कोंटा: मरईगुड़ा वन गांव में भीषण आग, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी दुर्घटना
✍️ भागीरथी यादव कोंटा – विकासखंड के मरईगुड़ा वन गांव में गुरुवार सुबह शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने देखते ही देखते तीन घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेजी और घरों में रखे सिलेंडरों के फटने की आशंका से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के कारण स्थिति जल्द ही काबू में आ गई और एक बड़ी जनहानि टल गई। कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत सक्रिय हुआ प्रशासन घटना की सूचना मिलते ही सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। एसडीएम सुभाष शुक्ला के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन टीम ने तुरंत तेलंगाना के भद्राचलम से फायर ब्रिगेड की सहायता बुलाने का निर्णय लिया, जो इस घटना में बेहद निर्णायक साबित हुआ। तहसीलदार ने मौके पर संभाला मोर्चा तहसीलदार कोंटा गिरीश निंबालकर स्वयं घटनास्थल पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। फायर ब्रिगेड के समय पर पहुंचने और स्थानीय लोगों की तत्परता से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। मानवीयता के साथ शुरू हुआ राहत कार्य गनीमत रही कि इस भीषण आग में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए प्रभावित तीनों परिवारों को खाद्यान्न और जरूरी सामग्री वितरित की। साथ ही सुरक्षित अस्थायी आवास की व्यवस्था भी कराई गई। तत्काल आर्थिक मदद जिला प्रशासन ने मानवीय आधार पर प्रभावित प्रत्येक परिवार को ₹10,000 की तत्काल सहायता राशि मौके पर ही प्रदान की। आगे की प्रक्रिया शुरू घटना स्थल पर ही पंचनामा तैयार कर लिया गया है, ताकि नियमानुसार सरकारी सहायता जल्द उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी पीड़ित परिवारों को शीघ्र ही स्थायी राहत उपलब्ध कराई जाएगी। मरईगुड़ा में प्रशासन की तत्परता ने एक बड़ी अनहोनी को टालते हुए राहत और भरोसे का संदेश दिया है।
पटना में बड़ा राजनीतिक बवाल: RJD एमएलसी सुनील सिंह के खिलाफ साइबर थाने में FIR, ‘नेपाल जैसा नज़ारा’ बयान पर हंगामा
✍️ भागीरथी यादव पटना, 13 नवंबर 2025 — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना से जुड़ा एक बयान अब सियासी और कानूनी विवाद का कारण बन गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सुनील सिंह के खिलाफ पटना साइबर थाना में भड़काऊ और अपमानजनक बयान देने के आरोप में गंभीर मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत पुलिस अवर निरीक्षक (SI) खुशबू कुमारी द्वारा 13 नवंबर को दर्ज कराई गई। शिकायत के अनुसार, एमएलसी सुनील सिंह ने सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए एक विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि— > “अगर मतगणना में गड़बड़ी हुई तो बिहार की सड़कों पर नेपाल जैसा नज़ारा दिखेगा।” 🔴 पुलिस का आरोप: “बयान भड़काऊ और विधि-व्यवस्था के लिए खतरा” शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस बयान में सामाजिक वैमनस्य, घृणा फैलाने, और लोक शांति भंग करने की क्षमता है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी जनभावनाओं को भड़काने और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाली है, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। ⚖️ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज पुलिस ने सुनील सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA) की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इनमें प्रमुख धाराएं हैं: BNS की धारा 174 – लोक सेवक द्वारा विधि का उल्लंघन, धारा 353 – लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना, धारा 352 – शांति भंग करने का प्रयास, धारा 123(4) व 125 (RPA) – चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और समाज में वैमनस्य फैलाने से संबंधित प्रावधान। 🕵️ जांच की जिम्मेदारी DySP मिथलेश कुमार को इस संवेदनशील मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी मिथलेश कुमार को सौंपी गई है। वे बयान की प्रामाणिकता, वीडियो/पोस्ट के स्रोत, और संभावित आपराधिक इरादे की दिशा में जांच कर रहे हैं। 📱 सोशल मीडिया पर बयान की तलाश पुलिस टीम फिलहाल एमएलसी सुनील सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट्स और वायरल वीडियो की जांच में जुटी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या बयान किसी सार्वजनिक सभा या डिजिटल मंच पर दिया गया था। 🗣️ राजनीतिक हलकों में हलचल राजद खेमे ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे “लोकतंत्र के खिलाफ भड़काऊ राजनीति” का उदाहरण कहा है। चुनावी मौसम में यह मामला अब बिहार की राजनीति में नया तूल पकड़ चुका है।
भारत-बोत्सवाना वन्यजीव मित्रता का नया अध्याय: बोत्सवाना ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत भारत को सौंपे आठ चीते
✍️ भागीरथी यादव गैबोरोन/नई दिल्ली- भारत और बोत्सवाना के बीच वन्यजीव संरक्षण साझेदारी में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बोत्सवाना ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत औपचारिक रूप से भारत को आठ चीते सौंपे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने मिलकर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। गैबोरोन स्थित मोकोलोडी नेचर रिजर्व में आयोजित समारोह के दौरान, दोनों राष्ट्रपतियों ने बोत्सवाना के घांजी क्षेत्र से पकड़े गए चीतों को क्वारंटाइन सेंटर में छोड़े जाते देखा। यह कार्यक्रम भारत और बोत्सवाना के बीच वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में गहरी होती साझेदारी का प्रतीक बना। राष्ट्रपति मुर्मु की यह बोत्सवाना की पहली राजकीय यात्रा है। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा गया — > “भारत-बोत्सवाना वन्यजीव संरक्षण साझेदारी में एक नया अध्याय। यह पहल दोनों देशों के पर्यावरणीय सहयोग को नई दिशा देगी।” विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह पहल भारत के ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण की एक बड़ी उपलब्धि है, जो विलुप्तप्राय प्रजातियों के पुनर्वास और संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण प्रस्तुत करती है। बोत्सवाना में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा — > “मुझे बताया गया है कि बोत्सवाना में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। आप सभी भारत के गौरवशाली राजदूत हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत और बोत्सवाना वर्ष 2026 में राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाएंगे। दोनों देश हीरा उद्योग (डायमंड सेक्टर) में लंबे समय से साझेदार हैं, और अब रक्षा, प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत की प्रगति पर बोलते हुए कहा — > “भारत आज एक परिवर्तनकारी दौर में है। हमारी युवा शक्ति, मजबूत अर्थव्यवस्था और इनोवेशन की भावना हमें 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे ले जा रही है। ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्वच्छ भारत’ जैसी पहल भारत के नवोन्मेषी भविष्य की पहचान बन चुकी हैं।” यह दौरा न केवल भारत-बोत्सवाना संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि अफ्रीका में भारत की वन्यजीव संरक्षण साझेदारी को भी नई दिशा देगा।
गुरुग्राम में 11वीं के छात्र ने क्लासमेट को मारी गोली, दो महीने पुरानी रंजिश बनी वजह
✍️ भागीरथी यादव गुरुग्राम – सेक्टर-48 में एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यहां 11वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने क्लासमेट को घर बुलाकर गोली मार दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से वारदात को अंजाम दिया। घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे हुई, जब तीनों सहपाठी आरोपी के किराए के फ्लैट में मौजूद थे। किसी बात पर कहासुनी के बाद आरोपी ने गोली चला दी, जो छात्र की गर्दन में लगी। घायल को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से एक पिस्तौल, दो मैगजीन और 70 कारतूस बरामद किए हैं तथा दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पूछताछ में पता चला कि दोनों के बीच करीब दो महीने पहले झगड़ा हुआ था, जिससे आरोपी नाराज़ था और बदला लेना चाहता था। आरोपी के पिता प्रॉपर्टी डीलर हैं और हथियार उन्हीं का लाइसेंसी पिस्तौल बताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायल छात्र की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा: एनएएसी का कारण बताओ नोटिस, ईडी करेगी फॉरेंसिक ऑडिट
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली | 13 नवंबर 2025: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच अब शिक्षा संस्थानों तक पहुँच गई है। फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी पर अब दोहरी कार्रवाई की तलवार लटक रही है — 👉नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ने यूनिवर्सिटी को फर्जी मान्यता दावे पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है, और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके वित्तीय लेन-देन का फॉरेंसिक ऑडिट शुरू कर दिया है। NAAC ने लगाया “जनता को गुमराह करने” का आरोप एनएएसी के निदेशक गणेशन कन्नाबिरण ने 12 नवंबर को जारी नोटिस में कहा कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर गलत जानकारी देकर एनएएसी मान्यता का झूठा दावा किया है। यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर यह उल्लेख किया गया था कि उसके तीन कॉलेज — अल फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (1997 से, A ग्रेड) ब्राउन हिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (2008 से) अल फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (2006 से, A ग्रेड) — एनएएसी से मान्यता प्राप्त हैं। लेकिन एनएएसी ने स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग स्कूल को 2013–2018 तक (CGPA 3.08) और एजुकेशन स्कूल को 2011–2016 तक (CGPA 3.16) ही ‘A’ ग्रेड दिया गया था, जो अब समाप्त हो चुका है। नोटिस में कहा गया है कि यह दावा छात्रों, अभिभावकों और जनता को गुमराह करने वाला है। एनएएसी ने यूनिवर्सिटी से 7 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है और तब तक वेबसाइट से एनएएसी का उल्लेख हटाने का आदेश दिया है। नोटिस जारी होते ही यूनिवर्सिटी की वेबसाइट डाउन हो गई। ईडी करेगी फॉरेंसिक ऑडिट, तीन डॉक्टरों के लेन-देन पर नजर ब्लास्ट केस में आरोपी डॉ. उमर नबी, डॉ. मुजम्मिल गनाई और डॉ. शाहीन सईद के वित्तीय ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये इकट्ठा किए और 26 क्विंटल एनपीके फर्टिलाइज़र खरीदा, जिसका उपयोग IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने में किया गया। ईडी अब यूनिवर्सिटी की फंडिंग, विदेशी लेन-देन और ट्रस्ट अकाउंट्स का फॉरेंसिक ऑडिट करेगी। यूनिवर्सिटी का जवाब — “हमारा ब्लास्ट से कोई लेना-देना नहीं” बढ़ते विवाद पर अल फलाह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि “हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई संबंध नहीं है। जिस तरह से हमारी यूनिवर्सिटी का नाम जोड़ा जा रहा है, उससे संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।” यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि “कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमारे खिलाफ झूठी व मनगढ़ंत बातें फैलाई जा रही हैं, जिनमें कोई सत्यता नहीं है।” ट्रस्ट ने विदेशी फंडिंग से किया इनकार अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने ईडी को दिए अपने प्रारंभिक जवाब में विदेशी फंडिंग से इनकार किया है, हालांकि उसने जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल खुलासे के बाद से यूनिवर्सिटी की गतिविधियों की गहन पड़ताल जारी है।
विहिप नेता प्रिंस गौड़ प्रकरण: पीलीभीत की ADM ऋतु पूनिया हटाई गईं, शासन ने लखनऊ मुख्यालय से जोड़ा
✍️ भागीरथी यादव पीलीभीत। उत्तर प्रदेश शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पीलीभीत की ADM (वित्त एवं राजस्व) ऋतु पूनिया को उनके पद से हटा दिया है। उन्हें देर रात आदेश जारी कर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। उनकी जगह प्रसून द्विवेदी को नया ADM (वित्त एवं राजस्व) नियुक्त किया गया है। प्रसून द्विवेदी अब तक मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में तैनात थे। यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब विहिप (VHP) संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ की गिरफ्तारी को लेकर संघ परिवार और हिंदू संगठनों में भारी नाराज़गी फैल गई थी। — 🔹 पृष्ठभूमि: मजार निर्माण को लेकर हुआ था विवाद विहिप नेता प्रिंस गौड़ ने कुछ दिन पहले शहर की एक कॉलोनी में निर्माणाधीन मजार का विरोध किया था। उनका आरोप था कि ADM ऋतु पूनिया कॉलोनाइजर को संरक्षण दे रही थीं। इस मामले की शिकायत प्रिंस ने बरेली मंडलायुक्त से की थी और ADM के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसी विवाद के बाद ADM ऋतु पूनिया ने प्रिंस गौड़ पर रंगदारी मांगने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने 8 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। — 🔹 हिंदू संगठनों का विरोध और शासन की सख्ती प्रिंस गौड़ की गिरफ्तारी के बाद विहिप, बजरंग दल और संघ परिवार से जुड़े संगठनों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए और ADM पर कार्रवाई की मांग की गई। इसी विरोध के बीच शासन ने देर रात कार्रवाई करते हुए ADM ऋतु पूनिया को हटा दिया। — 🔹 ADM ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया झूठा ADM ऋतु पूनिया ने सभी आरोपों से इंकार करते हुए कहा था कि, > “मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। न तो धारा 80 और न ही स्टांप शुल्क मेरे अधिकार क्षेत्र में आते हैं। प्रिंस गौड़ ने धमकी दी, मेरी छवि खराब करने की कोशिश की।” उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें गिरोह से हमले का डर है और प्रशासन को सुरक्षा की मांग की थी। — 🔹 अब नए ADM बने प्रसून द्विवेदी ADM ऋतु पूनिया की जगह प्रसून द्विवेदी को पीलीभीत का नया ADM (वित्त एवं राजस्व) बनाया गया है। वे इससे पहले मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में OSD के रूप में कार्यरत थे। — इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और हिंदू संगठनों के बीच टकराव का माहौल पैदा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शासन की इस कार्रवाई के बाद विवाद शांत होता है या नया मोड़ लेता है।
दीदारगंज में जुआ विवाद से उपजी गोलीबारी, तीन युवक घायल – पुलिस ने शुरू की जांच
✍️ भागीरथी यादव पटना। दीदारगंज थाना क्षेत्र के ज्ञानचक गांव में बुधवार रात जुआ खेलने को लेकर हुए पुराने विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। नशे में धुत कुछ युवकों ने पिस्टल से अंधाधुंध गोलीबारी कर दी, जिसमें तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान विकास कुमार (21 वर्ष) पिता जगन्नाथ सिंह, साहिल कुमार (20 वर्ष) पिता संजय कुमार और अंकित कुमार (20 वर्ष) पिता किशोरी सिंह के रूप में हुई है। गोलीबारी में विकास और अंकित को पैर में, जबकि साहिल को सीने में गोली लगी। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। गोली चलने की आवाज से गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण घरों से निकलकर बाहर आए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची दीदारगंज पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू की और घटनास्थल से खोखा बरामद किया है। थानाध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पुरानी रंजिश और जुआ विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा, “घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हर पहलू पर गंभीरता से जांच चल रही है।” ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच दीपावली के दौरान जुआ खेलने को लेकर विवाद हुआ था। दो दिन पहले भी कहासुनी के बाद अंकित के भाई दीपक की पिटाई की गई थी, जिसका इलाज स्थानीय नर्सिंग होम में हुआ था। उसी रंजिश के चलते बुधवार की रात यह हमला किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास अभियुक्तों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। गांव में तनाव का माहौल है, जिसके चलते अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
विरार में देह व्यापार का भंडाफोड़, दो महिला दलाल गिरफ्तार — दो पीड़ित युवतियों को पुलिस ने कराया मुक्त
✍️ भागीरथी यादव वसई-विरार। मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस आयुक्तालय की महिला अत्याचार प्रतिबंधक एवं विशेष बाल संरक्षण शाखा ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विरार पश्चिम में चल रहे देह व्यापार के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से दो महिला दलालों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो पीड़ित युवतियों को उनके चंगुल से मुक्त कराया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शीतल मुंढे के नेतृत्व में की गई। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि विरार पश्चिम स्थित ओल्ड विवा कॉलेज, चेरिस बिल्डिंग नंबर 12 (ग्राउंड फ्लोर) में दो महिला दलाल ग्राहकों को लड़कियों की फोटो भेजकर देह व्यापार का नेटवर्क चला रही हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजकर जाल बिछाया और मौके पर छापेमारी की, जिसमें दोनों महिला दलाल रंगे हाथों पकड़ी गईं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये महिलाएं पिछले आठ महीनों से इस धंधे में सक्रिय थीं और अपने कमरे से ही ग्राहकों से संपर्क करती थीं। फिलहाल मामले की जांच बोलींज पुलिस को सौंपी गई है, जो यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित महिलाओं ने कितनी और युवतियों को इस अवैध गतिविधि में शामिल किया और क्या इस नेटवर्क में अन्य सहयोगी भी हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं दोनों पीड़ित युवतियों को महिला सुधारगृह भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। 👉 पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और मानव तस्करी के हर रूप को जड़ से खत्म करने का अभियान निरंतर चलेगा।
लखनऊ में विशेष न्यायाधीश की कार पर हमला, परिवार संग मौजूद थे जज — राजधानी की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
✍️ भागीरथी यादव लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी वारदात सामने आई है। सीतापुर में तैनात विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) मोहम्मद सफीक की कार पर अज्ञात युवकों ने टेढ़ी पुलिया चौराहे पर हमला कर दिया, उस समय जज साहब अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कार में मौजूद थे। हमलावरों ने पहले गाली-गलौज की, फिर कार के शीशे और बोनट पर जोरदार हमला किया और जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के दौरान परिवार के सदस्यों में दहशत फैल गई और किसी तरह वे वहां से जान बचाकर निकले। घटना 8 नवंबर की रात करीब 11:15 बजे की बताई जा रही है। जज की पत्नी सिद्दीका ताहिरा के अनुसार, वे अपने पति और बेटों के साथ इंदिरा नगर स्थित घर लौट रही थीं। रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर जब वे मर्सी हॉस्पिटल, टेढ़ी पुलिया के पास रुके, तो कुछ देर बाद उनकी कार के सामने एक स्विफ्ट डिज़ायर और काली स्कॉर्पियो आकर रुकीं। दोनों गाड़ियों में हल्की टक्कर होने के बाद स्कॉर्पियो सवार दो युवक उतरे और बिना किसी वजह के जज के परिवार पर हमला बोल दिया। पीड़िता ने बताया कि हमलावरों ने कार का बायां शीशा तोड़ दिया, गालियां दीं और बाहर निकलने पर धमकी भरे लहजे में अभद्रता की। डर के मारे उन्होंने बेटे से कार मोड़ने को कहा और किसी तरह वहां से निकल गईं। घटना के बाद ताहिरा कुछ दिनों के लिए प्रतापगढ़ चली गईं। 10 नवंबर को लौटकर उन्होंने विकास नगर थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जा सके। पीड़िता ने कहा — “यह सिर्फ हमारे परिवार पर हमला नहीं, बल्कि राजधानी में कानून व्यवस्था पर गहरा सवाल है। अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है।” 👉 पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
बाढ़ में शराब माफियाओं का तांडव: मद्य निषेध विभाग की टीम पर हमला, दो आरोपी छुड़ाए – चार जवान घायल, कई वाहन तोड़े
✍️ भागीरथी यादव पटना/बाढ़, 13 नवंबर 2025। राजधानी पटना से सटे बाढ़ के अथमलगोला थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात मद्य निषेध विभाग की टीम पर असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। गंजपर गांव के पास हुई इस घटना में भीड़ ने न केवल पुलिस पर ईंट-पत्थर और डंडों से हमला किया, बल्कि दो गिरफ्तार शराबियों को छुड़ाकर फरार हो गई। इस हमले में तीन महिला सिपाहियों सहित चार जवान घायल हो गए, जबकि चार सरकारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। बताया जा रहा है कि मद्य निषेध विभाग की टीम सहायक अवर निरीक्षक पिंकी कुमारी के नेतृत्व में छह वाहनों के काफिले के साथ रात्रि गश्त पर निकली थी। इसी दौरान गंजपर गांव के पास सड़क किनारे कुछ युवक शराब के नशे में हंगामा कर रहे थे। जैसे ही पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा और ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच शुरू की, वहां मौजूद भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों की पिटाई कर पकड़े गए दोनों शराबियों को छुड़ा लिया और ब्रेथ एनालाइजर मशीन छीन ली। घटना की सूचना मिलते ही अथमलगोला थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। घायल जवानों निधि प्रिया, निगम कुमारी, कविता कुमारी और सतेंद्र पासवान को उपचार के लिए अथमलगोला पीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। मद्य निषेध विभाग के इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि घटना के संबंध में 14 नामजद और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने एक आरोपी सुखदेव राय को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। उन्होंने कहा कि यह हमला कानून के खिलाफ साजिश है और अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
















