उत्तर प्रदेश में सड़क क्रांति: एक्सप्रेसवे और हाईवे नेटवर्क ने बदली विकास की तस्वीर

✍️ भागीरथी यादव   लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और ग्रामीण सड़कों का विशाल नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है। देश में सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क 2017 से पहले यूपी में केवल 3 एक्सप्रेसवे थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 22 हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर का विकास तेजी से हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों में 41% योगदान पिछले दो दशकों में यूपी का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 5,599 किमी से बढ़कर 12,292 किमी हो गया है। देश के कुल राष्ट्रीय राजमार्गों में प्रदेश की हिस्सेदारी 7.48% से बढ़कर 41% पहुंच गई है। शहरों से गांव तक आसान कनेक्टिविटी बेहतर सड़कों से यातायात सुगम हुआ है, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है। ग्रामीण सड़कों का तेज विस्तार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण मार्गों की कुल लंबाई 2017 से अब तक 77,425 किमी तक पहुंच गई है, जिससे अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। योगी सरकार का लक्ष्य 2029 तक यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसके लिए “सड़कों का गोल्डन नेटवर्क” आधार साबित हो रहा है।

डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: देशभर की जांच अब CBI के हवाले

  देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा कदम उठाते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने इसे अन्य साइबर मामलों से अलग रखते हुए उच्च प्राथमिकता पर जांच करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि डिजिटल ठगी को अंजाम देने में जिन बैंक अकाउंट्स और बैंकरों की भूमिका रही है, उनकी जांच भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत होगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए RBI को पक्षकार बनाया और पूछा कि संदिग्ध खातों की पहचान और रकम को फ्रीज करने के लिए AI–ML सिस्टम कब लागू किया जाएगा। आईटी इंटरमीडियरी रूल्स 2021 के तहत सभी एजेंसियों व प्लेटफॉर्म्स को CBI को पूर्ण सहयोग देने का आदेश दिया गया है। जिन राज्यों ने अभी तक सीबीआई को सामान्य सहमति नहीं दी है, उन्हें भी आईटी एक्ट से जुड़े मामलों में सहमति देने के निर्देश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर इंटरपोल की मदद भी ली जा सकती है। टेलीकॉम कंपनियों द्वारा फर्जी पहचान पर सिम जारी करने की लापरवाही पर कोर्ट ने दूरसंचार विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सभी राज्यों को तत्काल साइबर क्राइम सेंटर स्थापित करने तथा साइबर अपराधों में जब्त मोबाइल व डिजिटल डिवाइस का डेटा सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है। साथ ही आईटी एक्ट 2021 में दर्ज सभी एफआईआर को सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि इस स्कैम में सबसे ज्यादा सीनियर सिटिज़न्स पीड़ित हुए हैं, जिन्हें धमकाकर और झूठी “ऑनलाइन गिरफ्तारी” दिखाकर ठगा गया।

डिजिटल-अरेस्ट स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: CBI को देशभर में स्वतंत्र जांच का आदेश, संदिग्ध बैंक खातों पर बिना FIR भी लगेगी रोक

  नई दिल्ली। देशभर में तेजी से फैल रहे डिजिटल-अरेस्ट स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार को सीबीआई को पूरे भारत में स्वतंत्र जांच का अधिकार दे दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने स्पष्ट तौर पर कहा कि साइबर फ्रॉड में उपयोग किए गए खातों को एफआईआर दर्ज न होने पर भी फ्रीज किया जा सकेगा, ताकि अपराध की रकम को तुरंत रोका जा सके। बैंकिंग सेक्टर की भूमिका की भी होगी जांच सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह बैंकिंग सेक्टर में शामिल कर्मचारियों की भूमिका की भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करे। अदालत ने कहा कि यदि डिजिटल-अरेस्ट स्कैम इतना बड़ा रूप ले चुका है, तो इस पर देश की शीर्ष जांच एजेंसी को तुरंत और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करनी होगी।   RBI को कोर्ट ने किया तलब डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर कोर्ट ने RBI से रिपोर्ट मांगी है। बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी संस्था को यह बताना होगा कि – AI/ML आधारित सिस्टम कब तक तैयार होंगे, – कैसे ये सिस्टम संदिग्ध खातों की पहचान कर तुरंत फंड ब्लॉक कर सकेंगे। इंटरमीडियरीज को आदेश: CBI को पूरा सहयोग दें आईटी नियम 2021 के तहत काम करने वाले सभी इंटरमीडियरीज — सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर्स और ऑनलाइन नेटवर्क — को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि वे सीबीआई की हर जांच में पूरा सहयोग करें। जिन राज्यों ने सामान्य सहमति नहीं दी, उन्हें तुरंत अनुमति देने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने उन सभी राज्यों से कहा है जो अब तक सीबीआई को सामान्य सहमति नहीं दे रहे थे कि वे आईटी एक्ट के तहत जांच की अनुमति तुरंत दें, ताकि पूरे देश में एकजुट होकर कार्रवाई हो सके।   इंटरपोल की मदद भी ले सकेगी CBI साइबर अपराधों के क्रॉस-बॉर्डर नेटवर्क को देखते हुए कोर्ट ने सीबीआई को इंटरपोल के सहयोग से भी जांच आगे बढ़ाने की अनुमति दी है।   टेलीकॉम कंपनियों की लापरवाही पर भी कोर्ट की सख्त टिप्पणी अदालत ने पाया कि टेलीकॉम कंपनियों की तरफ से – सिम कार्ड जारी करने में भारी लापरवाही, – एक ही नाम पर कई सिम कार्ड जारी होने जैसी गंभीर खामियां सामने आई हैं। इससे डिजिटल-अरेस्ट स्कैम को संचालित करने वाले गिरोहों को आसान रास्ता मिलता है। इसलिए दूरसंचार विभाग (DoT) को सख्त उपायों का प्रस्ताव पेश करने का निर्देश दिया गया है। हर राज्य में साइबरक्राइम सेंटर जल्द स्थापित करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल्द से जल्द राज्य साइबर क्राइम सेंटर स्थापित करें, ताकि डिजिटल अपराधों पर प्रभावी रोक लग सके। डिजिटल-अरेस्ट स्कैम तक सीमित है आदेश कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश फिलहाल केवल डिजिटल-अरेस्ट स्कैम के लिए है। अन्य साइबर अपराधों पर निगरानी और कार्रवाई से जुड़े निर्णय बाद में लिए जाएंगे। मोबाइल डिवाइस के डेटा को सुरक्षित रखने का निर्देश आईटी नियमों के तहत दर्ज साइबर अपराध मामलों से जुड़े मोबाइल डिवाइस और डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया गया है, ताकि जांच प्रभावित न हो।

गाजियाबाद में सनसनीखेज वारदात: प्रेम संबंध टूटने पर युवती पर बरसाईं गोलियां, हालत गंभीर

  गाजियाबाद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। नांगलाबेर गांव, भोजपुर थाना क्षेत्र में शनिवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका पर गोलियां चला दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय प्रदीप कुमार पिछले 5 साल से युवती के साथ रिश्ते में था। लेकिन हाल ही में 22 वर्षीय MSc छात्रा की शादी कहीं और तय हो गई, जिससे आरोपी बौखला गया। गुस्से और प्रतिशोध में उसने युवती के घर में घुसकर फायरिंग कर दी। फायरिंग में एक गोली छात्रा के कान के पास हड्डी में जाकर फंस गई, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई है। परिजनों और पड़ोसियों ने घायल युवती को तुरंत मोदीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। आरोपी प्रदीप फरार है और पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने के कारण पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है। एक बार फिर प्रेम संबंधों में अनियंत्रित गुस्से और जुनून ने एक मासूम जिंदगी को मौत के मुंह में धकेल दिया है। समाज में ऐसे मामलों ने चिंता की नई लकीर खींच दी है।

नालंदा में जमीन विवाद ने लिया खतरनाक मोड़, घात लगाकर गोली मारकर मछलीपालक घायल — गांव में दहशत का माहौल

नालंदा। परबलपुर थाना क्षेत्र के विजयपुरा गांव में वर्षों से चले आ रहे गोतिया विवाद ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। तालाब पर मछलियों को दाना डालने गए दिलीप कुमार पर घात लगाकर गोली चलाई गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली उनके हाथ में लगी है और फिलहाल बिहारशरीफ सदर अस्पताल में उनका इलाज जारी है। घायल ने बताए हमलावरों के नाम दिलीप कुमार ने बताया कि वे रोज की तरह तालाब पर दाना डालने पहुंचे थे। तभी उनके चचेरे भाई—गजेंद्र कुमार और रंजीत कुमार—अपने गुर्गों के साथ घात लगाए बैठे थे। दिलीप के मुताबिक करीब 10 बीघा जमीन के बंटवारे पर विवाद जारी है, लेकिन उन्होंने किसी तरह की लड़ाई में शामिल न रहते हुए भी आज उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया। “जान मारने की नीयत से घेरकर हमला किया गया”—दिलीप कुमार घायल ने बताया कि पहले उनकी पिटाई की गई और फिर नजदीक से गोली चलाई गई। प्राथमिक इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ, जहाँ से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस मौके पर, खोखा बरामद — हमलावरों की तलाश तेज घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और हिलसा डीएसपी–2 कुमार ऋतुराज मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है। डीएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद का प्रतीत होता है। डीएसपी कुमार ऋतुराज का बयान “हम सभी बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।” गांव में दहशत, बढ़ते विवादों पर उठे सवाल विजयपुरा गांव में दिनदहाड़े हुई फायरिंग ने लोगों में भय का माहौल बना दिया है। जमीन विवाद से जुड़े लगातार बढ़ते अपराधों ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि जमीन के झगड़ों ने किस तरह ग्रामीण इलाकों को अपराध की आग में झोंक रखा है।

दिल्ली के निजी अस्पताल में शर्मनाक हरकत: बुजुर्ग महिला के शव से सोने के गहने चोरी, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप

✍️ भागीरथी यादव    दिल्ली से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मृत हुई बुजुर्ग महिला के शव से सोने के गहने चुरा लिए गए। यह घटना 11 नवंबर की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फुटेज में अस्पताल की एक महिला स्टाफ मृतका के कानों के टॉप्स और गले की चेन उतारते हुए साफ दिखाई देती है।   अस्पताल की लीपापोती और दबाव में आया एक्शन   परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में अस्पताल प्रबंधन ने चोरी पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। लेकिन जब वीडियो सामने आया, तब जाकर अस्पताल प्रशासन ने बयान जारी करते हुए बताया कि गहने चोरी करने वाली महिला स्टाफ को टर्मिनेट कर दिया गया है। हालांकि, शुरुआत में अस्पताल की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।   यह हरकत न सिर्फ पेशेवर नैतिकता के खिलाफ है, बल्कि मानवता को भी शर्मसार करती है। वायरल वीडियो ने अस्पताल की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।   पुलिस की उदासीनता भी आई सामने   परिजनों ने गहने गायब होने की शिकायत 12 नवंबर को ही कृष्णा नगर थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने 20 दिनों तक मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। परिवार का कहना है कि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और बार-बार टालती रही।   लगातार दबाव और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग के बाद अब जाकर पुलिस ने FIR दर्ज की है। पुलिस की इस लापरवाही ने भी सिस्टम पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं, खासकर तब जब वीडियो में स्टाफ की करतूत साफ दिख रही है।   कैसे हुआ खुलासा?   महिला को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। परिजनों के अनुसार, उस समय गहने मौजूद थे। देर रात ‘क्रिटिकल’ बताकर महिला को सरकारी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी। शव पर गहने नहीं मिले तो परिवार को संदेह हुआ। सीसीटीवी जांच में चोरी की पूरी वारदात सामने आ गई।   समाज और सिस्टम दोनों पर उठे सवाल यह घटना सिर्फ एक अस्पताल की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करती है— एक तरफ मरीज की मौत का दुख झेलता परिवार, दूसरी ओर अस्पताल स्टाफ की शर्मनाक करतूत और पुलिस की उदासीनता। परिजन अब न्याय की मांग कर रहे हैं, और इस मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं में भरोसे को झकझोर कर रख दिया है।

गाजियाबाद में खौफनाक वारदात: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो बौखलाए प्रेमी ने घर में घुसकर मारी गोली, खुशी का माहौल मातम में बदला

✍️ भागीरथी यादव    उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के भोजपुर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। जहां एक ओर परिवार शादी की खुशियों में डूबा था, वहीं दूसरी ओर शनिवार शाम अचानक गोलियों की आवाज ने माहौल को चीख-पुकार में बदल दिया। पांच साल के प्रेम संबंध का खौफनाक अंत नांगलाबेर गांव में रहने वाली 22 वर्षीय एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा को उसके कथित प्रेमी 28 वर्षीय प्रदीप ने गोली मार दी। बताया जाता है कि दोनों के बीच लगभग पाँच वर्षों से प्रेम संबंध थे। लेकिन जैसे ही प्रदीप को पता चला कि लड़की की शादी किसी और से तय हो गई है, वह गुस्से और जुनून में अंधा हो गया। घर में घुसकर चला दी गोली पुलिस के अनुसार, प्रदीप शनिवार शाम युवती के घर में घुसा और देसी कट्टे से उस पर फायर कर दिया। गोली युवती के कान के पास सिर के ऊपरी हिस्से में फंस गई और वह मौके पर ही गिर पड़ी। घायलावस्था में परिजन और पड़ोसियों ने उसे मोदीनगर के अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर कर दिया। न शादी मंजूर, न दूरी… बढ़ता गया जुनून जांच में यह बात सामने आई है कि पिछले कुछ हफ्तों से युवती ने प्रदीप से दूरी बना ली थी और बातचीत बंद कर दी थी। शादी की बात सामने आने के बाद प्रदीप का गुस्सा और जलन बढ़ गई। अधिकारियों के मुताबिक प्रदीप ने युवती पर काफी पैसा खर्च किया था, यहां तक कि वह उसके घर में लगे एयर कंडीशनर की किस्तें भी भर रहा था। “दोस्तों के बीच बेइज्जती महसूस हुई” — पुलिस एसीपी अमित सक्सेना ने कहा, > “शादी का पता चलने पर प्रदीप अपने दोस्तों के बीच खुद को बेइज्जत महसूस करने लगा। इसी मानसिक दबाव और गुस्से में उसने यह कदम उठा लिया।” युवती के छोटे भाई अंशुल ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस आरोपी प्रदीप की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इलाके में दहशत, परिवार में मातम जहां शादी की तैयारियों की रौनक थी, वहां अब मातम पसरा है। गंभीर रूप से घायल युवती की हालत नाजुक बताई जा रही है और डॉक्टर इलाज में जुटे हुए हैं। पुलिस फिलहाल हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। अगर चाहें तो मैं हेडलाइन के कई विकल्प, थंबनेल टेक्स्ट या शॉर्ट वीडियो स्क्रिप्ट भी तैयार कर दूं।

दिल्ली के मानसरोवर पार्क में शादी की खुशियां मातम में बदलीं — 17 वर्षीय साहिल को गोली मारकर हत्या, झगड़े का एंगल प्रमुख

✍️ भागीरथी यादव   राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिले में शनिवार रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र में स्थित समुदाय भवन के बाहर एक 17 वर्षीय नाबालिग की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शादी के जश्न के बीच हुई यह वारदात इलाके में सनसनी फैलाने वाली रही। मृतक की पहचान साहिल के रूप में हुई है।   शादी समारोह के बीच चली गोली, नाबालिग की मौत   प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साहिल या तो शादी में खाना खाने पहुंचा था या घुड़चढ़ी के दौरान चलने वाले रुपए लूटने की भीड़ में शामिल था। इसी दौरान किसी झगड़े की शुरुआत हुई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। इसी झड़प के बीच साहिल को नजदीक से गोली मार दी गई।   फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल साहिल को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को GTB अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।   CCTV खंगालने में जुटी पुलिस, हर एंगल से जांच   पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि गोलीकांड से पहले विवाह समारोह में आए कुछ लोगों का साहिल से झगड़ा हुआ था। पुलिस इसी एंगल को फिलहाल प्रमुख मानकर आगे बढ़ रही है।   एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि— “नाबालिग को गोली लगी है और उसकी मौके पर मौत हो गई। गोली क्यों चली, इसके पीछे की असली वजह की जांच जारी है। हर शक़ी पहलू को गंभीरता से परखा जा रहा है।”   इलाके में भय का माहौल, आरोपियों की तलाश जारी   शादी की रौनक अचानक गोलीबारी में बदल जाने से परिवार और स्थानीय लोग सदमे में हैं। पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान जल्द करने का दावा कर रही हैं।   फिलहाल घटनास्थल पर मिले सबूत और CCTV फुटेज ही इस रहस्यमयी गोलीकांड का राज़ खोलने की सबसे अहम कड़ी साबित होंगे।

काइमूर में दो मासूमों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप, परिवार ने गांव के दबंग पर लगाया गंभीर आरोप — 9 पर FIR, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

✍️ भागीरथी यादव    बिहार के काइमूर जिले में हुई दो मासूम भाई-बहन की संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। 10 साल की शिवानी और 12 साल के सुधीर की लाशें खेतों के बीच बने एक झोपड़े में मिलने के बाद गांव में मातम के साथ दहशत फैल गई है। घटना के हालात इतने उलझे हुए हैं कि पूरा मामला रहस्य में डूब चुका है और पुलिस भी हर एंगल से जांच में जुट गई है।   कैसे खुला दर्दनाक हादसा?   सुबह शिवानी रोज की तरह खेतों की ओर गई थी, लेकिन देर तक नहीं लौटी। पिता घुर्बिगन राजभर चिंतित हो उठे। बड़ी बहन और भाई सुधीर उसे खोजने निकले। थोड़ी दूरी पर बने एक झोपड़े तक पहुंचने पर जो दृश्य उन्होंने देखा, उसने सबको हिला दिया— झोपड़ी के अंदर शिवानी फंदे से लटकी थी। यह देखकर बहन डरकर घर की ओर भागी, लेकिन सुधीर वहीं रुक गया।   कुछ देर बाद जब पिता मौके पर पहुंचे तो हालात और भी संदिग्ध पाए गए। शिवानी को फंदे से उतारकर जमीन पर रख दिया गया था और सुधीर अब खुद फांसी पर लटका मिला। घटनास्थल का यह बदलता हुआ परिदृश्य कई सवाल खड़े करता है।   शिवानी ने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर हालत में भर्ती सुधीर छह दिनों तक जिंदगी से जूझता रहा और आखिरकार शुक्रवार को उसकी भी मौत हो गई।   परिवार का सनसनीखेज आरोप   पिता घुर्बिगन राजभर ने दावा किया कि गांव के एक दबंग व्यक्ति ने कुछ दिन पहले पानी पीने का विवाद होने पर उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी। परिवार को शक है कि यह घटना कोई हादसा नहीं, बल्कि उसी धमकी का नतीजा है।   पुलिस की जांच तेज – 9 पर FIR   सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस और बभुआ डीएसपी मनोरंजन भारती मौके पर पहुंचे। परिवार की तहरीर पर 9 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।   डीडीएसपी ने बताया कि शिवानी और सुधीर दोनों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है। तकनीकी जांच, घटनास्थल की परिस्थितियों और पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है— “दोषी जो भी होगा, किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।”   गांव में दहशत, परिवार सदमे में   दो मासूमों की रहस्यमयी मौत ने पूरे गांव पर सदमे का साया डाल दिया है। लोग दबी आवाज़ में चर्चा कर रहे हैं कि क्या यह वाकई आत्महत्या है या किसी बड़ी साजिश की कड़ी?   जांच के नतीजों से ही इस दर्दनाक रहस्य से पर्दा उठेगा।

सिरसा में दोहरा हत्याकांड: बेटे ने मां और प्रेमी की गला घोंटकर की हत्या, शव पिकअप में लादकर थाने पहुंचकर किया सरेंडर

✍️ भागीरथी यादव सिरसा। हरियाणा के सिरसा जिले के सिकंदरपुर थेड़ी गांव में दिल दहला देने वाला दोहरा हत्याकांड सामने आया है। एक युवक ने अपनी मां और उसके कथित प्रेमी के अवैध संबंधों से तंग आकर दोनों की गला दबाकर हत्या कर दी। हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी युवक अगली सुबह दोनों के शव पिकअप गाड़ी में लादकर स्वयं सदर थाने पहुंच गया और पूरी वारदात का खुलासा करते हुए सरेंडर कर दिया। रात 2 बजे अंजाम दी गई वारदात, सुबह थाने में पहुंचा आरोपी   पुलिस के अनुसार गुरुवार देर रात करीब 2 बजे युवक ने पहले पड़ोसी लेखचंद (50) की चुन्नी से गला दबाकर हत्या की और इसके बाद अपनी मां अंगूरी देवी (50) को भी उसी तरीके से मार डाला। शुक्रवार सुबह वह बिना किसी डर या भागने की कोशिश के दोनों शव पिकअप में रखकर सीधे सदर थाने पहुंच गया।   पहले भी कई बार समझाया था मां को—पुलिस   डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने कई बार अपनी मां को अवैध संबंध खत्म करने के लिए समझाने की कोशिश की थी, लेकिन जब कोई असर नहीं हुआ तो उसने यह कदम उठाया। पुलिस के मुताबिक युवक ने घटना को अपनी पत्नी के साथ मिलकर अंजाम दिया है।   पोस्टमॉर्टम जारी, पुलिस ने शुरू की गहन जांच   घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर सिरसा नागरिक अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।   गांव में दहशत और सनसनी   मां–बेटे और पड़ोसी के रिश्तों से जुड़ी यह दर्दनाक घटना पूरे गांव में दहशत और चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग हैरान हैं कि एक बेटा इतना बड़ा कदम उठाकर खुद पुलिस के पास पहुंच गया।   सिरसा पुलिस ने कहा है कि मामले की हर दिशा में जांच जारी है और आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।  

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