उत्तर प्रदेश में सड़क क्रांति: एक्सप्रेसवे और हाईवे नेटवर्क ने बदली विकास की तस्वीर

✍️ भागीरथी यादव

 

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और ग्रामीण सड़कों का विशाल नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है।

देश में सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क

2017 से पहले यूपी में केवल 3 एक्सप्रेसवे थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 22 हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर का विकास तेजी से हो रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्गों में 41% योगदान

पिछले दो दशकों में यूपी का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 5,599 किमी से बढ़कर 12,292 किमी हो गया है। देश के कुल राष्ट्रीय राजमार्गों में प्रदेश की हिस्सेदारी 7.48% से बढ़कर 41% पहुंच गई है।

शहरों से गांव तक आसान कनेक्टिविटी

बेहतर सड़कों से यातायात सुगम हुआ है, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है।

ग्रामीण सड़कों का तेज विस्तार

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण मार्गों की कुल लंबाई 2017 से अब तक 77,425 किमी तक पहुंच गई है, जिससे अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।

योगी सरकार का लक्ष्य 2029 तक यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसके लिए “सड़कों का गोल्डन नेटवर्क” आधार साबित हो रहा है।