मोरगा क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति बदहाल, चार माह से ग्रामीण परेशान

दिन-रात बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; नियमित विद्युत आपूर्ति और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग

 

कोरबा। जिले के मोरगा क्षेत्र की आठ ग्राम पंचायतों में पिछले चार माह से विद्युत आपूर्ति की अनियमितता के चलते ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिन हो या रात, कभी भी बिजली गुल हो जाने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस समस्या को लेकर आठ ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में बताया गया है कि मोरगा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मदनपुर, मोरगा, पुतरियाडांड, गिधमुड़ी, अरसिया, बिंझरा, धनगांव एवं केंदई में पिछले चार माह से बिजली आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों द्वारा बिजली कटौती के संबंध में क्षेत्र के लाइनमैन हीरालाल कंवर से जानकारी लेने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात भी कही गई है।

 

जनप्रतिनिधियों के अनुसार, बिजली आपूर्ति बाधित होने पर लाइनमैन द्वारा अलग-अलग कारण बताए जाते हैं। कभी कोरबा जिले से लगे सूरजपुर जिले के गांवों में हाथी विचरण का हवाला देकर रातभर बिजली काटने की बात कही जाती है, तो कभी बिजली का तार जोड़ने के लिए अनुमति नहीं मिलने की जानकारी दी जाती है। वहीं, इंसुलेटर का पंचर होना अथवा अन्य तकनीकी खराबी बताकर मरम्मत नहीं होने तक बिजली आपूर्ति बंद रहने की बात कही जाती है।

 

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 12 अक्टूबर 2026 को ग्राम मोरगा में जूनियर इंजीनियर, क्षेत्र के सरपंचों, जनपद सदस्यों एवं ग्रामीणों के बीच बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में जूनियर इंजीनियर द्वारा एक सप्ताह के भीतर विद्युत संबंधी समस्याओं का समाधान कर नियमित बिजली आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।

 

आठों ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करने तथा हाथी विचरण की समस्या को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त नियमित विद्युत कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को निर्बाध और नियमित बिजली आपूर्ति मिल सके।

 

ज्ञापन की प्रतिलिपि संभागीय स्तर के विद्युत विभाग बिलासपुर को भी भेजी गई है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर विद्युत विभाग और जिला प्रशासन कब तक ठोस कदम उठाते हैं।