फिडे विश्व कप 2025: गुकेश डी की अगुवाई में भारतीय दल तैयार, 23 साल बाद भारत में हो रहा आयोजन
✍️ भागीरथी यादव गोवा// फिडे विश्व कप 2025 का आगाज 30 अक्टूबर से गोवा में होने जा रहा है। 23 साल बाद भारत इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। इस बार ग्रैंडमास्टर गुकेश डी की अगुवाई में मजबूत भारतीय दल खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में उतर रहा है। मौजूदा संस्करण में गुकेश डी, अर्जुन एरिगैसी और आर. प्रज्ञानंदा को शीर्ष तीन वरीयताएं मिली हैं, जबकि डच ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी विदेशी खिलाड़ियों में सर्वोच्च रैंकिंग पर रहेंगे। टूर्नामेंट में 20 लाख डॉलर की इनामी राशि रखी गई है और इसका आयोजन एकल नॉक-आउट प्रारूप में होगा। भारत की उम्मीदें गुकेश, अर्जुन, प्रज्ञानंदा के साथ विदित गुजराती, पी. हरिकृष्णा और निहाल सरीन जैसे खिलाड़ियों पर टिकी हैं। वहीं, महिला वर्ग में फिडे महिला विश्व कप चैंपियन दिव्या देशमुख वाइल्ड कार्ड से हिस्सा ले रही हैं। फिडे विश्व कप के विजेता को 120,000 डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी और शीर्ष तीन खिलाड़ी कैंडिडेट्स 2026 के लिए क्वालीफाई करेंगे। प्रतियोगिता का समापन 27 नवंबर को होगा।
छाल परिक्षेत्र में मादा हाथी शावक की डूबने से मौत — वन विभाग ने की विस्तृत जांच, दल पर रखी जा रही सतत निगरानी
✍️ भागीरथी यादव धरमजयगढ़// धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल परिक्षेत्र अंतर्गत औरानारा परिसर में एक मादा जंगली हाथी शावक का शव मिलने से क्षेत्र में वन विभाग हरकत में आ गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि शावक की मृत्यु पानी में डूबने से हुई है। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर की शाम लगभग 4 बजे स्थानीय ग्रामीणों ने सराईमुड़ा तालाब (परिसर कक्ष क्रमांक 517 आर.एफ.) के किनारे शावक का शव देखा। सूचना मिलते ही परिक्षेत्राधिकारी और वन अमला मौके पर पहुंचे। सूर्यास्त होने के कारण पोस्टमार्टम की कार्रवाई 29 अक्टूबर की सुबह की गई। वनमंडलाधिकारी, परिक्षेत्राधिकारी और जिला स्तर की तीन सदस्यीय पशु चिकित्सा टीम — जिसमें धरमजयगढ़ के डॉ. विवेक नायक, रायगढ़ के डॉ. नरेंद्र नायक और छाल के डॉ. आशीष राठिया शामिल थे — ने स्थल का निरीक्षण कर नियमानुसार शव विच्छेदन किया। पशु चिकित्सकों की रिपोर्ट के अनुसार, शावक की मृत्यु पानी में डूबने से हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव को वन अधिकारियों की उपस्थिति में दफनाया गया। वन विभाग ने बताया कि पिछले कई दिनों से छाल परिक्षेत्र के औरानारा परिसर में लगभग 22 हाथियों का दल विचरण कर रहा था। संभावना जताई जा रही है कि यह मादा शावक अपने झुंड के साथ पानी पीने और जलक्रीड़ा के दौरान तालाब की गहराई में चली गई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इस संबंध में डीएफओ धरमजयगढ़ श्री जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच जारी है। उन्होंने कहा कि यह मृत्यु आकस्मिक प्रतीत होती है। हाथियों के दल पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम के लिए वन अमले को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के झुंड के निकट न जाएं और किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत निकटतम वन परिक्षेत्र कार्यालय को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
रिश्वतखोरी में फंसे चिकित्सा अधिकारी निलंबित — स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
✍️ भागीरथी यादव सक्ति// स्वास्थ्य विभाग ने भ्रष्टाचार के आरोप में एक चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डभरा, जिला सक्ती में पदस्थ डॉ. राजेन्द्र कुमार पटेल, प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी, को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर ने 17 अक्टूबर 2025 को डॉ. पटेल को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद वे 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस अभिरक्षा में रहे। इसी आधार पर राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए डॉ. पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश 17 अक्टूबर 2025 से प्रभावशील रहेगा। निलंबन अवधि के दौरान डॉ. पटेल का मुख्यालय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, संभाग बिलासपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें मूलभूत नियमों के अंतर्गत जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति का एक और उदाहरण माना जा रहा है।
महिला क्रिकेट विश्वकप में ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई — कहा, “यह ‘नए भारत की नारी शक्ति’ का प्रतीक”
✍️ भागीरथी यादव रायपुर// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला क्रिकेट विश्वकप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम की शानदार जीत पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जब हर गेंद पर उम्मीदें डगमगा रही थीं, तब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अदम्य साहस, संयम और जुनून से पूरे खेल का रुख बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर हमारी बेटियों ने पूरे देश को गर्वित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जीत न केवल भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ती है, बल्कि देश की हर बेटी के आत्मविश्वास, संघर्ष और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि असली खिलाड़ी वही होता है जो कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानता और अपने जज़्बे से इतिहास रच देता है — हमारी बेटियों ने आज यही कर दिखाया है। श्री साय ने कहा कि भारत की बेटियाँ आज विश्वकप के फाइनल में पहुँचकर पूरे राष्ट्र का सिर गर्व से ऊँचा कर चुकी हैं। यह उपलब्धि केवल खेल की नहीं, बल्कि ‘नए भारत की नारी शक्ति’ की उज्ज्वल पहचान है। मुख्यमंत्री ने टीम इंडिया को फाइनल मुकाबले के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ है।
कटघोरा विधायक ने बाँधाखार पंचायत में किया 50 लाख की विकास योजनाओं का शिलान्यास
पाली से ज्ञान शंकर तिवारी का रिपोर्ट भाजपा सरकार में हर पंचायत को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास — प्रेमचंद पटेल कोरबा/पाली: पाली जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बाँधाखार में बुधवार, 29 अक्टूबर को क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल ने लगभग 50 लाख रुपए की लागत से पांच विकास कार्यों का विधिवत पूजन-अर्चन कर शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता जायसवाल ने की, जबकि जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा शोभा सिंह जगत, जनपद सदस्य मनोज कंवर, ग्राम सरपंच प्रिंसी तानु सिंह मरावी एवं उपसरपंच सतीश तिवारी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री पटेल का ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके पश्चात् उन्होंने करोड़ों की लागत से स्वीकृत योजनाओं का शुभारंभ किया, जिनमें — 23.38 लाख रुपए की लागत से दो नवीन आंगनबाड़ी भवन (जिला खनिज न्यास मद), 12.40 लाख रुपए की लागत से एक पीडीएस भवन, 10 लाख रुपए की लागत से मरकीझाला में शेड निर्माण (विधायक मद), तथा 5.20 लाख रुपए की लागत से एक सीसी रोड (समग्र विकास योजना) का निर्माण कार्य शामिल है। विधायक प्रेमचंद पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि “भाजपा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जनता की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर पंचायत को विकास योजनाओं से जोड़ने का हमारा संकल्प है। सरकार की मंशा है कि गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो और आमजनों की समस्याएं दूर हों।” उन्होंने ग्राम पंचायत बाँधाखार की सरपंच प्रिंसी मरावी की सक्रियता और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज समाज में मातृशक्ति हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। “हमारी माताएं-बहनें यदि ठान लें तो समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं। समाज निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” विधायक पटेल ने कहा कि वे अपने क्षेत्र के विकास की गति को रुकने नहीं देंगे और जनता के भरोसे को हमेशा सम्मान देंगे। उन्होंने वादा किया कि क्षेत्र की हर समस्या को चरणबद्ध तरीके से हल किया जाएगा। अंत में पंचायत सचिव सुनील जायसवाल ने विधायक, अतिथियों एवं उपस्थित ग्रामीणों का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि स्वीकृत निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से निश्चित रूप से ग्रामवासियों को सुविधा और लाभ प्राप्त होगा। कार्यक्रम के दौरान पूरे गाँव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला, ग्रामीणों ने इसे अपने पंचायत के लिए विकास का शुभ आरंभ बताया।
गरीब परिवार की बेटी का सपना हुआ साकार — जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह की पहल से मेडिकल कॉलेज की फीस हुई माफ
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। गरीब परिवार से आने वाली प्रतिभाशाली छात्रा हेमलता सोरठे का डॉक्टर बनने का सपना अब साकार होने जा रहा है। यह संभव हुआ है जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह की संवेदनशील पहल से। बीते दिनों 16 अक्टूबर 2025 को ग्राम पंचायत कोडगार (ब्लॉक पोड़ी उपरोड़ा) निवासी शिवबालक सोरठे, जो कि बीपीएल परिवार से संबंध रखते हैं, अपनी पुत्री हेमलता सोरठे के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह के तुमान स्थित निज निवास पहुंचे। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति बताते हुए बेटी की एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए सहायता की गुहार लगाई। बेटी की लगन और पिता की विवशता देखकर डॉ. पवन सिंह ने तुरंत पहल की और कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत से मुलाकात कर छात्रा की समस्या से अवगत कराया। कलेक्टर अजीत बसंत ने छात्रा की स्थिति को देखते हुए शासकीय चिकित्सक महाविद्यालय, महासमुंद में उसकी पूरी फीस — लगभग ₹7,81,000 (सात लाख एक्यासी हजार रुपए) — माफ करने का निर्णय लिया। इस निर्णय से हेमलता और उसके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दिनांक 26 अक्टूबर 2025 को डॉ. पवन सिंह स्वयं ग्राम कोडगार पहुंचकर हेमलता सोरठे के घर गए। उन्होंने दीपावली की शुभकामनाओं के साथ छात्रा को बधाई दी और उपहार भी भेंट किया। डॉ. पवन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि — > “गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों के सपनों को उड़ान देना ही हमारी असली जिम्मेदारी है। शिक्षा ही वह साधन है, जिससे हर परिवार का भविष्य बदल सकता है।” स्थानीय ग्रामीणों ने डॉ. पवन सिंह और कलेक्टर अजीत बसंत के इस मानवीय निर्णय की सराहना की है।
गोंडवाना के जननायक हीरा सिंह मरकाम की 5वीं पुण्यतिथि पर सिमगा में ‘हीरा-मोती सेना’ का विशाल आयोजन
सुशील जायसवाल, सिमगा/सिरमिना से विशेष रिपोर्ट सिमगा में मंगलवार, 28 अक्टूबर को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के संस्थापक एवं आदिवासी समाज के महान नेता दादा हीरा सिंह मरकाम की 5वीं पुण्यतिथि पर भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘हीरा-मोती चौक, सिमगा’ में हुए इस आयोजन में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और अनुयायी एकत्र हुए। सभी ने दादा मरकाम को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। ✦ जननायक का स्मरण: ‘हीरा’ के बिना ‘मोती’ अधूरा आदिवासी समाज में ‘हीरा-मोती’ के नाम से प्रसिद्ध हीरा सिंह मरकाम और आचार्य मोतीरावण कंगाली की जोड़ी ने गोंडी संस्कृति, भाषा और अधिकारों की रक्षा के लिए लंबा संघर्ष किया था। दादा मरकाम का निधन 28 अक्टूबर 2020 को हुआ था, लेकिन उनके विचार आज भी गोंडवाना आंदोलन की दिशा तय कर रहे हैं। ✦ सिमगा में एकजुटता का प्रदर्शन ‘हीरा-मोती सेना’ के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में कार्यकर्ताओं ने विशाल उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में संयोजक योगेन्द्र राजन, अध्यक्ष दिनेश्वर मरकाम, रणजीत आर्मो, दिलेश आयाम, राकेश आर्मों, लक्ष्मण पुलस्त, नाहक, विनोद, देवेंद्र, रामकुमार, आकाश धनुहार, महावीर आर्मो, बिट्टू सरुता, रवि, देव प्रताप समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने दादा मरकाम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके संघर्षों को याद किया। ✦ संघर्ष और स्वाभिमान की मशाल इस अवसर पर संयोजक योगेन्द्र राजन ने कहा— > “दादा मरकाम ने हमें स्वाभिमान से जीना और अधिकार के लिए लड़ना सिखाया। आज हम संकल्प लेते हैं कि उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाएँगे।” वहीं, अध्यक्ष दिनेश्वर मरकाम ने कहा— > “दादा के सिद्धांत ‘जल, जंगल, ज़मीन’ पर सभी का समान अधिकार है। हमें उनकी विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाना है ताकि गोंडवाना आंदोलन की मशाल सदा प्रज्वलित रहे।” ✦ श्रद्धांजलि से आगे — एकजुटता और संकल्प का प्रतीक यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि सभा नहीं, बल्कि गोंडवाना की एकता और स्वाभिमान का प्रतीक बना। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि महान नेता मर सकते हैं, पर उनके विचार अमर रहते हैं। दादा हीरा सिंह मरकाम का नाम सदैव गोंडवाना आंदोलन के इतिहास में सम्मानपूर्वक लिया जाता रहेगा। सिमगा की यह एकजुटता उनके अनुयायियों के अटल विश्वास और संघर्षशीलता की मिसाल बनी।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अब पूरी तरह ऑनलाइन — अक्टूबर 2023 के बाद केवल डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल लॉन्च किए जाने के बाद अब छत्तीसगढ़ राज्य में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों का निर्माण पूरी तरह ऑनलाइन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अप्रैल 2023 से जारी सभी प्रमाण पत्रों को डिजिटल स्वरूप में अनिवार्य कर दिया है। जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में किए गए संशोधन के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र ही जन्म तिथि प्रमाणन का एकमात्र वैध दस्तावेज होगा। जबकि अक्टूबर 2023 से पहले जन्मे बच्चों के लिए अन्य दस्तावेज (जैसे स्कूल रिकॉर्ड, राशन कार्ड आदि) भी जन्म तिथि प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे। राज्य सरकार के अनुसार, पूर्व में मैन्युअल पद्धति से जारी जन्म प्रमाण पत्रों को भी अब डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वरूप में बदला जा सकता है, जिससे पुराने प्रमाण पत्र भी सुरक्षित रूप से संग्रहीत रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, कुछ जिलों में केवल क्यूआर कोड (QR Code) युक्त जन्म प्रमाण पत्रों को ही आधार कार्ड बनाने हेतु स्वीकार किया जा रहा है। इस पर राज्य सरकार ने UIDAI हैदराबाद कार्यालय से अनुरोध किया है कि वे सभी आधार नामांकन केंद्रों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि राज्यभर में एक समान प्रक्रिया लागू हो। संशोधित पोर्टल के आरंभिक चरण में कुछ तकनीकी समस्याएँ अवश्य आई थीं, लेकिन महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा इन्हें शीघ्रता से दूर कर दिया गया। वर्तमान में पोर्टल पूरी तरह तकनीकी रूप से सुचारू रूप से संचालित है। राज्य के सभी जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रारों को नए पोर्टल पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, और आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इससे अब नागरिकों को अपने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा आसानी से उपलब्ध है। 👉 अब राज्य में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों का निर्माण पूर्णतः डिजिटल रूप में — पारदर्शी, सुरक्षित और त्वरित सेवा की दिशा में एक बड़ा कदम।
भारत की पहली डिजिटल जनगणना की तैयारी तेज — उत्तर प्रदेश बना देश की सबसे बड़ी फील्ड प्रयोगशाला
✍️ भागीरथी यादव लखनऊ। भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी फील्ड प्रयोगशाला घोषित किया गया है। जनगणना 2027 की तैयारी के तहत राज्य के तीन क्षेत्रों — अनूपशहर (जनपद बुलंदशहर), मिहीपुरवा (जनपद बहराइच) और प्रयागराज नगर निगम के सात वार्डों में 10 से 30 नवंबर तक ‘प्री टेस्ट’ आयोजित किया जाएगा। यह प्रायोगिक अभ्यास देश की अब तक की सबसे व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत डेटा संग्रह प्रक्रिया का हिस्सा होगा। मुख्य सचिव एस. पी. गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की पहली बैठक में डिजिटलीकरण की रूपरेखा और कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि, “जनगणना देश की जनसांख्यिकी और विकास योजनाओं की रीढ़ है, इसलिए सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।” जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। सभी डेटा संग्रह, प्रविष्टि, सत्यापन और मॉनिटरिंग कार्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाएंगे। राज्य में लगभग छह लाख कार्मिकों को इस कार्य में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक राज्य में किसी नए जनपद, तहसील, नगर निकाय या ग्राम पंचायत के गठन पर रोक रहेगी। इसके साथ ही पहली बार नागरिकों को ‘स्व-गणना (Self Enumeration)’ की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे वे स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। राज्य में एक स्टेट नोडल ऑफिस की स्थापना भी की जाएगी, जो डेटा समन्वय, निगरानी और प्रगति रिपोर्टिंग का कार्य संभालेगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन जुहैर बिन सगीर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डिजिटल जनगणना के माध्यम से हर नागरिक का डेटा सुरक्षित, केंद्रीकृत और तुरंत उपलब्ध रहेगा। इससे नीतियों व विकास योजनाओं के निर्माण में वास्तविक समय के आंकड़ों का उपयोग संभव होगा और भारत को वैश्विक डेटा गवर्नेंस मॉडल की दिशा में अग्रसर करेगा।
















