नगर वासियों एवं शिव शिष्य परिवार पाली ने भक्ति भाव से मनाया छठ पर्व
पाली/कोरबा। संवाददाता – ज्ञान शंकर तिवारी नगर पंचायत पाली में सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। चार दिवसीय इस पर्व का समापन मंगलवार की सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर शिव मंदिर घाट और नौकोनिया तालाब तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हर वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होता है। इसकी शुरुआत चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय से होती है। व्रती महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की लंबी आयु की कामना करती हैं। पाली में शिव शिष्य परिवार एवं नगरवासियों ने मिलकर पूरे भक्ति भाव से नौकोनिया तालाब में सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष अजय जायसवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने पूजा-अर्चना कर नगरवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। पर्व के दौरान नगर में विशेष उत्साह का माहौल रहा। व्रती महिलाओं के साथ उनके परिजनों और बड़ी संख्या में नगरवासियों ने श्रद्धा और आस्था के इस पर्व में भाग लिया। शनिवार को नहाय-खाय से शुरू हुआ यह पर्व मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर संपन्न हुआ। छठ पर्व ने नगर में आस्था और एकता का सुंदर संदेश दिया।
अर्जन के बाद जन्मे पुत्र को मिली न्याय की रोशनी — सुप्रीम कोर्ट ने एसईसीएल की याचिका की खारिज, खुले रोजगार के द्वार
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। वर्षों से न्याय और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे खातेदार परिवारों के चेहरों पर आखिरकार उम्मीद की किरण झलक उठी है। सुप्रीम कोर्ट ने एसईसीएल की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें अर्जन के बाद जन्मे पुत्र को रोजगार देने के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस निर्णय के साथ अब यह साफ हो गया है कि अर्जन के बाद जन्मा व्यक्ति भी अपने पिता के खातेदारी अधिकारों के आधार पर रोजगार पाने का हकदार है। — राहुल जायसवाल के संघर्ष ने बदली व्यवस्था की सोच कुसमुंडा परियोजना के खातेदार के पुत्र राहुल जायसवाल ने वर्ष 2019 में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका (WPS 6186/2019) दायर की थी। हाईकोर्ट ने फरवरी 2025 में राहुल को तीन माह के भीतर रोजगार देने का आदेश दिया। लेकिन एसईसीएल ने इस फैसले के खिलाफ डबल बेंच और फिर सुप्रीम कोर्ट तक अपील की — दोनों ही स्तरों पर एसईसीएल की याचिका खारिज कर दी गई। यह फैसला केवल राहुल जायसवाल के लिए ही नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों के लिए भी राहत लेकर आया है जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे। — तीन वर्षों से धरना, संघर्ष और उम्मीदों की यात्रा माटी अधिकार मंच के नेतृत्व में खातेदार परिवारों ने तीन वर्षों तक अनवरत आंदोलन किया। बिलासपुर मुख्यालय से लेकर कुसमुंडा, गेवरा और दीपका परियोजना तक — हर जगह धरना, गेट जाम और प्रदर्शन हुए। 13–14 अगस्त को एसईसीएल मुख्यालय में अनिश्चितकालीन आंदोलन हुआ और 9 सितंबर को कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय के सामने विशाल विरोध प्रदर्शन। इसके बाद 14 अगस्त, 13 अक्टूबर और 14 अक्टूबर को त्रिपक्षीय वार्ताएं हुईं — जिसमें प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद नीति बनाकर सभी पात्रों को रोजगार प्रदान किया जाएगा। — “अब लड़ाई अंतिम दौर में है” – ब्रजेश कुमार श्रीवास माटी अधिकार मंच के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार श्रीवास ने कहा — > “एसईसीएल के अधिकारी लगातार लोगों को गुमराह कर रहे थे कि कोर्ट का आदेश केवल एक व्यक्ति पर लागू होगा। लेकिन यह निर्णय सार्वभौम सिद्धांत पर आधारित है — अब हर अर्जन के बाद जन्मा खातेदार पुत्र रोजगार पाने का हकदार है।” उन्होंने आगे कहा — > “जब तक हर पात्र परिवार को उसका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।” — आगामी रणनीति 2 नवंबर को तय होगी माटी अधिकार मंच की अगली बैठक 2 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इसमें रोजगार की प्रक्रिया, खाता संयोजन और अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा कर आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। यदि एसईसीएल ने आदेश लागू करने में देरी या आनाकानी की, तो संगठन मुख्यालय और एरिया स्तर पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दे चुका है। — एक उम्मीद, जो अब हकीकत बनी यह निर्णय उन परिवारों के लिए एक नई सुबह लेकर आया है, जिनकी पीढ़ियाँ अपनी मिट्टी के बदले न्याय की आस में खड़ी थीं। अब माटी अधिकार मंच के संघर्ष और न्यायपालिका के फैसले ने यह साबित कर दि या है — > “जिस धरती ने दिया, उसका हक कोई नहीं छीन सकता।”
धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के सख्त निर्देश — किसानों की सुविधा सर्वोपरि, कोचियों और बिचौलियों पर रहेगी कड़ी निगरानी
✍️ भागीरथी यादव बलौदाबाजार। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आगामी 15 नवंबर 2025 से प्रारंभ होने वाली धान खरीदी की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में कृषि, खाद्य, सहकारिता, विपणन, अपेक्स बैंक सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, मंडी सचिव, नोडल अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, सहकारी समितियों के प्रबंधक और ऑपरेटर शामिल हुए। बैठक को सारंगढ़, बरमकेला और बिलाईगढ़ ब्लॉकवार तीन पालियों में आयोजित किया गया, जिसमें कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों के भौतिक सत्यापन, उड़नदस्ता दल के गठन, चेक पोस्ट की व्यवस्था, बारदाने की आपूर्ति और धान स्टैकिंग के तौर-तरीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे, श्रवण कुमार टंडन, सीईओ जिला पंचायत इन्द्रजीत बर्मन, एसडीएम वर्षा बंसल, प्रफुल्ल रजक एवं डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा उपस्थित रहे। — ✅ किसानों की सुविधा सर्वोपरि कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि जिले के 86 धान उपार्जन केन्द्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। खरीदी प्रक्रिया सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होते ही टोकन सिस्टम के माध्यम से खरीदी की जाए और किसानों को छाया, पेयजल, एवं शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। धान खरीदी के दिन ही बारदान सिलाई और धान की किस्मवार स्टैकिंग करने तथा किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। — 🚫 अवैध धान पर कलेक्टर की चेतावनी कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अवैध धान की आवक और खपाने के प्रयासों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में 33 संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों और ओडिशा सीमा क्षेत्र में 21 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन पर राजस्व, मंडी, खाद्य, वन और पुलिस विभागों की संयुक्त उड़नदस्ता टीम तैनात रहेगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अवैध धान पकड़े जाने पर वाहन और धान की जब्ती कर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए और सभी विवरण विभागीय पोर्टल में दर्ज किए जाएं। — 👁️🗨️ कोचियों और बिचौलियों पर निगरानी कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने मंडी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव और शहर क्षेत्रों के कोचियों व बिचौलियों की सूची तैयार करें और उसे खाद्य अधिकारी एवं एसडीएम को सौंपें। यदि किसी कोचिये द्वारा पंजीकृत किसानों के नाम पर अवैध धान की खरीदी या विक्रय का मामला सामने आता है, तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों में सीसीटीवी निगरानी की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
बलौदाबाजार के श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित
✍️ भागीरथी यादव रायपुर/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते बलौदाबाजार में पदस्थ श्रम निरीक्षक श्री रामचरन कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अवैध उगाही करने के आरोप लगाए गए थे। श्रम आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा 24 अक्टूबर को गठित जांच समिति ने प्रारंभिक जांच में पाया कि कौशिक द्वारा कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान अनियमितताएँ एवं कथित अवैध वसूली की गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया। निलंबन अवधि में श्री कौशिक को जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा और उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर (अटल नगर) निर्धारित किया गया है। विभाग ने सभी संबंधित जिला पदाधिकारियों को आदेश की सूचना भेजते हुए कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्रमायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और इस मामले में जांच आगे भी जारी रहेगी।
कोरबा के पटवारी समेत 6 पटवारी गिरफ्तार
जुआ फड़ पर पुलिस का छापा — प्रदेशाध्यक्ष भी शामिल, वायरल वीडियो से विभाग में मचा हड़कंप! रिपोर्ट : पाली से ज्ञान शंकर तिवारी कोरबा। जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब हरदीबाजार तहसील में पदस्थ पटवारी गोविंद सिंह कंवर का नाम एक जुआ फड़ में पुलिस कार्रवाई के दौरान सामने आया। बताया जा रहा है कि जांजगीर के रमन नगर स्थित एक मकान में चल रहे जुआ फड़ पर सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 पटवारी समेत कुल 8 जुआरियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार जुआरियों में पटवारी संघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष ज्योतिष सर्वे (बिलासपुर) का नाम भी शामिल है। इस घटना के बाद से राजस्व विभाग और पटवारी संघ में हड़कंप मच गया है। — 🔹 गिरफ्तार जुआरियों के नाम : 1. गोविंद सिंह कंवर – पटवारी, हरदीबाजार तहसील, पाली ब्लॉक, जिला कोरबा 2. उमेश पटेल – सक्ती जिला 3. हेमचंद तिवारी – जांजगीर जिला 4. राहुल प्रताप सिंह – जांजगीर जिला 5. देवेश अंबष्ट – जांजगीर जिला 6. ज्योतिष सर्वे – कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष, पटवारी संघ (बिलासपुर) 7. हरीश सिंह – ऑपरेटर 8. रवि राठौर – मकान मालिक (जांजगीर निवासी) — 🔹 पुलिस की बरामदगी : कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से ₹40,000 नगद 6 मोबाइल फोन 2 कारें 2 स्कूटी जब्त की हैं। सभी के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। — 🔹 छापेमारी की पूरी कार्रवाई : पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रमन नगर स्थित रवि राठौर के घर में जुआ चल रहा है। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। छापे के दौरान अफरातफरी मच गई, पर पुलिस ने सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। — 🔹 वायरल वीडियो से बढ़ी मुश्किलें : छापेमारी के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, राजस्व विभाग ने आंतरिक जांच की तैयारी शुरू कर दी है और वरिष्ठ अधिकारी सख्त कार्रवाई के मूड में हैं।
कोरबी में छठ पूजा का भव्य आयोजन — डूबते सूर्य को अर्घ्य देने उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
रिपोर्ट: सुशील जायसवाल, कोरबी कोरबी। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का आयोजन सोमवार को कोरबी और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा, भक्ति और आस्था के वातावरण में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शाम ढलते ही क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं और व्रती महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने परंपरा अनुसार डूबते सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। घाटों पर चारों ओर छठी मैया के भजन और लोकगीतों की मधुर धुनें गूंजती रहीं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। पारंपरिक परिधान में सजी महिलाएं फल, ठेकुआ, नारियल, केला, ईख और पूजन सामग्री से भरी टोकरी लेकर परिवारजनों संग घाटों तक पहुंचीं। बाजे-गाजे और आतिशबाजी के साथ श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। छठ पूजा के पवित्र अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश और यातायात व्यवस्था की विशेष तैयारी की गई थी। स्थानीय चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी अपने दल-बल के साथ घाटों पर लगातार मुस्तैद रहे और श्रद्धालुओं को हरसंभव सहयोग प्रदान किया। फुलसर नदी घाट पर शाम का दृश्य अत्यंत मनमोहक रहा — जहां दीपों की लौ, भक्ति गीतों की गूंज और सूर्य को अर्घ्य देते व्रतियों की श्रद्धा ने आस्था का अनूठा संगम रचा। श्रद्धालुओं ने सूर्यास्त के बाद दीप प्रज्वलित कर छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंगलवार सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही यह चार दिवसीय पर्व संपन्न होगा। व्रतियों ने बताया कि छठ पूजा आत्मिक शुद्धि, अनुशासन और सामाजिक एकता का प्रतीक पर्व है, जो हर वर्ष लोगों को भक्ति और सादगी के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
📍कोरबा, छत्तीसगढ़ से विशेष रिपोर्ट
पूर्व उपाध्यक्ष स्व. बनवारी लाल अग्रवाल की बारहवीं एवं पगड़ी रस्म में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए शामिल — कहा, “उनका जीवन सेवा और सादगी का प्रतीक” ✍️ भागीरथी यादव कोरबा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष स्व. बनवारी लाल अग्रवाल की बारहवीं एवं पगड़ी रस्म के अवसर पर आज प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री विष्णु देव साय ने कोरबा पहुंचकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्व. अग्रवाल का जीवन जनसेवा, संगठन और समाज के उत्थान के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने कहा — > “बनवारी लाल अग्रवाल जी ने अपने कर्म और सादगी से राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। वे भाजपा के स्तंभों में से एक थे, जिनकी संगठनात्मक क्षमता और मार्गदर्शन सदैव प्रेरणा देता रहेगा।” कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूरे वातावरण में भावुकता और सम्मान की अनुभूति झलकती रही। पगड़ी रस्म में विधायक धरमलाल कौशिक, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती हर्षिता पांडेय, प्रदेश मंत्री सुश्री रितु चौरसिया, जिला संगठन प्रभारी गोपाल साहू, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह तथा महामंत्री युवा मोर्चा नरेंद्र देवांगन सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिलेभर से भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने स्व. अग्रवाल के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। 15 अक्टूबर 2025 को उनका निधन हो गया था। वे वर्षों तक जनसेवा, संगठन और समाज के विकास के प्रति समर्पित रहे। भाजपा संगठन में उन्हें मुख्य मार्गदर्शक के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त था। पगड़ी रस्म के दौरान वातावरण भावनात्मक हो उठा। श्रद्धांजलि के स्वर और आत्मीय स्मृतियों के बीच सभी ने कहा कि स्व. बनवारी लाल अग्रवाल का जीवन समर्पण, सादगी और सेवा का अद्वितीय उदाहरण है, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी श्रद्धा से याद करती रहेंगी।
मुंगेली में छठ पूजा की धूम — आगर नदी घाट पर महिलाओं ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य, कल उगते सूर्य के साथ होगा व्रत का समापन
📍मुंगेली, छत्तीसगढ़ से अतुल श्रीवास्तव की रिपोर्ट मुंगेली। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर मुंगेली में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। नगर की आगर नदी घाट पर सोमवार शाम बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। कल तड़के उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा। घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सोलह श्रृंगार कर सूप में ठेकुआ, फल, गन्ना, नारियल, सिंघाड़ा और केला सजाकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करती नजर आईं। प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस एवं नगर निगम का अमला तैनात रहा। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल और जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय ने घाट पहुंचकर श्रद्धालुओं को छठ पर्व की बधाई दी और प्रशासन की ओर से सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। 🌞 चार दिनों तक चलने वाला व्रत छठ पूजा की शुरुआत 25 अक्टूबर से नहाय-खाय के साथ हुई थी। इस दिन व्रती महिलाएं पवित्र स्नान कर सात्विक भोजन — लौकी-भात और चने की दाल — से व्रत का आरंभ करती हैं। 26 अक्टूबर को खरना मनाया गया, जिसमें व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनाकर पूजा करती हैं। इसके बाद वे 36 घंटे तक बिना अन्न और जल ग्रहण किए उपवास रखती हैं। 27 अक्टूबर को संध्या अर्घ्य दिया गया, जिसमें महिलाएं सूर्यास्त के समय घाटों पर पूजा करती हैं। अब 28 अक्टूबर की सुबह प्रातः अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा। यह क्षण छठ पूजा का सबसे पवित्र माना जाता है। 🌅 व्रतियों की श्रद्धा और भावनाएं व्रती अनामिका सिंह ने कहा — > “छठ पूजा भगवान सूर्य की उपासना का पर्व है। डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर हम अपने परिवार की खुशहाली और उन्नति की कामना करते हैं।” वहीं समिति के अध्यक्ष अभिलाष सिंह ने पर्व के दौरान प्रशासन और पुलिस के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सहयोग से घाटों पर सुरक्षा और स्वच्छता की उत्तम व्यवस्था रही। 🌼 छठ पर्व का महत्व छठ पूजा सूर्य देव और छठी मइया की आराधना का त्योहार है, जो शुद्धता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति आभार का प्रतीक है। मान्यता है कि इस व्रत से संतान सुख, परिवार में सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। मुंगेली के घाटों पर दीपों की रोशनी, भक्ति गीतों और व्रतियों की आस्था से वातावरण पूरी तरह पावन और भक्तिमय बना हुआ है।
सर्व हिंदू समाज का मुंगेली में जोरदार प्रदर्शन — गौवंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और धर्मांतरण विरोधी कानून की मांग
मुंगेली। गौवंश संरक्षण और धर्मांतरण रोकथाम जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को लेकर आज मुंगेली में सर्व हिंदू समाज ने एक विशाल शांतिपूर्ण पैदल रैली निकाली। रैली में जिले के सैकड़ों लोग शामिल हुए और “गौ हत्या बंद करो, धर्मांतरण रोक लगाओ” जैसे नारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा। रैली का शुभारंभ कृषि उपज मंडी से हुआ, जो मुख्य मार्गों से होते हुए रेस्ट हाउस परिसर पहुंची। यहां प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गौवंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गौ-रक्षा कानून को सख्ती से लागू करने तथा अवैध धर्मांतरण के मामलों में कठोर कार्रवाई की मांग रखी गई। रैली का नेतृत्व गौवंश सेवक आदेश सोनी (बिलासपुर) और ठाकुर राम सिंह ने किया। आदेश सोनी ने कहा — > “हम 2026 तक गौवंश को राज्य माता का दर्जा दिलाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं। अगर सरकार ने हमारी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।” उन्होंने गौवंश को हिंदू संस्कृति का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसका संरक्षण केवल धार्मिक नहीं बल्कि नैतिक दायित्व भी है। वहीं, ठाकुर राम सिंह ने धर्मांतरण के मुद्दे पर सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा — > “मैंने पहले भी धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके कारण जेल की सजा भी भुगतनी पड़ी, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे। सरकार को अब सख्त कदम उठाने होंगे ताकि हिंदू समाज की धार्मिक स्वतंत्रता सुरक्षित रह सके।” रैली के दौरान पूरे समय शांति व्यवस्था बनी रही। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त कर मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। यह प्रदर्शन न केवल गौवंश संरक्षण और धार्मिक अस्मिता की मांग का प्रतीक बना, बल्कि समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और एकजुटता का संदेश भी दे गया।
बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : भर्ती में आयु सीमा तय करना राज्य सरकार का अधिकार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि किसी भी पद पर नियुक्ति या पदोन्नति के लिए आयु सीमा तय करना राज्य सरकार का अधिकार है। अदालत ने कहा कि यह नियम न तो मनमाना है और न ही संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करता है। यह फैसला जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया। मामला लीगल मेट्रोलॉजी विभाग से जुड़ा है, जहां राज्य सरकार ने इंस्पेक्टर के पद पर सीमित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से पदोन्नति के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष (सामान्य वर्ग के लिए) और 50 वर्ष (अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए) निर्धारित की थी। रायपुर निवासी खोमिन नायक ने इस प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि वे सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत थीं, परंतु आयु सीमा पार होने के कारण उन्हें परीक्षा से अयोग्य घोषित कर दिया गया। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने तर्क दिया कि भर्ती में आयु सीमा निर्धारित करना नियोक्ता का विशेषाधिकार है और यह नीति-निर्माण का विषय है। साथ ही बताया गया कि यह नियम सीधी भर्ती से संबंधित है, न कि सामान्य पदोन्नति से। हाईकोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा — > “पदोन्नति कोई निहित अधिकार नहीं है। सरकार को यह अधिकार है कि वह किसी विशेष पद के लिए पात्रता एवं आयु सीमा तय करे। यह नियम उचित और तर्कसंगत है।” इस फैसले के साथ हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी, और राज्य सरकार की नीति को वैधानिक और संवैधानिक रूप से सही ठहराया।
















