नोएडा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: मां की सहेली से अवैध रिश्ता,

  ✍️ भागीरथी यादव   ब्लैकमेलिंग से तंग आकर बस में प्रेमिका का कत्ल नाले में सिर-हाथ फेंककर गुमराह करने की कोशिश, पुलिस ने 9 दिन में सुलझाई गुत्थी   नोएडा, 15 नवंबर 2025। नोएडा में 6 नवंबर को नाले से बरामद महिला के सिर और हाथ काटे हुए शव ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। अब सेक्टर-39 थाना पुलिस ने इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए आरोपी मोनू सोलंकी (34) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मृतका प्रीति का प्रेमी था, जो उसकी मां की सहेली थी। ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान होकर उसने बस के अंदर ही निर्मम हत्या कर दी थी। बस की लाइट बंद कर गुजरती गाड़ी ने खोले राज जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के पास से 5 नवंबर रात 8:43 बजे एक अनजान बस को बिना लाइट के गुजरते देखा। बस नंबर की जांच से पता चला कि वह एक धार्मिक संस्था की है और उसे बरौला गांव का रहने वाला मोनू चलाता है। जब पुलिस उसके घर पहुंची तो मोनू फरार था, लेकिन वहां पांच बच्चे मिले, जिनमें से दो बच्चे मृतका प्रीति के थे। बच्चों ने बताया कि उनकी मां 6 नवंबर से लापता है। जब पुलिस ने बिछिया की तस्वीर दिखाई तो बच्चों ने तुरंत पहचान लिया—यह उनकी मां की ही है। गिरफ्तारी और सनसनीखेज स्वीकारोक्ति   शुक्रवार को मोनू को उसके घर के पास से दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी कहानी उगल दी— उसने 5 नवंबर की शाम प्रीति को बस में बैठाया प्रीति के दोनों बच्चों को अपने घर छोड़ दिया बस में रास्ते भर दोनों के बीच कहासुनी हुई इसी दौरान उसने धारदार हथियार से प्रीति का कत्ल कर डाला शव के सिर और हाथ काटकर गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार स्थित नाले में फेंक दिया पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव के अंग, कपड़े, मैट, हथियार और बस बरामद कर ली। चार बार धोई बस, फिर भी नहीं छुपा सकी सच्चाई हत्या के बाद मोनू ने बस को चार बार धोया, लेकिन खून के धब्बे नहीं मिटे। फॉरेंसिक टीम ने रासायनिक जांच से यह साबित कर दिया कि धब्बे मानव रक्त के थे। आरोपी ने बच्चों को यह भी सिखा रखा था कि किसी के पूछने पर कहना— “मां 6 नवंबर से गायब है।” जबकि वह 5 नवंबर से ही लापता थी। कैसे बना अवैध रिश्ता और कैसे पहुंचा हत्या तक? मोनू की मां और मृतका प्रीति जींस फैक्ट्री में साथ काम करती थीं। दो वर्ष पहले फैक्ट्री बंद हुई, तो प्रीति का मोनू के घर आना-जाना बढ़ा और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। जांच में सामने आया कि प्रीति की पहले दो शादियां हो चुकी थीं, और उसने मोनू को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। आरोपी के अनुसार, वह उससे पैसे मांगती थी परिवार को बदनाम करने की धमकी देती थी यहां तक कि मोनू की दो नाबालिग बेटियों को भी गलत काम में धकेलने की धमकी दी थी इन्हीं दबावों में मोनू ने हत्या की योजना बनाई। 1100 से अधिक वाहनों की जांच के बाद खुला राज एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि हत्या का राज खुलने से पहले— 1100 से ज्यादा संदिग्ध वाहनों की जांच, 44 वाहन मालिकों से पूछताछ, आसपास के सीसीटीवी फुटेज की कई घंटों की समीक्षा की गई। इसके बाद बस की पहचान हुई और पूरा मामला सामने आ गया।

दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा एक्शन: एनएमसी ने तीन डॉक्टरों का लाइसेंस तत्काल रद्द किया

✍️ भागीरथी यादव   जांच में गंभीर संलिप्तता उजागर, मेडिकल काउंसिल ने नाम रजिस्टर से हटाए नई दिल्ली, 15 नवंबर 2025। दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण धमाके में नई कड़ियां जुड़ते हुए बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने इस मामले में संलिप्त पाए गए जम्मू-कश्मीर के तीन डॉक्टरों—डॉ. मुजफ्फर अहमद, डॉ. अदील अहमद राठर और डॉ. मुजमिल शकील—का चिकित्सा लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल की सिफारिश और जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर लिया गया यह निर्णय देश की चिकित्सा प्रणाली में नैतिकता और भरोसे को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है। जांच में खुलासा: नौगाम थाने में दर्ज एफआईआर से उजागर हुई संलिप्तता नौगाम, श्रीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 162/2025 की जांच के दौरान कई संदिग्धों की भूमिका सामने आई। इसी सिलसिले में तीनों डॉक्टरों की गतिविधियों और संपर्कों की जांच की गई, जिसमें उनकी सीधी संलिप्तता के प्रमाण एजेंसियों के हाथ लगे।   एनएमसी के आदेश में तीनों डॉक्टरों के पंजीकरण क्रमांक भी स्पष्ट रूप से उल्लेखित हैं—   डॉ. मुजफ्फर अहमद – 14680/2017 डॉ. अदील अहमद राठर – 15892/2019 डॉ. मुजमिल शकील – 15130/2018 एनएमसी ने स्पष्ट कहा कि इनका आचरण चिकित्सा पेशे की नैतिकता, ईमानदारी और जनता के भरोसे के विपरीत है, जो भारतीय चिकित्सा परिषद विनियम 2002 के अध्याय 1 के क्लॉज 1.1.1 एवं 1.1.2 का गंभीर उल्लंघन है। जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल की कार्रवाई: रजिस्टर से हटाए गए नाम जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल ने भी तुरंत प्रभाव से तीनों डॉक्टरों के नाम मेडिकल प्रैक्टिशनर रजिस्टर से हटाने का आदेश जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक—   अब वे किसी भी चिकित्सा संस्थान में कार्य, नियुक्ति या मेंडिकल प्रोफेशन से जुड़ा कोई भी दायित्व नहीं निभा सकेंगे, जब तक आगे कोई नया निर्देश न आए। लाल किला मेट्रो ब्लास्ट: 10 मौतें, एनआईए की विशेष टीम जांच में जुटी 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास खड़ी कार में हुए धमाके ने राजधानी को हिला दिया था।   10 लोगों की मौत, दर्जनों घायल, शहर में सुरक्षा एजेंसियों की हलचल तेज हो गई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की है, जिसमें   1 आईजी 2 डीआईजी 3 एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, कई राज्यों में हाई अलर्ट जांच एजेंसियां अब सोशल मीडिया गतिविधियों की प्रोफाइलिंग, फोन डंप डेटा की स्कैनिंग और संदिग्ध लोकेशनों पर निगरानी बढ़ा रही हैं। इसी के साथ— दिल्ली,उत्तर प्रदेश,बिहार,मुंबई में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।     —

एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप 2025: भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने 17 साल बाद रचा इतिहास, कोरिया को हराकर जीता स्वर्ण

✍️ भागीरथी यादव   एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष रिकर्व टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। यशदीप संजय भोगे, अतनु दास और राहुल की तिकड़ी ने फाइनल में एशियाई दिग्गज कोरिया को रोमांचक मुकाबले में 5-4 से मात दी। यह 2007 के बाद पुरुष रिकर्व टीम का पहला गोल्ड मेडल है।   फाइनल में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और स्कोर बराबरी पर रहने के बाद मैच शूट-ऑफ तक पहुंच गया। शूट-ऑफ में भारत और कोरिया ने 29-29 अंक बनाए, लेकिन राहुल के तीर का बुल्स आई के सबसे करीब लगना भारत की ऐतिहासिक जीत का आधार बना। कोरिया इस स्पर्धा में 2013 से अजेय था।     —   मिश्रित रिकर्व टीम से निराशा   भारत की रिकर्व मिश्रित टीम को ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। अंशिका कुमारी और यशदीप की जोड़ी को कोरिया की जंग मिन्ही और सियो मिंगी की जोड़ी ने पराजित कर पदक से दूर कर दिया।   व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारतीय तीरंदाजों का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहेगा। धीरज बोम्मादेवरा कोरिया के जंग का सामना करेंगे जबकि राहुल दूसरे कोरियाई खिलाड़ी सियो मिंगी से भिड़ेंगे।     —   महिला रिकर्व में ऑल-इंडिया सेमीफाइनल मुकाबला   दिन के अंत में भारत की दिग्गज तीरंदाज दीपिका कुमारी और अंकिता भकत रिकर्व महिला व्यक्तिगत सेमीफाइनल में एक-दूसरे के आमने-सामने होंगी। वहीं, भारत की संगीता को पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट सुह्योन की चुनौती का सामना करना होगा।     —   कंपाउंड वर्ग में भारत का दमदार प्रदर्शन, ज्योति सुरेखा वेन्नम का तीसरा गोल्ड   कंपाउंड तीरंदाजी में भी भारत का दबदबा देखने को मिला। गुरुवार को भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने कुल 5 पदक अपने नाम किए।   कंपाउंड महिला वर्ग में एशियन गेम्स चैंपियन ज्योति सुरेखा वेन्नम ने अपना तीसरा व्यक्तिगत एशियाई चैंपियनशिप गोल्ड जीता। इससे पहले उन्होंने 2015 और 2021 में भी स्वर्ण पदक जीते थे। वेन्नम, पृथिका और दीपशिखा की टीम ने कंपाउंड महिला टीम इवेंट में कोरिया को हराकर एक और गोल्ड अपने नाम किया।   पुरुष कंपाउंड मिश्रित टीम फाइनल में अभिषेक वर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम एक अंक से कजाकिस्तान से पिछड़कर ब्रॉन्ज तक सीमित रही। वहीं, वर्मा और युवा दीपशिखा की मिश्रित टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एनडीए की ऐतिहासिक जीत, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता को किया नमन

✍️ भागीरथी यादव   बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को प्रचंड बहुमत मिला है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की सम्मानित जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।   मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा: “बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राज्यवासियों ने हमें भारी बहुमत देकर हमारी सरकार के प्रति अपना विश्वास जताया है। इसके लिए सभी सम्मानित मतदाताओं को मेरा नमन, हृदय से आभार एवं धन्यवाद। प्रधानमंत्री मोदी जी को उनके सहयोग के लिए कृतज्ञता प्रकट करता हूं।”   उन्होंने आगे एनडीए के सहयोगी दलों—चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा—को भी धन्यवाद दिया और कहा कि गठबंधन की एकजुटता ही इतनी बड़ी जीत का कारण बनी। “आप सभी के सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा तथा देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।”     —   एनडीए की जीत पर चिराग पासवान का बयान   केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि बिहार की जनता ने विकास के लिए एनडीए पर भरोसा जताया है। “बिहार की जनता द्वारा दिए गए प्रचंड जनादेश के लिए मैं हृदय से धन्यवाद और बधाई देता हूं। अगले पांच साल में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को नई विकास गति देंगे।”   उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह जनादेश उन सभी सवालों का जवाब है, जो एनडीए की कार्यकुशलता, मुख्यमंत्री के नेतृत्व और बिहार की प्राथमिकता को लेकर उठाए जाते थे।     —   विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने विजय पर दी शुभकामनाएं   विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने भी एनडीए की जीत को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने लिखा: “बिहार की जनता का एनडीए को मिला ऐतिहासिक जनादेश हर्ष का विषय है। मुझे विश्वास है कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में बिहार का सुशासन और विकास नई गति से आगे बढ़ेगा।”  

कोंटा: मरईगुड़ा वन गांव में भीषण आग, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी दुर्घटना

✍️ भागीरथी यादव कोंटा – विकासखंड के मरईगुड़ा वन गांव में गुरुवार सुबह शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने देखते ही देखते तीन घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेजी और घरों में रखे सिलेंडरों के फटने की आशंका से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के कारण स्थिति जल्द ही काबू में आ गई और एक बड़ी जनहानि टल गई। कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत सक्रिय हुआ प्रशासन घटना की सूचना मिलते ही सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। एसडीएम सुभाष शुक्ला के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन टीम ने तुरंत तेलंगाना के भद्राचलम से फायर ब्रिगेड की सहायता बुलाने का निर्णय लिया, जो इस घटना में बेहद निर्णायक साबित हुआ।   तहसीलदार ने मौके पर संभाला मोर्चा तहसीलदार कोंटा गिरीश निंबालकर स्वयं घटनास्थल पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। फायर ब्रिगेड के समय पर पहुंचने और स्थानीय लोगों की तत्परता से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।   मानवीयता के साथ शुरू हुआ राहत कार्य गनीमत रही कि इस भीषण आग में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए प्रभावित तीनों परिवारों को खाद्यान्न और जरूरी सामग्री वितरित की। साथ ही सुरक्षित अस्थायी आवास की व्यवस्था भी कराई गई।   तत्काल आर्थिक मदद जिला प्रशासन ने मानवीय आधार पर प्रभावित प्रत्येक परिवार को ₹10,000 की तत्काल सहायता राशि मौके पर ही प्रदान की।   आगे की प्रक्रिया शुरू घटना स्थल पर ही पंचनामा तैयार कर लिया गया है, ताकि नियमानुसार सरकारी सहायता जल्द उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी पीड़ित परिवारों को शीघ्र ही स्थायी राहत उपलब्ध कराई जाएगी।   मरईगुड़ा में प्रशासन की तत्परता ने एक बड़ी अनहोनी को टालते हुए राहत और भरोसे का संदेश दिया है।  

पटना में बड़ा राजनीतिक बवाल: RJD एमएलसी सुनील सिंह के खिलाफ साइबर थाने में FIR, ‘नेपाल जैसा नज़ारा’ बयान पर हंगामा

✍️ भागीरथी यादव    पटना, 13 नवंबर 2025 — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना से जुड़ा एक बयान अब सियासी और कानूनी विवाद का कारण बन गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सुनील सिंह के खिलाफ पटना साइबर थाना में भड़काऊ और अपमानजनक बयान देने के आरोप में गंभीर मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत पुलिस अवर निरीक्षक (SI) खुशबू कुमारी द्वारा 13 नवंबर को दर्ज कराई गई। शिकायत के अनुसार, एमएलसी सुनील सिंह ने सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए एक विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि— > “अगर मतगणना में गड़बड़ी हुई तो बिहार की सड़कों पर नेपाल जैसा नज़ारा दिखेगा।” 🔴 पुलिस का आरोप: “बयान भड़काऊ और विधि-व्यवस्था के लिए खतरा” शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस बयान में सामाजिक वैमनस्य, घृणा फैलाने, और लोक शांति भंग करने की क्षमता है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी जनभावनाओं को भड़काने और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाली है, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। ⚖️ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज पुलिस ने सुनील सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA) की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इनमें प्रमुख धाराएं हैं:   BNS की धारा 174 – लोक सेवक द्वारा विधि का उल्लंघन,   धारा 353 – लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना,   धारा 352 – शांति भंग करने का प्रयास,   धारा 123(4) व 125 (RPA) – चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और समाज में वैमनस्य फैलाने से संबंधित प्रावधान। 🕵️ जांच की जिम्मेदारी DySP मिथलेश कुमार को इस संवेदनशील मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी मिथलेश कुमार को सौंपी गई है। वे बयान की प्रामाणिकता, वीडियो/पोस्ट के स्रोत, और संभावित आपराधिक इरादे की दिशा में जांच कर रहे हैं। 📱 सोशल मीडिया पर बयान की तलाश पुलिस टीम फिलहाल एमएलसी सुनील सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट्स और वायरल वीडियो की जांच में जुटी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या बयान किसी सार्वजनिक सभा या डिजिटल मंच पर दिया गया था। 🗣️ राजनीतिक हलकों में हलचल राजद खेमे ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे “लोकतंत्र के खिलाफ भड़काऊ राजनीति” का उदाहरण कहा है। चुनावी मौसम में यह मामला अब बिहार की राजनीति में नया तूल पकड़ चुका है।

भारत-बोत्सवाना वन्यजीव मित्रता का नया अध्याय: बोत्सवाना ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत भारत को सौंपे आठ चीते

✍️ भागीरथी यादव   गैबोरोन/नई दिल्ली- भारत और बोत्सवाना के बीच वन्यजीव संरक्षण साझेदारी में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बोत्सवाना ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत औपचारिक रूप से भारत को आठ चीते सौंपे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने मिलकर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।   गैबोरोन स्थित मोकोलोडी नेचर रिजर्व में आयोजित समारोह के दौरान, दोनों राष्ट्रपतियों ने बोत्सवाना के घांजी क्षेत्र से पकड़े गए चीतों को क्वारंटाइन सेंटर में छोड़े जाते देखा। यह कार्यक्रम भारत और बोत्सवाना के बीच वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में गहरी होती साझेदारी का प्रतीक बना। राष्ट्रपति मुर्मु की यह बोत्सवाना की पहली राजकीय यात्रा है। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा गया —   > “भारत-बोत्सवाना वन्यजीव संरक्षण साझेदारी में एक नया अध्याय। यह पहल दोनों देशों के पर्यावरणीय सहयोग को नई दिशा देगी।”   विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह पहल भारत के ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण की एक बड़ी उपलब्धि है, जो विलुप्तप्राय प्रजातियों के पुनर्वास और संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण प्रस्तुत करती है। बोत्सवाना में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा —   > “मुझे बताया गया है कि बोत्सवाना में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। आप सभी भारत के गौरवशाली राजदूत हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत और बोत्सवाना वर्ष 2026 में राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाएंगे। दोनों देश हीरा उद्योग (डायमंड सेक्टर) में लंबे समय से साझेदार हैं, और अब रक्षा, प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं।   राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत की प्रगति पर बोलते हुए कहा —   > “भारत आज एक परिवर्तनकारी दौर में है। हमारी युवा शक्ति, मजबूत अर्थव्यवस्था और इनोवेशन की भावना हमें 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे ले जा रही है। ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्वच्छ भारत’ जैसी पहल भारत के नवोन्मेषी भविष्य की पहचान बन चुकी हैं।” यह दौरा न केवल भारत-बोत्सवाना संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि अफ्रीका में भारत की वन्यजीव संरक्षण साझेदारी को भी नई दिशा देगा।  

गुरुग्राम में 11वीं के छात्र ने क्लासमेट को मारी गोली, दो महीने पुरानी रंजिश बनी वजह

✍️ भागीरथी यादव   गुरुग्राम – सेक्टर-48 में एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यहां 11वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने क्लासमेट को घर बुलाकर गोली मार दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से वारदात को अंजाम दिया।   घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे हुई, जब तीनों सहपाठी आरोपी के किराए के फ्लैट में मौजूद थे। किसी बात पर कहासुनी के बाद आरोपी ने गोली चला दी, जो छात्र की गर्दन में लगी। घायल को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   पुलिस ने मौके से एक पिस्तौल, दो मैगजीन और 70 कारतूस बरामद किए हैं तथा दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पूछताछ में पता चला कि दोनों के बीच करीब दो महीने पहले झगड़ा हुआ था, जिससे आरोपी नाराज़ था और बदला लेना चाहता था।   आरोपी के पिता प्रॉपर्टी डीलर हैं और हथियार उन्हीं का लाइसेंसी पिस्तौल बताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायल छात्र की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।

दिल्ली ब्लास्ट के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा: एनएएसी का कारण बताओ नोटिस, ईडी करेगी फॉरेंसिक ऑडिट

✍️ भागीरथी यादव   नई दिल्ली | 13 नवंबर 2025: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच अब शिक्षा संस्थानों तक पहुँच गई है। फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी पर अब दोहरी कार्रवाई की तलवार लटक रही है — 👉नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ने यूनिवर्सिटी को फर्जी मान्यता दावे पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है, और  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके वित्तीय लेन-देन का फॉरेंसिक ऑडिट शुरू कर दिया है।    NAAC ने लगाया “जनता को गुमराह करने” का आरोप   एनएएसी के निदेशक गणेशन कन्नाबिरण ने 12 नवंबर को जारी नोटिस में कहा कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर गलत जानकारी देकर एनएएसी मान्यता का झूठा दावा किया है। यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर यह उल्लेख किया गया था कि उसके तीन कॉलेज —   अल फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (1997 से, A ग्रेड) ब्राउन हिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (2008 से)   अल फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (2006 से, A ग्रेड) — एनएएसी से मान्यता प्राप्त हैं।     लेकिन एनएएसी ने स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग स्कूल को 2013–2018 तक (CGPA 3.08) और एजुकेशन स्कूल को 2011–2016 तक (CGPA 3.16) ही ‘A’ ग्रेड दिया गया था, जो अब समाप्त हो चुका है।   नोटिस में कहा गया है कि यह दावा छात्रों, अभिभावकों और जनता को गुमराह करने वाला है। एनएएसी ने यूनिवर्सिटी से 7 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है और तब तक वेबसाइट से एनएएसी का उल्लेख हटाने का आदेश दिया है। नोटिस जारी होते ही यूनिवर्सिटी की वेबसाइट डाउन हो गई।    ईडी करेगी फॉरेंसिक ऑडिट, तीन डॉक्टरों के लेन-देन पर नजर   ब्लास्ट केस में आरोपी डॉ. उमर नबी, डॉ. मुजम्मिल गनाई और डॉ. शाहीन सईद के वित्तीय ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये इकट्ठा किए और 26 क्विंटल एनपीके फर्टिलाइज़र खरीदा, जिसका उपयोग IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने में किया गया। ईडी अब यूनिवर्सिटी की फंडिंग, विदेशी लेन-देन और ट्रस्ट अकाउंट्स का फॉरेंसिक ऑडिट करेगी।    यूनिवर्सिटी का जवाब — “हमारा ब्लास्ट से कोई लेना-देना नहीं”   बढ़ते विवाद पर अल फलाह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि “हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई संबंध नहीं है। जिस तरह से हमारी यूनिवर्सिटी का नाम जोड़ा जा रहा है, उससे संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।” यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि “कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमारे खिलाफ झूठी व मनगढ़ंत बातें फैलाई जा रही हैं, जिनमें कोई सत्यता नहीं है।”    ट्रस्ट ने विदेशी फंडिंग से किया इनकार   अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने ईडी को दिए अपने प्रारंभिक जवाब में विदेशी फंडिंग से इनकार किया है, हालांकि उसने जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल खुलासे के बाद से यूनिवर्सिटी की गतिविधियों की गहन पड़ताल जारी है।

विहिप नेता प्रिंस गौड़ प्रकरण: पीलीभीत की ADM ऋतु पूनिया हटाई गईं, शासन ने लखनऊ मुख्यालय से जोड़ा

✍️ भागीरथी यादव     पीलीभीत। उत्तर प्रदेश शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पीलीभीत की ADM (वित्त एवं राजस्व) ऋतु पूनिया को उनके पद से हटा दिया है। उन्हें देर रात आदेश जारी कर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। उनकी जगह प्रसून द्विवेदी को नया ADM (वित्त एवं राजस्व) नियुक्त किया गया है। प्रसून द्विवेदी अब तक मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में तैनात थे।   यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब विहिप (VHP) संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ की गिरफ्तारी को लेकर संघ परिवार और हिंदू संगठनों में भारी नाराज़गी फैल गई थी।     — 🔹 पृष्ठभूमि: मजार निर्माण को लेकर हुआ था विवाद   विहिप नेता प्रिंस गौड़ ने कुछ दिन पहले शहर की एक कॉलोनी में निर्माणाधीन मजार का विरोध किया था। उनका आरोप था कि ADM ऋतु पूनिया कॉलोनाइजर को संरक्षण दे रही थीं। इस मामले की शिकायत प्रिंस ने बरेली मंडलायुक्त से की थी और ADM के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।   इसी विवाद के बाद ADM ऋतु पूनिया ने प्रिंस गौड़ पर रंगदारी मांगने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने 8 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।     —   🔹 हिंदू संगठनों का विरोध और शासन की सख्ती   प्रिंस गौड़ की गिरफ्तारी के बाद विहिप, बजरंग दल और संघ परिवार से जुड़े संगठनों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए और ADM पर कार्रवाई की मांग की गई। इसी विरोध के बीच शासन ने देर रात कार्रवाई करते हुए ADM ऋतु पूनिया को हटा दिया।     —   🔹 ADM ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया झूठा   ADM ऋतु पूनिया ने सभी आरोपों से इंकार करते हुए कहा था कि,   > “मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। न तो धारा 80 और न ही स्टांप शुल्क मेरे अधिकार क्षेत्र में आते हैं। प्रिंस गौड़ ने धमकी दी, मेरी छवि खराब करने की कोशिश की।”       उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें गिरोह से हमले का डर है और प्रशासन को सुरक्षा की मांग की थी।     —   🔹 अब नए ADM बने प्रसून द्विवेदी   ADM ऋतु पूनिया की जगह प्रसून द्विवेदी को पीलीभीत का नया ADM (वित्त एवं राजस्व) बनाया गया है। वे इससे पहले मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में OSD के रूप में कार्यरत थे।     —   इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और हिंदू संगठनों के बीच टकराव का माहौल पैदा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शासन की इस कार्रवाई के बाद विवाद शांत होता है या नया मोड़ लेता है।  

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