनिमाता (हसदेव) बांगो परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।   कटाव रोकने से ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत इस परियोजना के पूर्ण होने पर तान नदी के लगातार कटाव से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी। बैंक प्रोटेक्शन कार्य से बस्तियों, कृषि भूमि और सड़क मार्गों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।   यह मंजूरी क्षेत्र के विकास और नदी तट संरक्षण की दिशा में शासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कोरबा में सड़क बदहाली पर युवा कांग्रेस का हल्ला बोल — रविशंकर प्रसाद नगर से दादर मार्ग की मरम्मत की मांग को लेकर एकदिवसीय धरना

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा। ✍️ शहर की जर्जर सड़कों और नगर निगम की लापरवाही को लेकर आज जिला युवा कांग्रेस (शहर) ने पीसीसी सचिव विकास सिंह के मार्गदर्शन में रविशंकर प्रसाद नगर से दादर जाने वाली सड़क की दुर्दशा के विरोध में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर मौजूद पीसीसी सचिव विकास सिंह ने कहा कि —   > “नगर निगम कोरबा में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर है। जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग कर झूठे प्रचार-प्रसार में लगाया जा रहा है। शहर की वास्तविक समस्याओं — खासकर सड़कों की दुर्दशा — पर निगम और भाजपा सरकार पूरी तरह मौन है।” डीसीसी अध्यक्ष नाथूलाल यादव ने कहा कि शासन-प्रशासन झूठे आंकड़े और उपलब्धियों का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रहा है। “शहर की सड़कों का हाल बेहाल है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बने हुए हैं।”   नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा — > “कांग्रेस सरकार के समय में पूर्व राजस्व मंत्री जी द्वारा कोरबा के लिए 64 करोड़ (गौ माता चौक से होटल रिलेक्स इन तक) और 83 करोड़ (सर्वमंगला मंदिर से दर्री मार्ग तक) की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन आज तक उसका टेंडर तक जारी नहीं हुआ। दो वर्ष बीत गए, पर विकास के नाम पर केवल वादे और विज्ञापन हैं।”   जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज ने स्पष्ट कहा कि — > “कोरबा विधानसभा की सड़कों की हालत बदतर है। दो वर्षों से भाजपा सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई। जब तक टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं होती, तब तक युवा कांग्रेस की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी।” धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पार्षद, कांग्रेस, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख रूप से नारायण कुर्रे, बृजभूषण प्रसाद, पवन विश्वकर्मा, हरि पटेल, दाऊ लाल पटेल, अरुण यादव, रूपेश चंद्रा, पंचराम आदित्य, विजय आनंद, विजय आदिले, साहिल कुरैशी, पिंटू जांगड़े, मनोज चौहान, अरविंद सिंह, शशिराज, सुनील निर्मलकर, अमित सिंह, नारायण यादव, राजेश यादव, अभिषेक ठाकुर, विवेक श्रीवास, कमलेश गर्ग, बाबिल मिरी, नितेश यादव, शशि अग्रवाल, राजमती यादव, सरोज यादव सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे।   युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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अंबिकापुर में फर्जी नाम-धर्म से प्रेमजाल: आदिवासी युवती से धोखाधड़ी और शोषण का आरोप, आरोपी हिरासत में
कोरबा : गणतंत्र दिवस पर पंचायत भवन में उल्टा फहराया गया तिरंगा, ग्रामीणों में आक्रोश