चुनाव से पहले प्रशासन की बड़ी कार्रवाई — मुन्ना शुक्ला, अजय वर्मा सहित 28 कुख्यात अपराधी भागलपुर जेल शिफ्ट

✍️ भागीरथी यादव   पटना/भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए राज्य प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से बेऊर जेल में बंद बाहुबलियों, कुख्यात अपराधियों और अन्य बंदियों को भागलपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया है। अब तक कुल 28 कुख्यात अपराधियों को भागलपुर जेल भेजा जा चुका है।   इस सूची में बृजबिहारी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मुन्ना शुक्ला और पटना के कुख्यात अजय वर्मा के नाम भी शामिल हैं। दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार देर रात भागलपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया।   बताया जा रहा है कि यह कदम चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या प्रभाव को रोकने के लिए उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला इस बार वैशाली के लालगंज सीट से राजद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। लालगंज में पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है।   इसी प्रकार, पूर्व राजद एमएलसी ललन श्रीवास्तव के बेटे अविनाश श्रीवास्तव को भी भागलपुर जेल भेजा गया है। अविनाश पर पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर अमरावती देवी के पति दीना गोप की एके-47 से हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने उसे पांच वर्ष पूर्व नेपाल भागने के प्रयास के दौरान रक्सौल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था।   इसके अलावा शुभम उर्फ राजा, दानिश, जयंतकांत राय, चंदन कुमार, सोनू कुमार शर्मा, बबलू सहनी, लक्ष्मी सिंह, गौतम उर्फ चीकू, विशाल कुमार, भरत सिंह और नीरज चौधरी समेत कई अन्य अपराधियों को भी बेऊर जेल से भागलपुर जेल ट्रांसफर किया गया है।   पुलिस सूत्रों के अनुसार, चुनाव को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है और आने वाले दिनों में कुछ और बंदियों को भी अन्य जेलों में शिफ्ट किया जा सकता है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: तेजस्वी यादव के वादों की झड़ी — हर घर सरकारी नौकरी, पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना

✍️ भागीरथी यादव   पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक के बाद एक बड़े चुनावी वादों की झड़ी लगा दी। तेजस्वी ने कहा कि अगर राज्य में उनकी सरकार बनी तो पंचायती राज प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना, पूर्व प्रतिनिधियों को पेंशन, और पीडीएस डीलरों की आमदनी में बढ़ोतरी की जाएगी।   तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि “अब बिहार को सिर्फ 20 महीने का मौका दें, हमारी सरकार राज्य को नंबर-1 बनाएगी।” उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है और महागठबंधन वही विकल्प देगा जो राज्य को विकास की राह पर ले जाएगा।     —   तेजस्वी यादव के प्रमुख चुनावी वादे   1. पंचायती प्रतिनिधियों का मानदेय और पेंशन त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना किया जाएगा। पूर्व प्रतिनिधियों को पेंशन दी जाएगी। ग्राम कचहरियों की शक्तियां बढ़ाई जाएंगी और सभी प्रतिनिधियों के लिए 50 लाख रुपये का बीमा कवर लागू किया जाएगा।     2. पीडीएस डीलरों को बढ़ावा पीडीएस डीलरों को प्रति क्विंटल मार्जिन मनी (कमीशन) में वृद्धि की जाएगी। अनुकंपा नियुक्ति में 58 वर्ष की आयु सीमा समाप्त की जाएगी।     3. लघु उद्योगों को प्रोत्साहन लोहार, कुम्हार, बढ़ई, नाई जैसे परंपरागत व्यवसायों से जुड़े लोगों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा, जिसे पांच वर्षों में लौटाना होगा।     4. हर घर सरकारी नौकरी योजना सरकार बनने के बीस दिनों के भीतर अध्यादेश लाकर “हर घर में सरकारी नौकरी” की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।     5. बुनियादी सुविधाओं पर जोर राज्य में बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में व्यापक सुधार किया जाएगा।         —   प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर तीखे हमले करते हुए कहा कि “वर्तमान सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है, कोई ठोस काम नहीं हुआ। फैक्ट्रियां गुजरात में लगाई जाती हैं और वोट लेने बिहार में आते हैं।”   उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार भ्रष्टाचार मुक्त और विकासोन्मुखी होगी। पंचायत प्रतिनिधियों, पीडीएस डीलरों, लघु उद्योगों और आम नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं की शुरुआत की जाएगी।

सतारा में महिला डॉक्टर की आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा, प्रशांत बनकर गिरफ्तार

  ✍️ भागीरथी यादव   सतारा (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के सतारा जिले में 29 वर्षीय महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि मृतक डॉक्टर ने अपनी हथेली पर एक नोट में पुलिस सब-इंस्पेक्टर और एक व्यक्ति प्रशांत बनकर का नाम लिखा था। इस सुराग के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शुक्रवार रात प्रशांत बनकर को गिरफ्तार कर लिया।   पुलिस के अनुसार, प्रशांत बनकर उस मकान मालिक का बेटा है जहां डॉक्टर किराए पर रह रही थी। डॉक्टर सतारा के फलटण क्षेत्र में महाराष्ट्र सरकार द्वारा संचालित एक अस्पताल में अनुबंधित चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। गुरुवार रात शहर के एक होटल के कमरे में उनका शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था।   जांच अधिकारियों ने बताया कि प्रशांत बनकर, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, घटना के बाद पुणे के पास एक दोस्त के फार्महाउस में छिपा हुआ मिला। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि डॉक्टर और प्रशांत बनकर के बीच संबंध थे, और वह पिछले कुछ महीनों से मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थीं।   पुलिस सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या से कुछ घंटे पहले यानी 23 अक्टूबर को दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। वहीं, डॉक्टर के परिजनों ने आरोप लगाया है कि एक स्थानीय सांसद ने एक बिचौलिए के माध्यम से जांच को प्रभावित करने की कोशिश की है, हालांकि पुलिस ने इस दावे की अभी पुष्टि नहीं की है।   फलटण पुलिस का कहना है कि प्रशांत बनकर से लगातार पूछताछ की जा रही है और जांच आगे बढ़ने पर अन्य गिरफ्तारियां भी संभव हैं।

एफएटीएफ ने पाकिस्तान को चेताया – ग्रे लिस्ट से बाहर होने का मतलब नहीं, निगरानी खत्म हो गई है

✍️ भागीरथी यादव   पेरिस, 26 अक्टूबर 2025 — वैश्विक आतंक वित्तपोषण पर नजर रखने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अक्टूबर 2022 में ग्रे लिस्ट से बाहर किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अब उस पर निगरानी समाप्त हो गई है।   एफएटीएफ की अध्यक्ष एलिसा दे आंडा माद्राजो ने फ्रांस में आयोजित बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान सहित सभी देशों को अवैध आर्थिक गतिविधियों और आतंक वित्तपोषण के खिलाफ लगातार सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा,   > “कोई भी देश जो कभी ग्रे लिस्ट में रहा है, वह अपराधियों की गतिविधियों से पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता — चाहे वे धन शोधन करने वाले हों या आतंकवादी।”       माद्राजो ने स्पष्ट किया कि ग्रे लिस्ट से बाहर होना प्रक्रिया का अंत नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की शुरुआत है कि देश अपनी नीतियों और वित्तीय तंत्र को मजबूत करें ताकि अपराधी उनका दुरुपयोग न कर सकें।   पाकिस्तान को अक्टूबर 2022 में एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से हटाया गया था, लेकिन उसकी निगरानी एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) के माध्यम से अब भी जारी है। यह देखा जा रहा है कि पाकिस्तान आतंक वित्तपोषण रोकथाम के उपायों को किस हद तक लागू कर रहा है।   रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैसे जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) डिजिटल वॉलेट और छिपे वित्तीय नेटवर्क के जरिए अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।   भारत की ‘नेशनल रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट 2022’ ने भी पाकिस्तान को आतंक वित्तपोषण के प्रमुख स्रोत के रूप में चिन्हित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वहां की सरकारी संस्था ‘नेशनल डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स (एनडीसी)’ से जुड़े संगठनों के माध्यम से आतंकियों को वित्तीय सहायता मिलती रही है।   पेरिस में हुई बैठक में एफएटीएफ ने नए मूल्यांकन मानकों के तहत बेल्जियम और मलेशिया की समीक्षा की, जबकि बुर्किना फासो, मोज़ाम्बिक, नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका को ग्रे लिस्ट से हटा दिया गया।   माद्राजो ने कहा, “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है — आतंकवादियों और अपराधियों को धन से वंचित करना और वैश्विक वित्तीय तंत्रको सुरक्षित बनाना।”

आरबीआई का नया ड्राफ्ट सर्कुलर: बैंकों को कंपनियों के अधिग्रहण में लोन देने की अनुमति, 1 अप्रैल 2026 से लागू

✍️ भागीरथी यादव   नई दिल्ली – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक नया ड्राफ्ट सर्कुलर जारी किया है, जिसमें भारतीय कंपनियों को घरेलू या विदेशी फर्मों में पूरा या नियंत्रित स्टेक खरीदने के लिए बैंकों द्वारा लोन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। केंद्रीय बैंक ने इन मानदंडों को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का सुझाव दिया है।   सर्कुलर के अनुसार, बैंकों द्वारा दिया जाने वाला यह लोन शॉर्ट-टर्म फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग के बजाय लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट का हिस्सा होगा। अधिग्रहण करने वाली कंपनियों को लिस्टेड होना आवश्यक है और उनकी नेट वर्थ मजबूत होनी चाहिए। इसके लिए पिछले तीन वर्षों का प्रॉफिट रिकॉर्ड भी देखा जाएगा।   आरबीआई ने बताया कि अधिग्रहण मूल्य का अधिकतम 70 प्रतिशत बैंक फंड कर सकता है, जबकि कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा अधिग्रहण करने वाली कंपनी को अपने धन से इक्विटी के रूप में जुटाना होगा। साथ ही, किसी बैंक का कुल एक्सपोजर उसके टियर-I कैपिटल के 10 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगा।   सर्कुलर में कहा गया है कि बैंक सीधे एक्वायरिंग कंपनी को लोन दे सकते हैं या इस कंपनी द्वारा टारगेट एंटिटी को खरीदने के लिए स्थापित स्टेप-डाउन स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) को फंडिंग प्रदान कर सकते हैं।   केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोन देने वाले बैंकों के पास एक्विजिशन फाइनेंस पर एक पॉलिसी होनी चाहिए, जिसमें उधार लेने वालों की योग्यता, सिक्योरिटी, रिस्क मैनेजमेंट, मार्जिन, मॉनिटरिंग टर्म्स और अन्य शर्तों का विवरण शामिल हो।   साथ ही, बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक्वायरिंग कंपनी और एसपीवी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां या अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड जैसे वित्तीय इंटरमीडियरी न हों। इसके अलावा, एक्वायर करने वाली और टारगेट कंपनी आपस में रिलेटेड पार्टी नहीं होनी चाहिए। अधिग्रहण मूल्य बाजार नियामक सेबी के नियमों के तहत तय किया जाएगा और क्रेडिट असेस्मेंट के लिए दोनों कंपनियों की संयुक्त बैलेंसशीट का मूल्यांकन किया जाएगा।

एनएचएआई का बड़ा कदम : अब हर टोल प्लाजा पर दिखेगी ‘स्थानीय मासिक पास’ और ‘वार्षिक पास’ की जानकारी

✍️ भागीरथी यादव   नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल संचालन में पारदर्शिता और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है। अब देश के सभी टोल प्लाजा पर ‘स्थानीय मासिक पास’ और ‘वार्षिक पास’ से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी।   एनएचएआई के अनुसार, इस पहल का मकसद यात्रियों को इन पासों की उपलब्धता, दरों और प्रक्रिया के बारे में सटीक और स्पष्ट जानकारी प्रदान करना है। इसके लिए टोल प्लाजा के प्रवेश द्वार, ग्राहक सेवा क्षेत्र और प्रवेश/निकास बिंदुओं पर विशेष साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे। ये बोर्ड अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय भाषा में होंगे ताकि हर यात्री आसानी से जानकारी प्राप्त कर सके।   प्राधिकरण ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को 30 दिनों के भीतर यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, इन विवरणों को ‘राजमार्ग यात्रा’ मोबाइल ऐप और एनएचएआई की परियोजना वेबसाइटों पर भी अपलोड किया जाएगा ताकि यूजर्स को डिजिटल माध्यम से भी जानकारी मिल सके।   एनएचएआई ने बताया कि शुल्क प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निजी वाहन धारक ‘स्थानीय मासिक पास’ का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र और पते का प्रमाण जैसे दस्तावेज आवश्यक होंगे। सत्यापन के बाद पास शुल्क प्लाजा के हेल्पडेस्क से जारी किया जाएगा।   इसी तरह, केवल कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए ‘वार्षिक पास’ सुविधा भी उपलब्ध है। इसे राजमार्गयात्रा ऐप से खरीदा जा सकता है। 3,000 रुपये के एकमुश्त शुल्क पर यह पास 1 वर्ष या 200 टोल पार करने तक वैध रहेगा और देशभर के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर मान्य होगा।   एनएचएआई का कहना है कि यह पहल न केवल यात्रियों के अनुभव को सहज बनाएगी, बल्कि टोल शुल्क प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

भारतीय विज्ञापन जगत ने खोया अपना चमकता सितारा, ओगिल्वी इंडिया के क्रिएटिव लीजेंड पीयूष पांडे का निधन

✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज और ओगिल्वी इंडिया के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर पीयूष पांडे का 70 वर्ष की आयु में गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन से न केवल विज्ञापन उद्योग बल्कि पूरे रचनात्मक जगत में शोक की लहर है। पांडे को भारतीय विज्ञापन को उसकी “अपनी भाषा और आत्मा” देने वाले व्यक्ति के रूप में जाना जाता था।   दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि लेखक और कॉमेडियन सुहेल सेठ ने एक्स पर लिखा, “मेरे सबसे प्यारे दोस्त पीयूष पांडे जैसे प्रतिभाशाली व्यक्ति के निधन से मैं बेहद दुखी और स्तब्ध हूं। भारत ने विज्ञापन जगत की एक महान हस्ती ही नहीं, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और सज्जन इंसान को खोया है। अब जन्नत में भी गूंजेगा ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा।’”   अदाणी ग्रुप के एग्रो और ऑयल एंड गैस डिवीजन के एमडी प्रणव अदाणी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “मेरे प्रिय मित्र पीयूष पांडे के निधन से स्तब्ध हूं। उन्होंने भारतीय विज्ञापन जगत को वैश्विक शक्ति के रूप में आकार दिया और कई पीढ़ियों के कहानीकारों को प्रेरित किया। उनकी गर्मजोशी और बुद्धिमत्ता की कमी हमेशा महसूस होगी। ओम शांति।”   फिल्ममेकर हंसल मेहता ने भी पोस्ट कर लिखा, “फेविकोल का जोड़ टूट गया, आज विज्ञापन जगत ने अपनी चमक खो दी। पीयूष पांडे, आप हमेशा याद रहेंगे।”   जयपुर से विज्ञापन की दुनिया तक 1955 में जयपुर में जन्मे पीयूष पांडे नौ भाई-बहनों में चौथे स्थान पर थे। उनके भाई प्रसून पांडे प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक हैं, जबकि बहन ईला अरुण जानी-मानी गायिका और अभिनेत्री हैं। पांडे ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातकोत्तर किया और 1982 में ओगिल्वी इंडिया से अपने करियर की शुरुआत की।   आइकॉनिक विज्ञापनों के जनक उनका पहला विज्ञापन ‘सनलाइट डिटर्जेंट’ के लिए था। बाद में उन्होंने फेविकोल, कैडबरी, एशियन पेंट्स और हच जैसे ब्रांड्स के लिए ऐसे विज्ञापन बनाए जो भारतीय जनमानस की स्मृतियों में अमर हो गए। “कुछ खास है”, “हर खुशी में रंग लाए”, और “व्हेरेवर यू गो, आवर नेटवर्क फॉलोज” जैसे टैगलाइन उनकी ही सोच का नतीजा थीं।   उन्होंने 2014 में बीजेपी के लिए चर्चित नारा “अबकी बार, मोदी सरकार” भी तैयार किया था। साथ ही, ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ जैसे एकता गीत और कई सामाजिक अभियानों में भी उनका योगदान रहा।   पुरस्कार और सम्मान पीयूष पांडे को 2016 में पद्मश्री, 2024 में एलआईए लीजेंड अवार्ड, तथा क्लियो लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड सहित कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। उनके नेतृत्व में ओगिल्वी इंडिया ने लगातार 12 वर्षों तक देश की नंबर 1 एजेंसी का दर्जा बनाए रखा।   विरासत जो हमेशा जिंदा रहेगी पीयूष पांडे सिर्फ एक विज्ञापन निर्माता नहीं, बल्कि एक कहानीकार, प्रेरक और भारतीय रचनात्मकता के प्रतीक थे। उनके बनाए शब्द, भाव और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।  

आंध्र प्रदेश में बनेगा देश का पहला AI विश्वविद्यालय, मंत्री नारा लोकेश ने दी जानकारी

✍️ भागीरथी यादव   ब्रिस्बेन/अमरावती, 24 अक्टूबर 2025   आंध्र प्रदेश सरकार राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) विश्वविद्यालय स्थापित करने की तैयारी में है। यह जानकारी राज्य के शिक्षा, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान दी। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय राज्य में तकनीकी शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देगा।     —   🎓 स्कूल स्तर से शुरू होगा AI पाठ्यक्रम   मंत्री लोकेश ने बताया कि आंध्र प्रदेश सरकार ने स्कूल स्तर से ही AI पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए सरकारी स्कूलों में AI और रोबोटिक्स लैब्स स्थापित की जा रही हैं, जिससे छात्र भविष्य की तकनीक से परिचित हो सकें।     —   🤝 ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों से बढ़ेगी साझेदारी   अपने ब्रिस्बेन और गोल्ड कोस्ट दौरे के दौरान नारा लोकेश ने कई शीर्ष विश्वविद्यालयों, व्यापारिक नेताओं और नवाचार विशेषज्ञों से मुलाकात की। उन्होंने शिक्षा, निवेश और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।   ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी, गोल्ड कोस्ट की यात्रा के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट (ग्लोबल) मार्नी वॉटसन से मुलाकात की और शिक्षा, खेल एवं नवाचार पर विचार-विमर्श किया।   लोकेश ने ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी इंडिया सेंटर को आंध्र प्रदेश में स्थापित करने का प्रस्ताव दिया, ताकि संयुक्त शोध, छात्र विनिमय और अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने विश्वविद्यालय को AP स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, SRM–AP, आंध्र यूनिवर्सिटी, और VIT–AP जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी करने का आमंत्रण दिया।     —   🌏 पार्टनरशिप समिट–2025 में भाग लेने का निमंत्रण   मंत्री ने ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों को अगले महीने आयोजित होने वाले पार्टनरशिप समिट–2025 और AP ग्लोबल एजुकेशन फोरम में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया।     —   💼 भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार में आंध्र प्रदेश की बड़ी भूमिका   ब्रिस्बेन में आयोजित एक उच्चस्तरीय व्यावसायिक बैठक में नारा लोकेश ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते (ECTA) के बाद द्विपक्षीय व्यापार 24.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें आंध्र प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।   उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में पिछले 16 महीनों में राज्य में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आए हैं। इन निवेशों में गूगल, आर्सेलर मित्तल जैसी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं।     —   🐟 मत्स्य पालन और खेल अवसंरचना में सहयोग   लोकेश ने जेम्स कुक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कैल ज़ेंगर से मुलाकात की और मत्स्य पालन (Aquaculture) में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने रोग-रोधी और उच्च उत्पादकता वाली मछलियों एवं झींगा प्रजातियों के विकास में तकनीकी मदद मांगी।   इसके अलावा, उन्होंने पॉप्युलस नामक वैश्विक स्पोर्ट्स आर्किटेक्चर कंपनी के अधिकारियों से भी मुलाकात की। यह कंपनी लंदन ओलंपिक स्टेडियम, अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम और न्यूयॉर्क का यांकी स्टेडियम डिजाइन कर चुकी है। लोकेश ने पॉप्युलस को आंध्र प्रदेश के स्पोर्ट्स हब विजन में साझेदारी का निमंत्रण दिया।     —   💡 शिक्षा और तकनीक में अग्रणी बनने की दिशा में कदम   क्वींसलैंड ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट द्वारा आयोजित एक शिक्षा सम्मेलन में लोकेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश शिक्षा सुधारों में अग्रणी राज्य बन रहा है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण योजनाओं में AI आधारित समाधान अपना रही है, जिससे सेवाएं अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो रही हैं।     —

रक्षा मंत्रालय ने जारी किया ‘डिफेंस प्रोक्योरमेंट मैनुअल 2025’, 1 नवंबर से होगा लागू

✍️ भागीरथी यादव   नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2025   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में ‘डिफेंस प्रोक्योरमेंट मैनुअल 2025’ (DPM-2025) जारी किया। यह नया मैनुअल आगामी 1 नवंबर 2025 से प्रभावी होगा। इसके लागू होने से रक्षा मंत्रालय के अधीन तीनों सेनाओं और अन्य प्रतिष्ठानों द्वारा किए जाने वाले लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के रेवेन्यू प्रोक्योरमेंट की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो जाएगी।   कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव, डीआरडीओ प्रमुख, तथा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।     —   🔰 प्रक्रियाओं में सरलता और पारदर्शिता पर जोर   रक्षा मंत्री ने मैनुअल के संशोधन में शामिल रक्षा मंत्रालय और एचक्यू इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह नया मैनुअल रक्षा खरीद प्रक्रिया को एकरूप और पारदर्शी बनाएगा, जिससे सशस्त्र बलों को आवश्यक सामान और सेवाएं समय पर प्राप्त होंगी और उनकी ऑपरेशनल तैयारियां और सशक्त होंगी।   उन्होंने कहा कि इस मैनुअल से एमएसएमई और स्टार्टअप्स को रक्षा उत्पादन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती देंगे।     —   ⚙️ मैनुअल की प्रमुख विशेषताएं   प्रक्रियाओं को सरल और निर्णय प्रक्रिया को तेज करने का प्रावधान।   निर्णय लेने में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा।   सामान्य मामलों में अधिकतम 10% तक ही विलंब शुल्क लगाया जाएगा।   50 लाख रुपए तक की खरीद के लिए सीमित निविदा का प्रावधान।   विशेष परिस्थितियों में इससे अधिक राशि के लिए भी अनुमति दी जा सकेगी।       —   🛡️ रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में 79,000 करोड़ के प्रस्ताव स्वीकृत   उसी दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में सशस्त्र बलों की युद्धक क्षमता और सामरिक तैयारी को सुदृढ़ करने हेतु लगभग 79,000 करोड़ रुपए के विभिन्न रक्षा अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।   प्रमुख स्वीकृत प्रस्तावों में शामिल हैं —   भारतीय थलसेना के लिए नाग क्षेपणास्त्र प्रणाली (ट्रैक्ड) मार्क-2,   भारतीय नौसेना के लिए 30 मिमी नेवल सरफेस गन,   और भारतीय वायुसेना के लिए कोलैबोरेटिव लॉन्ग रेंज टार्गेट सैचुरेशन/डिस्ट्रक्शन सिस्टम।       —   🇮🇳 आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम   रक्षा मंत्री ने कहा कि नया मैनुअल और स्वीकृत अधिग्रहण प्रस्ताव भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। इससे स्थानीय उद्योगों, MSMEs और स्टार्टअप्स को रक्षा क्षेत्र में भागीदारी के अधिक अवसर मिलेंगे।

नीरज चोपड़ा को मिला बड़ा सम्मान, भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट कर्नल

✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। भारत के गौरव और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नीरज को पिप पहनाकर यह सम्मान प्रदान किया।   समारोह के दौरान रक्षामंत्री ने कहा कि नीरज चोपड़ा ने अपने समर्पण और उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल देश का नाम रोशन किया है, बल्कि भारतीय युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। उन्होंने कहा, “नीरज ने साबित किया है कि अनुशासन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।” नीरज चोपड़ा भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स इकाई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने सेना में शामिल रहते हुए खेल में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और भारत को ओलंपिक, एशियाई खेलों और विश्व चैम्पियनशिप में कई बार स्वर्ण पदक दिलाया।   सम्मान प्राप्त करने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा, “भारतीय सेना हमेशा मेरे दिल के करीब रही है। यह रैंक मेरे लिए सम्मान के साथ ज़िम्मेदारी का प्रतीक भी है। मैं देश और सेना दोनों के गौरव के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देता रहूंगा।”   फोटो कैप्शन: नई दिल्ली में आयोजित विशेष समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ओलंपिक विजेता नीरज चोपड़ा को लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक से सम्मानित किया।  

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