26 अक्टूबर 2025 का राशिफल

✍️ भागीरथी यादव   मेष (Aries) आज आर्थिक तौर पर कुछ सीमितता महसूस हो सकती है। संसाधनों का प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा। कार्यक्षेत्र में बढ़ती जिम्मेदारी मिल सकती है, परंतु सफलता का स्तर उतना सहज नहीं रहेगा।   वृषभ (Taurus) आज पारिवारिक सम्बन्धों में अच्छा समय है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें — विशेष रूप से हृदय संबंधी मामलों में। पुराने बिल चुकाने और वित्तीय स्थिति सुधारने के अवसर मिल सकते हैं।   मिथुन (Gemini) आज सामाजिक रूप से सक्रिय रह सकते हैं। नई दोस्ती या रोमांटिक मोड़ संभव है। लंबी अवधि के निवेश में लाभ मिल सकता है। कुछ लोग खुद को अलग थलग महसूस कर सकते हैं — बाहर निकलना उपयोगी होगा।   कर्क (Cancer) उत्साह में वृद्धि होगी, कार्य तेजी से अग्रसर हो सकता है। नया वित्तीय समझौता लाभदायक हो सकता है। घर में बदलाव के लिये बड़े निर्णय लेने से पहले बुजुर्गों की सलाह लें।   सिंह (Leo) मित्रों के साथ शाम का समय आनंददायक रहेगा, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखें। पुराने संपर्कों को फिर से जोड़ना लाभदायक हो सकता है। अपने प्रिय के साथ कुछ अधिक समय बिताना अच्छा रहेगा।   कन्या (Virgo) आज का दिन आराम और सामाजिक सहभागिता के लिए अच्छा है। परिवार में सौहार्द बना रहेगा। निवेश के संदर्भ में सोच-समझकर निर्णय करें। प्रेम-संबंधों में जुड़ाव बढ़ सकता है।   तुला (Libra) आपका मन प्रसन्न रहेगा, नयी आय के स्रोत मिल सकते हैं। रोमांटिक संबंधों में मिठास बनी रहेगी। आराम के लिए समय निकालना आज लाभदायक रहेगा।   वृश्चिक (Scorpio) उम्मीद रख सकते हैं कि आज आपके बच्चे या परिवार से खुशखबरी आएगी। प्रेम भावना प्रबल हो सकती है। परन्तु संवाद में लचीलापन बनाए रखें। किसी भी नए वित्तीय प्रस्ताव में सतर्क रहें।   धनु (Sagittarius) स्वास्थ्य में सुधार होगा और निवेश के लिए अवसर दिख सकते हैं। परिवार में कोई खुशखबरी मिलने की संभावना है। परन्तु सामाजिक समारोहों के बजाय थोड़ी शांति लेना बेहतर रहेगा।   मकर (Capricorn) साहस और सकारात्मक सोच आज आपके साथ होगी। परन्तु निवेश में जल्दबाजी न करें — विकल्पों पर सोच-विचार करें। निजी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहें। आपके विचारों को पहचान मिल सकती है।   कुम्भ (Aquarius) आज सामाजिक कार्यक्रमों में जाना सुखद रहेगा। लेकिन व्यक्तिगत रिश्तों में विवाद हो सकता है — विशेष रूप से पारिवारिक। प्रेम संबंधों में उज्जवल अनुभव मिल सकते हैं। नई परियोजना से पहले अनुभवी लोगों से सलाह लें।   मीन (Pisces) स्वास्थ्य विशेष ध्यान मांग सकता है। बच्चे-परिवार से आर्थिक लाभ मिल सकता है। दूर के रिश्तेदारों से आश्चर्यजनक खबर मिल सकती है। नौकरी तलाश रहे हैं तो धैर्य रखें।

खरमोरा मरार पटेल समाज की बैठक कल सामुदायिक भवन में

  पाली से ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट   कोरबा। खरमोरा मरार पटेल समाज की बैठक रविवार दोपहर 12 बजे सामुदायिक भवन में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जिले भर से समाज के सदस्य उपस्थित रहेंगे।   बैठक का मुख्य उद्देश्य सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श करना, समाज के विकास के मुद्दों पर चर्चा करना और सामाजिक तथा राजनैतिक क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने के उपायों पर विचार करना है।   समाज के जिलाध्यक्ष उत्तम पटेल ने सभी सामाजिक बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया है, ताकि बैठक सार्थक और समाज हित में ठोस निर्णय लेने वाली साबित हो।   बैठक में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे और विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे।     —

संघ खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने और कबड्डी को नई दिशा देने में जुटा

पाली, ग्राम केराझरिया गौठान से ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट   पाली। ग्राम केराझरिया गौठान में ब्लॉक कबड्डी संघ, पाली की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संघ के पदाधिकारी और खिलाड़ी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी खेल सत्र के लिए नई नियमावली और संगठनात्मक सुधारों पर विचार-विमर्श करना था।   बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक कबड्डी संघ पाली के अध्यक्ष राजकुमार राज ने की। अध्यक्ष ने बताया कि यह बैठक जिला सचिव अनुज प्रताप के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि संघ लगातार खिलाड़ियों को बेहतर मंच प्रदान करने, उनके खेल कौशल को निखारने और ग्रामीण स्तर से लेकर राज्य स्तर तक कबड्डी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने के लिए काम कर रहा है।   बैठक में संतोष टेकाम ने सुझाव दिया कि राज्य स्तरीय तीन दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता को अब दो दिवसीय स्वरूप में आयोजित किया जाए, जिस पर सभी उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से सहमति जताई। इस अवसर पर रविंद्र यादव, जो बीजापुर में कोच रह चुके हैं, ने जानकारी दी कि वे अब कोरबा जिले में कबड्डी अकादमी शुरू कर रहे हैं। इससे न केवल कोरबा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और खेल की नई तकनीकें सीखने का अवसर मिलेगा।   बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी सभी कबड्डी आयोजनों में ब्लॉक कबड्डी संघ की ओर से चार निर्णायक (रेफरी) उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि खेल की गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।   साथ ही यह भी चर्चा हुई कि 30 अक्टूबर से पोटापानी में एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें ब्लॉक की सभी टीमों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।   बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य थे: शंकर दीवान, पुरुषोत्तम टेकाम, चंद्रभान, रिशेंद्र नेटी, गोकुल मरकाम, जोहित यादव, अनंथ राम, बंधन राज, धीरेंद्र पोर्ते, संतोष यादव, राजकुमार राज, अनिल एक्का, रामदास, पंचराम, राम भजन, मनीष, रामकुमार और योगेश राज।

मां काली की भव्य स्थापना से गूंजा मुंगेली शहर — परमेश्वरी चौक पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

  मुंगेली: दीपावली की पावन रात्रि को मुंगेली शहर का परमेश्वरी चौक भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। नगर पालिका परिषद मुंगेली के राजेन्द्र और विवेकानंद वार्ड के समीप स्थित माता परमेश्वरी चौक में मां काली की भव्य प्रतिमा का विधि-विधान के साथ स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा की गई।   दीपावली की मध्यरात्रि 12 बजे पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिला मंडल और समिति के सदस्य उपस्थित रहे। आरती प्रारंभ होते ही पूरा परिसर “जय मां काली” के जयकारों से गूंज उठा।   समिति के सदस्य राजा तिवारी ने बताया कि माता की भव्य सेवा, आराधना और पूजा एकादशी तक नियमित रूप से तीन बार — सुबह 9 बजे, दोपहर 1 बजे और रात्रि 7 बजे — की जाएगी। उन्होंने कहा कि मां काली का यह स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और विकराल है, जिसके दर्शन के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।   मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों, दीपों और फूलों से सजाया गया। शाम के समय आरती के साथ ढोल-नगाड़े और भक्ति गीतों की गूंज ने पूरे चौक को दिव्य आभा से भर दिया। नगर के युवाओं एवं समिति के सदस्यों ने आयोजन में सक्रिय सहयोग दिया।   श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किए गए। यह वार्षिक स्थापना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मुंगेली शहर की सांस्कृतिक परंपरा का भी अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

भाजपा मुंगेली की रणनीतिक बैठक: पीएम मोदी के आगमन और सरदार पटेल मैराथन की तैयारियों पर जोर

  राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय आयोजनों के लिए स्वागत समितियां, रूट प्लानिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय   मुंगेली: मुंगेली जिले में भाजपा ने 25 अक्टूबर को संगठनात्मक और रणनीतिक बैठक आयोजित की, जिसमें 01 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर आगमन और 13 नवंबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल रन फॉर यूनिटी मैराथन की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य कार्यकर्ताओं की भागीदारी, सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रचार अभियान को सुनिश्चित करना था। पूर्व में आयोजित बैठक में राज्य उत्सव और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की नगर मंडल मुंगेली यात्रा की तैयारियों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में स्वागत समितियां, मैराथन रूट प्लानिंग, स्वास्थ्य जांच स्टेशन, प्रचार सामग्री, युवा भागीदारी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर निर्णय लिए गए।   विधायक पुन्नूलाल मोहले, जिला अध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडे, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष वर्षा सिंह सहित सभी मंडल अध्यक्ष, नगर पार्षद और जिला पंचायत सदस्य बैठक में शामिल रहे। सभी ने जिम्मेदारियां बांटी और सफल आयोजन का संकल्प लिया।   भाजपा के अनुसार, ये आयोजन राष्ट्रीय एकता, विकास और पार्टी की वैचारिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करेंगे।  

महिला स्व-सहायता समूह और युवाओं ने कोरबा की कृषि को नई दिशा दी

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा – छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती के अवसर पर कोरबा के कृषि विभाग ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपने योगदान और उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। महिला स्व-सहायता समूहों ने जैविक खाद निर्माण, सब्जी उत्पादन और बीज प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ी और कृषि क्षेत्र में नवाचार को गति मिली। युवाओं ने कृषि आधारित स्टार्टअप, ड्रिप सिंचाई, फसल प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से नई संभावनाएँ खोली हैं। इनके प्रयासों ने न केवल उत्पादन में वृद्धि की है, बल्कि ग्रामीण रोजगार और आय के स्रोतों में भी सुधार किया है। कृषि विभाग का कहना है कि यह सफलता केवल सरकारी योजनाओं का परिणाम नहीं है, बल्कि किसानों की मेहनत, तकनीकी जागरूकता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता की साझा उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने के लिए उठाए गए ठोस कदमों का असर कोरबा की धरती पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।   कृषि विभाग ने यह भी कहा कि यह यात्रा केवल खेतों की हरियाली तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के चेहरों पर आई मुस्कान, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है।

आरबीआई का नया ड्राफ्ट सर्कुलर: बैंकों को कंपनियों के अधिग्रहण में लोन देने की अनुमति, 1 अप्रैल 2026 से लागू

✍️ भागीरथी यादव   नई दिल्ली – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक नया ड्राफ्ट सर्कुलर जारी किया है, जिसमें भारतीय कंपनियों को घरेलू या विदेशी फर्मों में पूरा या नियंत्रित स्टेक खरीदने के लिए बैंकों द्वारा लोन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। केंद्रीय बैंक ने इन मानदंडों को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का सुझाव दिया है।   सर्कुलर के अनुसार, बैंकों द्वारा दिया जाने वाला यह लोन शॉर्ट-टर्म फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग के बजाय लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट का हिस्सा होगा। अधिग्रहण करने वाली कंपनियों को लिस्टेड होना आवश्यक है और उनकी नेट वर्थ मजबूत होनी चाहिए। इसके लिए पिछले तीन वर्षों का प्रॉफिट रिकॉर्ड भी देखा जाएगा।   आरबीआई ने बताया कि अधिग्रहण मूल्य का अधिकतम 70 प्रतिशत बैंक फंड कर सकता है, जबकि कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा अधिग्रहण करने वाली कंपनी को अपने धन से इक्विटी के रूप में जुटाना होगा। साथ ही, किसी बैंक का कुल एक्सपोजर उसके टियर-I कैपिटल के 10 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगा।   सर्कुलर में कहा गया है कि बैंक सीधे एक्वायरिंग कंपनी को लोन दे सकते हैं या इस कंपनी द्वारा टारगेट एंटिटी को खरीदने के लिए स्थापित स्टेप-डाउन स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) को फंडिंग प्रदान कर सकते हैं।   केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोन देने वाले बैंकों के पास एक्विजिशन फाइनेंस पर एक पॉलिसी होनी चाहिए, जिसमें उधार लेने वालों की योग्यता, सिक्योरिटी, रिस्क मैनेजमेंट, मार्जिन, मॉनिटरिंग टर्म्स और अन्य शर्तों का विवरण शामिल हो।   साथ ही, बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक्वायरिंग कंपनी और एसपीवी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां या अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड जैसे वित्तीय इंटरमीडियरी न हों। इसके अलावा, एक्वायर करने वाली और टारगेट कंपनी आपस में रिलेटेड पार्टी नहीं होनी चाहिए। अधिग्रहण मूल्य बाजार नियामक सेबी के नियमों के तहत तय किया जाएगा और क्रेडिट असेस्मेंट के लिए दोनों कंपनियों की संयुक्त बैलेंसशीट का मूल्यांकन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सरकार ने सात आईपीएस अधिकारियों का किया तबादला, रत्ना सिंह बनीं एमसीबी की पहली महिला पुलिस अधीक्षक

एम सी बी/रायपुर – छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने शुक्रवार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सात अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। इस सूची में 2019 बैच की आईपीएस रत्ना सिंह को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले (एमसीबी) की पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले रत्ना सिंह सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर के पद पर कार्यरत थीं।   2014 बैच के आईपीएस चंद्रमोहन सिंह को निदेशक (प्रशिक्षण/ऑपरेशन), रायपुर पदस्थ किया गया है। राज्य सरकार ने यह तबादला प्रशासनिक कारणों से किया है और संबंधित अधिकारियों को नए पदों पर कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।   एमसीबी जिला 9 सितंबर 2022 को अस्तित्व में आया था। जिले में इससे पहले आर. कोशिमा, सिद्धार्थ तिवारी और चंद्रमोहन सिंह पुलिस अधीक्षक रहे हैं। रत्ना सिंह इस जिले की पहली महिला एसपी बन गई हैं।   रत्ना सिंह का सफर: तकनीकी पृष्ठभूमि से पुलिस सेवा तक इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आने वाली रत्ना सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्ष 2019 में आईपीएस बनने के बाद पुलिस सेवा में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से प्रशिक्षण पूरा किया और रायपुर में फील्ड ट्रेनिंग के दौरान विभिन्न थाना एवं विभागों में काम किया। इसके बाद महासमुंद जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) के पद पर कार्यरत रहीं।   व्यक्तिगत जीवन और नेतृत्व शैली रत्ना सिंह का विवाह झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी अमृतांशु से हुआ है। वे संवेदनशील नेतृत्व, अनुशासनप्रियता और जनता से संवाद की नीति के लिए जानी जाती हैं। उनका मानना है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और जनता का विश्वास बनाए रखना ही सच्ची पुलिस सेवा है।   स्थानीय नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि रत्ना सिंह के नेतृत्व में एमसीबी जिले में नशे, अवैध कारोबार और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण होगा तथा कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी।     —

बेमौसम बारिश से हुई फसल हानि पर किसानों को मिलेगी क्षतिपूर्ति राशि

जिलाधीश महासमुंद ने की स्वीकृति, किसानों में खुशी की लहर   महासमुंद, 25 अक्टूबर 2025। गर्मी के मौसम में हुई बेमौसम बारिश और तेज आंधी-तूफान के कारण महासमुंद जिले के किसानों की रवि फसल को भारी नुकसान हुआ था। अनुमानित रूप से जिले के लगभग 80 प्रतिशत किसानों की धान सहित अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं। लंबे समय से किसान शासन-प्रशासन से आपदा सहायता राशि की मांग कर रहे थे, लेकिन तहसील स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही थी।   अंततः ग्राम छांदनपुर और खेमड़ा सहित आसपास के किसानों ने जिलाधीश महासमुंद से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं और वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। किसानों की पीड़ा और उनकी जायज मांगों को देखते हुए जिलाधीश महासमुंद ने त्वरित निर्णय लेते हुए आपदा क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत करने का आदेश जारी किया। साथ ही जिले के सभी तहसीलदारों को राहत राशि आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।   क्षतिपूर्ति स्वीकृति की खबर मिलते ही जिले के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने जिलाधीश महासमुंद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय उनके लिए राहत की सांस लेकर आया है।   इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष दुबे लाल साहू के मार्गदर्शन में, ग्रामीण महासमुंद मंडल अध्यक्ष दिग्विजय साहू के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधि मंडल ने किसानों का पक्ष मजबूती से जिलाधीश के समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल में जगदीश पटेल (जिला उपाध्यक्ष, किसान मोर्चा), बलिराम पटेल, तुलसी प्रसाद पटेल, चित्रसेन पटेल, टीकाराम पटेल, लखेश्वर पटेल, कन्हैया पटेल, उदय राम पटेल, टेकलाल पटेल सहित कई किसान उपस्थित रहे।   किसानों ने कहा कि प्रशासन के इस त्वरित निर्णय से अब वे आगामी फसल चक्र के लिए तैयारियों में जुट सकेंगे। जिलेभर में इस निर्णय से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल देखा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में शिक्षा को नई गति: 5000 शिक्षकों की भर्ती को वित्त विभाग की मंजूरी

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर, अक्टूबर 2025। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह फैसला प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।   मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव है। हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को नई दिशा देगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम भी बनेगी।” उन्होंने इस निर्णय को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया।   ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी होगी पूरी राज्य सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। नए शिक्षकों की नियुक्ति से विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की निरंतरता और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा।   वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा — शिक्षा में निवेश, भविष्य में निवेश वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा, “मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की मंशा के अनुरूप शिक्षा को राज्य की शीर्ष प्राथमिकता बनाया गया है। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों की भर्ती की स्वीकृति देना इसी संकल्प का हिस्सा है। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है।”   शिक्षा सुधार के प्रति सरकार की निरंतर पहल पिछले कुछ महीनों में राज्य सरकार ने शिक्षा सुधार को लेकर कई अहम निर्णय लिए हैं — विद्यालय भवनों का निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री का प्रसार और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सशक्त बनाना शामिल है। सरकार का उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध हों।   मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर विद्यालय में योग्य शिक्षक हों और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा मिले। वित्त विभाग की सहमति इस दिशा में एक बड़ा कदम है जो प्रदेश के युवाओं को नई संभावनाएं प्रदान करेगा।”   ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में कदम यह पहल प्रदेश सरकार की उस दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है जिसके अंतर्गत शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार बनाया गया है। शिक्षकों की यह नई भर्ती न केवल शैक्षणिक ढांचे को मजबूती देगी, बल्कि ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

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