सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट — सोना 1.18 लाख के नीचे, निवेशकों की चिंता बढ़ी
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। सोने की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और निवेशकों के बदलते रुझान के बीच भारत में भी सोने-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोना 3,034 रुपए सस्ता होकर 1,18,043 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इससे पहले यह कीमत 1,21,077 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 22 कैरेट सोने के दाम में भी गिरावट देखी गई है — अब इसकी कीमत 1,08,127 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गई है, जबकि पहले यह 1,10,907 रुपए थी। वहीं 18 कैरेट सोना घटकर 88,532 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जो पहले 90,809 रुपए था। सोने के साथ-साथ चांदी भी सस्ती हुई है। चांदी की कीमत 3,135 रुपए गिरकर 1,41,896 रुपए प्रति किलो रह गई, जबकि पहले इसका भाव 1,45,031 रुपए प्रति किलो था। आईबीजेए रोजाना दो बार — दोपहर 12 बजे और शाम 5 बजे — ताजा दरें जारी करती है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी गिरावट का रुख जारी है। सोना (5 दिसंबर 2025 कॉन्ट्रैक्ट): 1.87% घटकर 1,18,700 रुपए प्रति 10 ग्राम चांदी (5 दिसंबर 2025 कॉन्ट्रैक्ट): 0.74% घटकर 1,42,301 रुपए प्रति किलो एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील पर बातचीत फिर से शुरू होने से सोने में निवेश का रुझान कमजोर पड़ा है। निवेशकों का ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के फैसले पर केंद्रित है। उन्होंने आगे कहा कि, “सोने पर दबाव बना हुआ है। इसका सपोर्ट स्तर 1,16,500 से 1,18,000 रुपए के बीच है, जबकि रुकावट का स्तर 1,21,000 से 1,22,000 रुपए के बीच देखा जा रहा है।” अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट का माहौल है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स (COMEX) पर सोना 1.98% गिरकर 3,939 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.52% घटकर 46.53 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अगर वैश्विक स्तर पर आर्थिक स्थिरता और ब्याज दरों में सख्ती का रुख जारी रहा, तो आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
श्रेयस अय्यर सिडनी वनडे में घायल — बीसीसीआई ने दी हेल्थ अपडेट, हालत स्थिर
✍️ भागीरथी यादव सिडनी/नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए वनडे सीरीज के तीसरे मैच के दौरान एक कैच लपकने के प्रयास में गंभीर रूप से घायल हो गए। चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कुछ समय तक उन्हें आईसीयू में रखा गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि अय्यर के पेट में गंभीर चोट लगी थी, जिसके कारण आंतरिक रक्तस्राव (internal bleeding) हुआ था। बोर्ड ने कहा, “चोट की पहचान समय रहते कर ली गई और तुरंत इलाज शुरू किया गया। इलाज के बाद रक्तस्राव पर नियंत्रण पा लिया गया है। श्रेयस अय्यर की हालत अब स्थिर है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं।” बीसीसीआई के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा था कि चोट पसलियों में है, लेकिन बाद में स्कैन में पता चला कि तिल्ली (spleen) में चोट लगी है। इसी वजह से अय्यर को सिडनी के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया था। अब उन्हें आईसीयू से बाहर लाया जा चुका है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। बोर्ड की मेडिकल टीम सिडनी और भारत, दोनों जगहों के विशेषज्ञ डॉक्टरों के संपर्क में है और उनकी रिकवरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि श्रेयस अय्यर पहले भी चोटों के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रह चुके हैं। हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वे ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए टीम में लौटे थे। सीरीज के पहले मैच में वे रन नहीं बना सके, लेकिन दूसरे वनडे में उन्होंने शानदार 61 रन की पारी खेली और रोहित शर्मा के साथ 118 रन की साझेदारी कर भारत की पारी को संभाला। क्रिकेट जगत उम्मीद कर रहा है कि श्रेयस अय्यर जल्द स्वस्थ होकर एक बार फिर टीम इंडिया के लिए मैदान पर वापसी करेंगे।
भारत की पहली डिजिटल जनगणना की तैयारी तेज — उत्तर प्रदेश बना देश की सबसे बड़ी फील्ड प्रयोगशाला
✍️ भागीरथी यादव लखनऊ। भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी फील्ड प्रयोगशाला घोषित किया गया है। जनगणना 2027 की तैयारी के तहत राज्य के तीन क्षेत्रों — अनूपशहर (जनपद बुलंदशहर), मिहीपुरवा (जनपद बहराइच) और प्रयागराज नगर निगम के सात वार्डों में 10 से 30 नवंबर तक ‘प्री टेस्ट’ आयोजित किया जाएगा। यह प्रायोगिक अभ्यास देश की अब तक की सबसे व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत डेटा संग्रह प्रक्रिया का हिस्सा होगा। मुख्य सचिव एस. पी. गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की पहली बैठक में डिजिटलीकरण की रूपरेखा और कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि, “जनगणना देश की जनसांख्यिकी और विकास योजनाओं की रीढ़ है, इसलिए सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।” जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। सभी डेटा संग्रह, प्रविष्टि, सत्यापन और मॉनिटरिंग कार्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाएंगे। राज्य में लगभग छह लाख कार्मिकों को इस कार्य में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक राज्य में किसी नए जनपद, तहसील, नगर निकाय या ग्राम पंचायत के गठन पर रोक रहेगी। इसके साथ ही पहली बार नागरिकों को ‘स्व-गणना (Self Enumeration)’ की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे वे स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। राज्य में एक स्टेट नोडल ऑफिस की स्थापना भी की जाएगी, जो डेटा समन्वय, निगरानी और प्रगति रिपोर्टिंग का कार्य संभालेगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन जुहैर बिन सगीर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डिजिटल जनगणना के माध्यम से हर नागरिक का डेटा सुरक्षित, केंद्रीकृत और तुरंत उपलब्ध रहेगा। इससे नीतियों व विकास योजनाओं के निर्माण में वास्तविक समय के आंकड़ों का उपयोग संभव होगा और भारत को वैश्विक डेटा गवर्नेंस मॉडल की दिशा में अग्रसर करेगा।
नगर वासियों एवं शिव शिष्य परिवार पाली ने भक्ति भाव से मनाया छठ पर्व
पाली/कोरबा। संवाददाता – ज्ञान शंकर तिवारी नगर पंचायत पाली में सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। चार दिवसीय इस पर्व का समापन मंगलवार की सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर शिव मंदिर घाट और नौकोनिया तालाब तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हर वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होता है। इसकी शुरुआत चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय से होती है। व्रती महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की लंबी आयु की कामना करती हैं। पाली में शिव शिष्य परिवार एवं नगरवासियों ने मिलकर पूरे भक्ति भाव से नौकोनिया तालाब में सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष अजय जायसवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने पूजा-अर्चना कर नगरवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। पर्व के दौरान नगर में विशेष उत्साह का माहौल रहा। व्रती महिलाओं के साथ उनके परिजनों और बड़ी संख्या में नगरवासियों ने श्रद्धा और आस्था के इस पर्व में भाग लिया। शनिवार को नहाय-खाय से शुरू हुआ यह पर्व मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर संपन्न हुआ। छठ पर्व ने नगर में आस्था और एकता का सुंदर संदेश दिया।
अर्जन के बाद जन्मे पुत्र को मिली न्याय की रोशनी — सुप्रीम कोर्ट ने एसईसीएल की याचिका की खारिज, खुले रोजगार के द्वार
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। वर्षों से न्याय और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे खातेदार परिवारों के चेहरों पर आखिरकार उम्मीद की किरण झलक उठी है। सुप्रीम कोर्ट ने एसईसीएल की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें अर्जन के बाद जन्मे पुत्र को रोजगार देने के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस निर्णय के साथ अब यह साफ हो गया है कि अर्जन के बाद जन्मा व्यक्ति भी अपने पिता के खातेदारी अधिकारों के आधार पर रोजगार पाने का हकदार है। — राहुल जायसवाल के संघर्ष ने बदली व्यवस्था की सोच कुसमुंडा परियोजना के खातेदार के पुत्र राहुल जायसवाल ने वर्ष 2019 में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका (WPS 6186/2019) दायर की थी। हाईकोर्ट ने फरवरी 2025 में राहुल को तीन माह के भीतर रोजगार देने का आदेश दिया। लेकिन एसईसीएल ने इस फैसले के खिलाफ डबल बेंच और फिर सुप्रीम कोर्ट तक अपील की — दोनों ही स्तरों पर एसईसीएल की याचिका खारिज कर दी गई। यह फैसला केवल राहुल जायसवाल के लिए ही नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों के लिए भी राहत लेकर आया है जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे। — तीन वर्षों से धरना, संघर्ष और उम्मीदों की यात्रा माटी अधिकार मंच के नेतृत्व में खातेदार परिवारों ने तीन वर्षों तक अनवरत आंदोलन किया। बिलासपुर मुख्यालय से लेकर कुसमुंडा, गेवरा और दीपका परियोजना तक — हर जगह धरना, गेट जाम और प्रदर्शन हुए। 13–14 अगस्त को एसईसीएल मुख्यालय में अनिश्चितकालीन आंदोलन हुआ और 9 सितंबर को कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय के सामने विशाल विरोध प्रदर्शन। इसके बाद 14 अगस्त, 13 अक्टूबर और 14 अक्टूबर को त्रिपक्षीय वार्ताएं हुईं — जिसमें प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद नीति बनाकर सभी पात्रों को रोजगार प्रदान किया जाएगा। — “अब लड़ाई अंतिम दौर में है” – ब्रजेश कुमार श्रीवास माटी अधिकार मंच के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार श्रीवास ने कहा — > “एसईसीएल के अधिकारी लगातार लोगों को गुमराह कर रहे थे कि कोर्ट का आदेश केवल एक व्यक्ति पर लागू होगा। लेकिन यह निर्णय सार्वभौम सिद्धांत पर आधारित है — अब हर अर्जन के बाद जन्मा खातेदार पुत्र रोजगार पाने का हकदार है।” उन्होंने आगे कहा — > “जब तक हर पात्र परिवार को उसका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।” — आगामी रणनीति 2 नवंबर को तय होगी माटी अधिकार मंच की अगली बैठक 2 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इसमें रोजगार की प्रक्रिया, खाता संयोजन और अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा कर आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। यदि एसईसीएल ने आदेश लागू करने में देरी या आनाकानी की, तो संगठन मुख्यालय और एरिया स्तर पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दे चुका है। — एक उम्मीद, जो अब हकीकत बनी यह निर्णय उन परिवारों के लिए एक नई सुबह लेकर आया है, जिनकी पीढ़ियाँ अपनी मिट्टी के बदले न्याय की आस में खड़ी थीं। अब माटी अधिकार मंच के संघर्ष और न्यायपालिका के फैसले ने यह साबित कर दि या है — > “जिस धरती ने दिया, उसका हक कोई नहीं छीन सकता।”
अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण पूर्ण, तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दी श्रद्धालुओं को जानकारी
✍️ भागीरथी यादव अयोध्या। लंबे इंतज़ार के बाद अब भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्य अब पूर्ण हो चुके हैं। ट्रस्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि मुख्य मंदिर के साथ-साथ परकोटा क्षेत्र के छह मंदिर — भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा और शेषावतार मंदिर — का भी निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। सभी मंदिरों पर ध्वजदंड एवं कलश स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही सप्त मण्डप के अंतर्गत आने वाले महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, शबरी और ऋषिपत्नी अहिल्या मंदिर भी पूरी तरह बनकर तैयार हैं। संत तुलसीदास मंदिर का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो गया है, जबकि परिसर में जटायु और गिलहरी की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं। ट्रस्ट ने बताया कि दर्शनार्थियों की सुविधा से जुड़े सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। एलएंडटी द्वारा सड़कों और फ्लोरिंग पर पत्थर लगाने का कार्य तथा जीएमआर द्वारा भूमि सौंदर्य, हरियाली और लैंडस्केपिंग का कार्य तेजी से जारी है। वहीं 3.4 किलोमीटर लंबी चारदीवारी, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह और सभागार जैसे कार्य प्रगति पर हैं, जिनका सीधा संबंध जनता से नहीं है। गौरतलब है कि अयोध्या में 15 जनवरी 2021 से मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था। इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन किया था। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च 2020 को रामलला को वैकल्पिक गर्भगृह में प्रतिष्ठित किया था। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को संपन्न हुई थी। 📍अब अयोध्या का श्रीराम मंदिर अपने पूर्ण भव्य रूप में श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु तैयार है।
धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के सख्त निर्देश — किसानों की सुविधा सर्वोपरि, कोचियों और बिचौलियों पर रहेगी कड़ी निगरानी
✍️ भागीरथी यादव बलौदाबाजार। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आगामी 15 नवंबर 2025 से प्रारंभ होने वाली धान खरीदी की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में कृषि, खाद्य, सहकारिता, विपणन, अपेक्स बैंक सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, मंडी सचिव, नोडल अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, सहकारी समितियों के प्रबंधक और ऑपरेटर शामिल हुए। बैठक को सारंगढ़, बरमकेला और बिलाईगढ़ ब्लॉकवार तीन पालियों में आयोजित किया गया, जिसमें कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों के भौतिक सत्यापन, उड़नदस्ता दल के गठन, चेक पोस्ट की व्यवस्था, बारदाने की आपूर्ति और धान स्टैकिंग के तौर-तरीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे, श्रवण कुमार टंडन, सीईओ जिला पंचायत इन्द्रजीत बर्मन, एसडीएम वर्षा बंसल, प्रफुल्ल रजक एवं डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा उपस्थित रहे। — ✅ किसानों की सुविधा सर्वोपरि कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि जिले के 86 धान उपार्जन केन्द्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। खरीदी प्रक्रिया सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होते ही टोकन सिस्टम के माध्यम से खरीदी की जाए और किसानों को छाया, पेयजल, एवं शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। धान खरीदी के दिन ही बारदान सिलाई और धान की किस्मवार स्टैकिंग करने तथा किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। — 🚫 अवैध धान पर कलेक्टर की चेतावनी कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अवैध धान की आवक और खपाने के प्रयासों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में 33 संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों और ओडिशा सीमा क्षेत्र में 21 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन पर राजस्व, मंडी, खाद्य, वन और पुलिस विभागों की संयुक्त उड़नदस्ता टीम तैनात रहेगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अवैध धान पकड़े जाने पर वाहन और धान की जब्ती कर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए और सभी विवरण विभागीय पोर्टल में दर्ज किए जाएं। — 👁️🗨️ कोचियों और बिचौलियों पर निगरानी कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने मंडी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव और शहर क्षेत्रों के कोचियों व बिचौलियों की सूची तैयार करें और उसे खाद्य अधिकारी एवं एसडीएम को सौंपें। यदि किसी कोचिये द्वारा पंजीकृत किसानों के नाम पर अवैध धान की खरीदी या विक्रय का मामला सामने आता है, तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों में सीसीटीवी निगरानी की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
बलौदाबाजार के श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित
✍️ भागीरथी यादव रायपुर/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते बलौदाबाजार में पदस्थ श्रम निरीक्षक श्री रामचरन कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अवैध उगाही करने के आरोप लगाए गए थे। श्रम आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा 24 अक्टूबर को गठित जांच समिति ने प्रारंभिक जांच में पाया कि कौशिक द्वारा कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान अनियमितताएँ एवं कथित अवैध वसूली की गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया। निलंबन अवधि में श्री कौशिक को जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा और उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर (अटल नगर) निर्धारित किया गया है। विभाग ने सभी संबंधित जिला पदाधिकारियों को आदेश की सूचना भेजते हुए कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्रमायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और इस मामले में जांच आगे भी जारी रहेगी।
कोरबा के पटवारी समेत 6 पटवारी गिरफ्तार
जुआ फड़ पर पुलिस का छापा — प्रदेशाध्यक्ष भी शामिल, वायरल वीडियो से विभाग में मचा हड़कंप! रिपोर्ट : पाली से ज्ञान शंकर तिवारी कोरबा। जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब हरदीबाजार तहसील में पदस्थ पटवारी गोविंद सिंह कंवर का नाम एक जुआ फड़ में पुलिस कार्रवाई के दौरान सामने आया। बताया जा रहा है कि जांजगीर के रमन नगर स्थित एक मकान में चल रहे जुआ फड़ पर सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 पटवारी समेत कुल 8 जुआरियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार जुआरियों में पटवारी संघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष ज्योतिष सर्वे (बिलासपुर) का नाम भी शामिल है। इस घटना के बाद से राजस्व विभाग और पटवारी संघ में हड़कंप मच गया है। — 🔹 गिरफ्तार जुआरियों के नाम : 1. गोविंद सिंह कंवर – पटवारी, हरदीबाजार तहसील, पाली ब्लॉक, जिला कोरबा 2. उमेश पटेल – सक्ती जिला 3. हेमचंद तिवारी – जांजगीर जिला 4. राहुल प्रताप सिंह – जांजगीर जिला 5. देवेश अंबष्ट – जांजगीर जिला 6. ज्योतिष सर्वे – कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष, पटवारी संघ (बिलासपुर) 7. हरीश सिंह – ऑपरेटर 8. रवि राठौर – मकान मालिक (जांजगीर निवासी) — 🔹 पुलिस की बरामदगी : कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से ₹40,000 नगद 6 मोबाइल फोन 2 कारें 2 स्कूटी जब्त की हैं। सभी के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। — 🔹 छापेमारी की पूरी कार्रवाई : पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रमन नगर स्थित रवि राठौर के घर में जुआ चल रहा है। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। छापे के दौरान अफरातफरी मच गई, पर पुलिस ने सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। — 🔹 वायरल वीडियो से बढ़ी मुश्किलें : छापेमारी के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, राजस्व विभाग ने आंतरिक जांच की तैयारी शुरू कर दी है और वरिष्ठ अधिकारी सख्त कार्रवाई के मूड में हैं।
कोरबी में छठ पूजा का भव्य आयोजन — डूबते सूर्य को अर्घ्य देने उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
रिपोर्ट: सुशील जायसवाल, कोरबी कोरबी। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का आयोजन सोमवार को कोरबी और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा, भक्ति और आस्था के वातावरण में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शाम ढलते ही क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं और व्रती महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने परंपरा अनुसार डूबते सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। घाटों पर चारों ओर छठी मैया के भजन और लोकगीतों की मधुर धुनें गूंजती रहीं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। पारंपरिक परिधान में सजी महिलाएं फल, ठेकुआ, नारियल, केला, ईख और पूजन सामग्री से भरी टोकरी लेकर परिवारजनों संग घाटों तक पहुंचीं। बाजे-गाजे और आतिशबाजी के साथ श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। छठ पूजा के पवित्र अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश और यातायात व्यवस्था की विशेष तैयारी की गई थी। स्थानीय चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी अपने दल-बल के साथ घाटों पर लगातार मुस्तैद रहे और श्रद्धालुओं को हरसंभव सहयोग प्रदान किया। फुलसर नदी घाट पर शाम का दृश्य अत्यंत मनमोहक रहा — जहां दीपों की लौ, भक्ति गीतों की गूंज और सूर्य को अर्घ्य देते व्रतियों की श्रद्धा ने आस्था का अनूठा संगम रचा। श्रद्धालुओं ने सूर्यास्त के बाद दीप प्रज्वलित कर छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंगलवार सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही यह चार दिवसीय पर्व संपन्न होगा। व्रतियों ने बताया कि छठ पूजा आत्मिक शुद्धि, अनुशासन और सामाजिक एकता का प्रतीक पर्व है, जो हर वर्ष लोगों को भक्ति और सादगी के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
















