“खाकी शर्मसार! DSP कल्पना वर्मा पर करोड़ों की अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग का आरोप”

✍️ भागीरथी यादव 

 

डीजीपी अरुण देव गौतम से मिलकर टंडन ने की शिकायत

 

लोकसदन के सूत्रो के अनुसार – डीएसपी का विवादों से पुराना नाता रहा अपने ही जिले में पदस्थ डीएफओ से भी कुछ इस तरह का मामला सामने आया जिसमे डीएफओ ने चक्कर में पड़कर अपनी पत्नी को दिया था तलाक साथ ही २०१६ बैच के डीएसपी परीक्षा में भी नकल करते पकड़ी गई डीएसपी परंतु आईबीसी में समाचार आने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं

राजधानी रायपुर के व्यवसायी दीपक टंडन ने अपनी शिकायत में

छत्तीसगढ़ पुलिस की DSP कल्पना वर्मा पर पद और प्रभाव के दुरुपयोग, अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले की वरिष्ठ व स्वतंत्र अधिकारी से जांच कराने की मांग की है।

दीपक टंडन का कहना है – कि वे पिछले कई वर्षों से होटल व्यवसाय से जुड़े हैं और इस दौरान उनके DSP कल्पना वर्मा व उनके परिजनों से पारिवारिक व व्यावसायिक संबंध रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संबंधों का दुरुपयोग करते हुए DSP कल्पना वर्मा ने दबाव बनाकर उनसे लाखों रुपये बैंक व नकद माध्यम से वसूल किए।

30 लाख से अधिक के लेन-देन का दावा

 

शिकायत में उल्लेख है कि होटल व्यवसाय से जुड़े कार्यों में दीपक टंडन द्वारा RTGS के माध्यम से लगभग 30 लाख रुपये DSP कल्पना वर्मा के पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा समय-समय पर अन्य खातों में भी बड़ी रकम भेजी गई। दीपक टंडन का आरोप है कि यह भुगतान दबाव और भय के माहौल में कराया गया।

ब्लैकमेलिंग और पारिवारिक जीवन में दखल

 

दीपक टंडन ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने आगे पैसे देने से इनकार किया तो DSP कल्पना वर्मा द्वारा मोबाइल चैट्स के आधार पर ब्लैकमेलिंग शुरू की गई और यहां तक कि उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करते हुए तलाक का दबाव बनाया गया।

वाहन जब्ती को बताया गैर-कानूनी

 

शिकायत के अनुसार, उनकी पत्नी के नाम से पंजीकृत वाहन CG-04-PA-0486 को बिना विधिसम्मत प्रक्रिया के जब्त किया गया, जबकि शिकायतकर्ता या वाहन स्वामिनी को जांच के दौरान उपस्थित होने की कोई सूचना नहीं दी गई। दीपक टंडन ने इसे स्पष्ट रूप से अधिकारों का हनन बताया है।

 

निष्पक्ष जांच की मांग

 

दीपक टंडन का कहना है कि चूंकि आरोपी एक DSP स्तर की अधिकारी हैं और उनके वरिष्ठ अधिकारियों से संबंध हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर हुई कार्रवाई निष्पक्ष नहीं कही जा सकती। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी सक्षम वरिष्ठ IPS अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।

 

परिवार की सुरक्षा पर खतरे का आरोप

 

शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें और उनके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे वे मानसिक तनाव और असुरक्षा में जीने को मजबूर हैं।

 

दीपक टंडन ने DGP से आग्रह किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए DSP कल्पना वर्मा के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि कानून और न्याय व्यवस्था पर आम जनता का विश्वास बना रहे।