किसान से धोखाधड़ी मामला: कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को सशर्त जमानत, आज शाम जेल से रिहाई

✍️ भागीरथी यादव   जांजगीर-चांपा। किसान से धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत देते हुए रिहा करने का आदेश दिया है। जमानत आदेश जारी होने के बाद विधायक साहू को आज शाम जिला जेल से रिहा किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले न्यायालय ने विधायक बालेश्वर साहू को 22 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। आज चालान पेश होने के बाद कोर्ट में सुनवाई के दौरान उन्हें यह राहत मिली। इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में पहले से ही सरगर्मी बनी हुई थी। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जिला जेल पहुंचकर विधायक साहू से मुलाकात किए जाने के बाद चर्चाएं और तेज हो गई थीं। अब जमानत मिलने की खबर के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। मामला और आरोप विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ चाम्पा थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई थी। जांच की जिम्मेदारी सीएसपी योगिता बाली खापर्डे जांजगीर थाना प्रभारी निरीक्षक मणिकांत पाण्डेय उप निरीक्षक उमेन्द्र मिश्रा (चाम्पा थाना) को सौंपी गई थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आज न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायिक प्रक्रिया चालान स्वीकार करने के बाद CJM न्यायालय ने जेल वारंट जारी किया था। इसके पश्चात विधायक साहू ने रेगुलर बेल के लिए आवेदन दिया, जिसे पहले खारिज कर दिया गया था। हालांकि, ताजा सुनवाई में न्यायालय ने उन्हें सशर्त जमानत प्रदान कर दी। फिलहाल, विधायक को राहत जरूर मिली है, लेकिन मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। यह प्रकरण आने वाले दिनों में राजनीतिक और कानूनी दोनों ही मोर्चों पर चर्चा का विषय बना रहेगा।

सूरजपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाला अपराध, पंचायत सचिव पर नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म का आरोप

✍️ भागीरथी यादव    सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जयनगर थाना क्षेत्र में एक पंचायत सचिव पर अपनी ही नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी पंचायत सचिव पीड़िता को घुमाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया था। इसी दौरान उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद परिवार ने जयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही आरोपी पंचायत सचिव फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक रिश्तों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

रायपुर में उठाईगिरी का आतंक, 24 घंटे में दो बड़ी वारदातों से दहशत

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि वे पुलिस की मौजूदगी और निगरानी को खुली चुनौती दे रहे हैं। बीते 24 घंटे के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों में उठाईगिरी की दो बड़ी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली घटना गंज थाना क्षेत्र की है, जहां बदमाशों ने एक कार का शीशा तोड़कर करीब 10 लाख रुपये नकद और कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान पर हाथ साफ कर दिया। वहीं दूसरी वारदात देवेंद्र नगर इलाके में सिटी सेंटर मॉल के पास हुई, जहां कपड़ा व्यापारी की कार से साढ़े तीन लाख रुपये चोरी कर लिए गए। दोनों ही मामलों में चोरी की करतूत सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। मिली जानकारी के अनुसार महासमुंद निवासी प्रदीप चोपड़ा रायपुर के डूबरतराई, सदाराम मार्केट में “अरिहंत मार्केटिंग” के नाम से प्लास्टिक मटेरियल का व्यवसाय करते हैं, जबकि पंडरी महालक्ष्मी कपड़ा मार्केट में उनकी “पास लिविंग” नाम से फर्नीचर की दुकान है। उनके भांजे सागर जैन की आगामी शादी के चलते खरीदारी के लिए वे 3 लाख रुपये एक नीले रंग के ऑफिस बैग में रखकर दोपहर करीब 11.30 बजे अपनी होंडा सिटी कार (CG 04 LM 1004) से रायपुर पहुंचे थे। शाम लगभग 5.30 बजे उन्होंने महालक्ष्मी कपड़ा मार्केट के पास महाराजा फुटवेयर के सामने निर्माणाधीन मॉल के किनारे कार खड़ी की। बैग को जांचने के बाद उन्होंने उसे कार की पिछली सीट पर रखा, वाहन लॉक किया और दुकान चले गए। रात करीब 8 बजे जब वे पैसे लेने वापस लौटे तो देखा कि कार के पीछे बाईं ओर के दरवाजे का कांच टूटा हुआ था। अंदर रखा नीले रंग का बैग, जिसमें पूरे 3 लाख रुपये थे, गायब था। अज्ञात चोरों द्वारा की गई इस उठाईगिरी की शिकायत पीड़ित ने थाने में दर्ज कराई है। लगातार हो रही ऐसी वारदातों से शहरवासियों में भय का माहौल है और पुलिस की गश्त व सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

अंधविश्वास बना हथियार: झाड़-फूंक के नाम पर महिला से ₹1.50 लाख की ठगी, दो ढोंगी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   कांकेर। झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों की आस्था से खिलवाड़ कर ठगी करने वालों पर कांकेर पुलिस ने करारा प्रहार किया है। एक महिला को उसकी बेटी पर जादू-टोना होने का भय दिखाकर डेढ़ लाख रुपए ऐंठने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। थाना कांकेर क्षेत्र के बाबू साल्हेटोला निवासी पंचमी चक्रधारी (38 वर्ष) ने 12 जनवरी 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक शाबिर खान, जो खुद को सांप पकड़ने वाला और ओझा बताता था, अपने साथी अफसर खान के साथ उसके घर पहुंचा। दोनों ने उसकी बेटी समरिका चक्रधारी पर किसी प्रकार के जादू-टोना का असर होने का दावा किया और झाड़-फूंक व पूजा-पाठ से ठीक करने का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने पहले पूजा सामग्री के नाम पर ₹5,000 लिए। इसके बाद इलाज के बहाने तीन किस्तों में ₹45-45 हजार रुपए वसूल किए और बकरा बली के नाम पर अलग से ₹5,000 लेकर कुल ₹1,50,000 की ठगी कर डाली। काफी समय बीतने के बाद भी जब कोई सुधार नहीं हुआ, तब पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत की। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की और 13 जनवरी 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाबिर खान (30 वर्ष), निवासी धरसींवा रायपुर और अफसर खान (25 वर्ष), निवासी धरसींवा रायपुर के रूप में हुई है। पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र कुमार साहू के निर्देशन में की गई, जिसमें पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही।   कांकेर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अंधविश्वास के नाम पर ठगी करने वाले ढोंगी बाबाओं और ओझाओं से सतर्क रहें। किसी भी तरह के जादू-टोना या झाड़-फूंक के झांसे में न आएं और ऐसी गतिविधियों की तुरंत पुलिस को जानकारी दें।

बीजा डांड जंगल में जेट प्लेन से हवाई सर्वे बना चर्चा का विषय

सुशील जायसवाल   रुंगटा के नए कोयला खदान के विरोध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का अनिश्चितकालीन धरना शुरू कोरबा (रानी अटारी विजय वेस्ट), 13 जनवरी। बीजा डांड जंगल क्षेत्र में जेट प्लेन के माध्यम से कराए गए हवाई सर्वे को लेकर ग्रामीण इलाकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस बीच रुंगटा समूह के प्रस्तावित नए कोयला खदान के विरोध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक इकाई, पसान द्वारा 9 जनवरी को प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर वन अधिकार, खनन प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं और ग्राम पंचायतों में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। चेतावनी के अनुरूप आज से पार्टी कार्यकर्ताओं ने धरना प्रारंभ कर दिया। पार्टी की प्रमुख मांगों में वन अधिकार अधिनियम 2012 के तहत वर्षों से लंबित व्यक्तिगत वन अधिकार पत्रों का शीघ्र निराकरण कर पात्र किसानों को अधिकार पत्र प्रदान करना शामिल है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि SECL द्वारा क्षेत्र में पिछले 20–25 वर्षों से कोयला खनन कर अरबों रुपये का राजस्व अर्जित किया गया, लेकिन इसके बावजूद खनन प्रभावित गांवों में बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी नदारद हैं। ग्रामीणों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने कंपनी पर सामाजिक दायित्वों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रभावित क्षेत्र के समग्र विकास हेतु विशेष विकास राशि उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग प्रशासन से की है। ज्ञापन में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि दो ग्राम पंचायतों में बिना ग्रामवासियों को सूचना दिए कथित रूप से फर्जी ग्रामसभा की कार्यवाही दर्ज कर निजी कंपनी को कोयला खनन के लिए प्रस्ताव भेजा गया। सोशल मीडिया पर वायरल ग्रामसभा कार्यवाही की छायाप्रति के आधार पर पार्टी ने निष्पक्ष जांच कर दोषी सरपंच एवं सचिवों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही धरना स्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं असामाजिक तत्वों पर निगरानी हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग भी प्रशासन से की गई है। धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से विद्वान सिंह मरकाम (जिला पंचायत सदस्य एवं जिलाध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी), संतोष मरावी (जनपद सदस्य, पुटीपखना), चंद्रनाथ पोर्ते (सरपंच), श्रवण कुमार (सरपंच प्रतिनिधि, तनेरा), सुरेंद्र सिंह (सरपंच, मिसिया), मनोज मरावी, तापस पोया, शंकर मरावी, जगतपाल केराम सहित आसपास के गांवों की मातृ शक्ति और पितृ शक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पसान एवं कोरबी चौकी पुलिस की तैनाती की गई है।

नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नशीले इंजेक्शन के साथ नाबालिग गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से मनेन्द्रगढ़ पुलिस द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना प्रभारी दीपेश सैनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नशीले इंजेक्शन की तस्करी करते हुए एक विधि से संघर्षरत नाबालिग को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के निर्देश तथा एसडीओपी अलेक्सियुस टोप्पो के मार्गदर्शन में सायबर सेल मनेन्द्रगढ़ और सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ की संयुक्त टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। 12 जनवरी 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौहारपारा रेलवे ब्रिज के पास घेराबंदी कर संदिग्ध नाबालिग को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 19 नग एविल इंजेक्शन (10 एमएल) एवं 46 नग ब्यूप्रेनॉर्फीन इंजेक्शन (0.5 एमएल) बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 60 हजार रुपये बताई जा रही है। नशीले इंजेक्शन के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मौके पर ड्रग इंस्पेक्टर आलोक मिंज को बुलाया गया। जांच में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद विधि से संघर्षरत किशोर को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय किशोर न्यायालय बोर्ड, बैकुण्ठपुर में न्यायिक रिमाण्ड पर प्रस्तुत किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में नाबालिग ने स्वीकार किया कि वह पहले स्वयं नशे का आदी था और बाद में आर्थिक लालच में आकर नशीले इंजेक्शन की बिक्री करने लगा। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नशीले इंजेक्शन की बड़े पैमाने पर आपूर्ति करने वाले फरार आरोपी शुभम यादव को हैदराबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें नशे से दूर रखने में सहयोग करें। एमसीबी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस कार्रवाई में प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक विवेक पाटले, थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश सैनी, प्रिंस राय एवं नवीन तिवारी की सराहनीय भूमिका रही। इनका कहना है थाना प्रभारी दीपेश सैनी ने कहा कि अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस की मुहिम निरंतर जारी है। नशे के इस अवैध नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी।

यातायात जागरूकता अभियान: चिरमिरी में थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में लगा लर्निंग लाइसेंस शिविर

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी/चिरमिरी। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से शासन-प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे एक माह के विशेष यातायात जागरूकता अभियान के तहत आज चिरमिरी में महत्वपूर्ण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर चिरमिरी पुलिस एवं क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में वाहन चालक पहुंचे, जिनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। आरटीओ विभाग द्वारा मौके पर ही लर्निंग लाइसेंस बनाने की पूरी प्रक्रिया संपन्न की गई, जिससे लोगों को बड़ी सुविधा मिली। इसके साथ ही वाहन चालकों के लिए नेत्र परीक्षण शिविर भी लगाया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चालक की दृष्टि वाहन संचालन के लिए उपयुक्त है। थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि शिविर की जानकारी शहर में मुनादी के माध्यम से दी गई थी, जिसके कारण सुबह से ही आवेदकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा एक माह का यातायात जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और इसी कड़ी में आरटीओ विभाग के समन्वय से यह लर्निंग लाइसेंस शिविर आयोजित किया गया। थाना प्रभारी ने आगे कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा वाहन चालकों को कानूनी रूप से लाइसेंस बनवाकर सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित करना है। शिविर में शामिल नागरिकों ने पुलिस एवं आरटीओ विभाग की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए इसे आमजन के लिए बेहद उपयोगी बताया।  

गीदम प्रदाय केंद्र में चावल घोटाला उजागर, गोदाम प्रभारी निलंबित

✍️ भागीरथी यादव    नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के गीदम प्रदाय केंद्र में चावल भंडारण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। एरिया ऑफिसर द्वारा 2 जनवरी 2026 को संचालनालय खाद्य के खाद्य निरीक्षक के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया था, जिसकी जांच रिपोर्ट 5 जनवरी 2026 को प्रस्तुत की गई। जांच में गोदाम क्रमांक 6 और 7 में भौतिक रूप से पाए गए कुल 20 स्टेकों में से 18 स्टेकों के चावल के नमूनों में जाले के लट्ठे पाए गए। इस कारण संबंधित स्टेकों का चावल उचित मूल्य दुकानों तक परिवहन के लिए अनुपयुक्त पाया गया। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान स्टेक क्रमांक 6/1, 6/6, 6/12, 7/5, 7/6 एवं 7/8 को ऑनलाइन रिकॉर्ड में ‘किल’ बताया गया, जबकि स्टेक क्रमांक 7/11 ए भौतिक रूप से निरीक्षण के समय मौजूद नहीं था, परंतु ऑनलाइन जानकारी में उसमें 1740 बोरी चावल दर्ज पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि गोदाम में चावल वितरण में फर्स्ट इन फर्स्ट आउट (FIFO) नियमों का पालन नहीं किया गया। इन गंभीर लापरवाहियों के लिए गीदम प्रदाय केंद्र के गोदाम प्रभारी श्री लिलेन्द्र पाणीग्राही, वरिष्ठ सहायक, को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार ठहराया गया है। कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने श्री पाणीग्राही द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, कर्तव्य में शिथिलता एवं आदेशों की अवहेलना को गंभीर मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला कार्यालय कांकेर निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इस कार्रवाई के बाद खाद्य आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर विभागीय सख्ती के संकेत मिले हैं।

कोल लेवी घोटाला: भूपेश बघेल की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया पर ईडी का बड़ा शिकंजा, 2.66 करोड़ की संपत्ति कुर्क

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया और कारोबारी निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने बताया कि अवैध कोयला शुल्क वसूली और जबरन वसूली से अर्जित अपराध की आय से खरीदी गई आठ अचल संपत्तियों पर अंतिम कुर्की आदेश जारी किया गया है। कुर्क की गई संपत्तियों में जमीन और आवासीय फ्लैट शामिल हैं, जिन्हें जांच के अनुसार आरोपितों ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदा था। शराब घोटाले में भी आरोप, हाईकोर्ट में सुनवाई आज गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया शराब घोटाला केस में भी आरोपित हैं। मंगलवार को उनकी जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। ऐसे समय में ईडी की यह कार्रवाई राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रही है। ईडी का दावा: अपराध की कमाई से खड़ी की गई संपत्ति ईडी का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कोल लेवी के नाम पर की गई अवैध वसूली से हासिल रकम को रियल एस्टेट में निवेश कर वैध बनाने की कोशिश की गई। दस्तावेजी सबूतों के आधार पर एजेंसी ने इन संपत्तियों को अपराध की आय मानते हुए कुर्क किया है। बढ़ता शिकंजा, गहराती जांच कोल लेवी घोटाले में यह कार्रवाई संकेत देती है कि जांच एजेंसियां अब आर्थिक लाभ उठाने वालों की संपत्तियों तक सीधे पहुंच बना रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासों तथा कार्रवाइयों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।  

कोरबा में दिल दहला देने वाली घटना: गर्भवती पत्नी को छोड़ युवक ने की आत्महत्या, परिजनों ने जताई जादू-टोना की आशंका

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा। जिले के कटघोरा क्षेत्र से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नवविवाहित युवक ने कथित रूप से परफ्यूम पीने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक की पत्नी सात माह की गर्भवती है, जिसके सिर से पति का साया उठ गया। मृतक की पहचान कटघोरा निवासी 28 वर्षीय विद्यासागर के रूप में हुई है, जो पेशे से मिस्त्री था। परिजनों के अनुसार, विद्यासागर शांत स्वभाव और सरल जीवन जीने वाला युवक था। उसकी शादी वर्ष 2025 में हुई थी और परिवार में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन बीते कुछ दिनों से उसकी मानसिक स्थिति में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा था। परफ्यूम पीकर उठाया आत्मघाती कदम सोमवार 5 जनवरी को विद्यासागर घर पहुंचा और अपने छोटे भाई से परफ्यूम मांगा। परफ्यूम लगाने के बाद वह उसे लेकर अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद जब परिजन कमरे की ओर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि विद्यासागर फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। कमरे से परफ्यूम की खाली शीशी भी बरामद हुई, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसने फांसी लगाने से पहले परफ्यूम पी लिया था। घटना के बाद परिजन बदहवास हालत में उसे नीचे उतारकर कटघोरा सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जादू-टोना को लेकर डरा हुआ था युवक: परिजन मृतक के बड़े भाई बजरंग सिंह उइके ने बताया कि विद्यासागर पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान था। कभी वह बिल्कुल सामान्य रहता, तो कभी अचानक असहज और घबराया हुआ नजर आता। परिजनों का आरोप है कि किसी जादू-टोने के डर के कारण वह अंदर ही अंदर टूट चुका था। ग्रामीण क्षेत्रों में फैले अंधविश्वास के चलते परिवार को शक है कि इसी मानसिक दबाव ने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर किया। पुलिस जांच में जुटी, बयान दर्ज घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी सुरेश मणि सोनवानी ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की डायरी आगे की जांच के लिए संबंधित थाने भेजी जा रही है। विशेषज्ञ बोले- अंधविश्वास बन सकता है जानलेवा इस मामले पर चिकित्सक डॉ. दिनेश मिश्र ने चिंता जताते हुए कहा कि समाज में फैला अंधविश्वास और जादू-टोने का डर लोगों को मानसिक रूप से कमजोर कर देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जादू-टोना कोई वास्तविक कारण नहीं होता, बल्कि यह भ्रम और मानसिक भय होता है, जो व्यक्ति को गंभीर तनाव और अवसाद की ओर ले जा सकता है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की खुशियों को उजाड़ गई, बल्कि समाज के सामने यह सवाल भी छोड़ गई कि अंधविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही कितनी भयावह साबित हो सकती है।

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