ऑपरेशन बाज’ के तहत मुंगेली पुलिस की बड़ी सफलता, ट्रैक्टर समेत 7 बाइक बरामद, 4 आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव मुंगेली जिले में नए पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के पदभार संभालते ही अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में मुंगेली पुलिस ने ‘ऑपरेशन बाज’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक चोरी हुआ ट्रैक्टर और सात मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई 12 जनवरी 2026 को लोरमी थाना क्षेत्र में दर्ज ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट के बाद की गई। सिद्धी विनायक पेट्रोल पंप के सामने रहने वाले कुंजबिहारी तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 11-12 जनवरी की रात उनका महिंद्रा युवो 275 डीआई ट्रैक्टर (क्रमांक सीजी 28 के 5178) गायत्री मंदिर, लोरमी के पास से चोरी हो गया है। आईजी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने चोरी की घटनाओं में शत-प्रतिशत बरामदगी, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई और रात्रि गश्त बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के तहत उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल, थाना लोरमी, कोतवाली और फास्टरपुर की संयुक्त टीम बनाई गई। साइबर इनपुट से खुला पूरा गिरोह जांच के दौरान साइबर सेल को तकनीकी जानकारी और मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम हरदीडीह निवासी दिलेश सप्रे एक पुराना ट्रैक्टर बेचने की कोशिश कर रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की। आरोपियों ने बताया कि पहले वे मोटरसाइकिल चोरी करते थे, लेकिन ज्यादा मुनाफे के लालच में ट्रैक्टर चोरी की योजना बनाई। 11 जनवरी की रात आरोपी चोरी की गई बाइकों से लोरमी पहुंचे और गायत्री मंदिर के पास खड़े ट्रैक्टर को नाबालिग की मदद से चालू कर राजपुर ले गए। चोरी का ट्रैक्टर और बाइक बरामद पुलिस ने दिलेश सप्रे की निशानदेही पर पवन जगत और मनीष साहू को भी गिरफ्तार किया। अभियान के दौरान चोरी किया गया ट्रैक्टर और कुल सात मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी देवप्रसाद बर्मन (35), निवासी हरदीडीह दिलेश सप्रे (22), निवासी हरदीडीह पवन जगत (36), निवासी हरदीडीह मनीष साहू (18), निवासी राजपुर एक नाबालिग जब्त वाहन महिंद्रा युवो 275 डीआई ट्रैक्टर (सीजी 28 के 5178) पैशन प्रो (सीजी 10 ईएल 6748) टीवीएस राइडॉन (सीजी 25 एल 9107) पैशन प्रो (बिना नंबर) हीरो होंडा (सीजी 10 ईई 4203) पैशन प्रो (सीजी 28 बी 9154) प्लेटिना (सीजी 10 ईबी 4083) मुंगेली पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोर गिरोह पर करारा प्रहार हुआ है और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने आगे भी ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखने की बात कही है।
धान टोकन न मिलने से परेशान किसान हाई टेंशन टावर पर चढ़ा, तीन घंटे तक चला ड्रामा
जांजगीर-चांपा जिले में धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिलने से परेशान एक किसान ने शराब के नशे में खतरनाक कदम उठा लिया। ग्राम कसौंदी निवासी किसान अनिल गढ़वाल (35) शनिवार सुबह गांव के पास लगे करीब 120 फीट ऊंचे हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया। वह करीब तीन घंटे तक टावर पर बैठा रहा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। टावर पर चढ़े किसान का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह नीचे उतरने से इनकार करते हुए कहता नजर आ रहा है कि जब तक उसका बचा हुआ धान नहीं बिकेगा, वह नीचे नहीं आएगा। मिली जानकारी के अनुसार, किसान अनिल गढ़वाल के पास लगभग 2.77 एकड़ जमीन है, जिसमें उसने धान की खेती की है। उसने इस खरीफ सीजन में गोद धान मंडी में 29 क्विंटल धान बेच दिया था, लेकिन उतनी ही मात्रा में करीब 150 बोरा धान अब तक नहीं बिक पाया। टोकन नहीं मिलने के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान था। उस पर करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज भी बताया जा रहा है। शनिवार सुबह करीब 9 बजे उसने शराब पी और गुस्से में आकर सीधे हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया। उसकी आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और तहसीलदार राजकुमार मरावी प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार किसान को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं था। स्थिति को गंभीर देखते हुए नगर सेना (होमगार्ड) की टीम को भी बुलाया गया। सुरक्षा के लिहाज से टावर के नीचे जाली बिछाई गई ताकि किसी भी हादसे से बचा जा सके। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद किसान को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने ले गई। मामले की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में किसानों की समस्याओं और धान खरीदी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
गौरवपथ पर दर्दनाक सड़क हादसा, पिता-पुत्र की मौत, दो बच्चियां घायल
कांकेर – शनिवार को शहर के गौरवपथ पर एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। पंडरीपानी के पास तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक सवार एक परिवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चला रहे पिता और उनके छोटे बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुकेश मंडावी अपनी बाइक से तीन बच्चों के साथ जा रहे थे। जैसे ही वे बाईपास क्षेत्र में अंग्रेजी शराब दुकान के पास पहुंचे, सामने से आ रही एक अनियंत्रित बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस दुर्घटना में मुकेश मंडावी और उनके बेटे खिलेश की घटनास्थल पर ही जान चली गई। वहीं घायल बच्चियों लीशा मंडावी और दुर्गेश्वरी मंडावी को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटना में शामिल बस को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। इस हादसे के बाद शहर में लोगों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के अंदर तेज रफ्तार भारी वाहनों पर नियंत्रण नहीं होने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है। प्रशासन ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और गति सीमा में ही वाहन चलाने की अपील की है।
वैभव शर्मा (चिनू) बने कोरबा जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष, युवाओं में उत्साह
कोरबा। संगठन ने युवा नेतृत्व को और अधिक सशक्त करते हुए वैभव शर्मा (चिनू) को कोरबा जिला युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति से जिलेभर के युवाओं में हर्ष और उत्साह का माहौल है। वैभव शर्मा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के करीबी माने जाते हैं और लंबे समय से पार्टी हित में सक्रिय, जमीनी स्तर पर कार्य करते रहे हैं। वैभव शर्मा ने बीते विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में मजबूती और निडरता के साथ जिम्मेदारी निभाई। चुनावी दौर में उन्होंने संगठन को धार देने के साथ-साथ विरोधी दल कांग्रेस के समर्थकों से सीधी टक्कर लेते हुए मोर्चा संभाला, जिससे उनकी कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता उजागर हुई। संगठनात्मक अनुभव, युवाओं से मजबूत संवाद और मैदान में सक्रियता उनकी पहचान रही है। नव नियुक्त अध्यक्ष के रूप में वैभव शर्मा के आने से कोरबा जिले की चारों विधानसभा सीटों पर संगठन को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में युवा मोर्चा अधिक सक्रिय होगा और संगठनात्मक विस्तार को नई गति मिलेगी। नियुक्ति के बाद जिलेभर से बधाइयों का तांता लगा है। समर्थकों ने विश्वास जताया कि वैभव शर्मा युवाओं को संगठित कर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि वे संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए युवाओं को जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ आगे बढ़ाएंगे तथा पार्टी को जिले में और अधिक सशक्त बनाएंगे।
केंद्रीय बजट से पहले राष्ट्रपति से मिलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
केंद्रीय बजट पेश किए जाने से पूर्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात बजट प्रक्रिया के तहत एक पारंपरिक औपचारिकता मानी जाती है। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति को बजट से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वित्त मंत्री को शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि हर वर्ष केंद्रीय बजट संसद में पेश किए जाने से पहले वित्त मंत्री राष्ट्रपति से मुलाकात करती हैं। यह मुलाकात संवैधानिक परंपराओं का हिस्सा है।
रिश्तों का खूनी अंत: प्रेमी भांजे ने की मामी की निर्मम हत्या, जन्मदिन के दिन रची मौत की साजिश
✍️ भागीरथी यादव सूरजपुर। जिसे जन्म-जन्मांतर का पवित्र बंधन कहा जाता है, उसे अवैध संबंधों और शक की आग ने राख कर दिया। सूरजपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक युवक ने अपनी ही मामी (जो उसकी प्रेमिका भी थी) की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। रिश्तों को शर्मसार करने वाली इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। विवाद की जड़: अवैध संबंध और सोशल मीडिया का शक घटना की पृष्ठभूमि 9 साल पहले शुरू हुई थी, जब मृतका पिंकी सोलंकी की शादी शिवदास से हुई थी। जीवन सही चल रहा था, लेकिन जब शिवदास का भांजा हेमंत उनके साथ रहने आया, तो पिंकी और हेमंत के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। यह रिश्ता इतना गहरा हुआ कि पिंकी अपने पति और बेटी को छोड़कर हेमंत के साथ रहने लगी। लेकिन, इस अवैध रिश्ते में ‘शक’ ने जहर घोल दिया। बताया जा रहा है कि पिंकी की सोशल मीडिया सक्रियता हेमंत को पसंद नहीं थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था, जिसके बाद हेमंत ने पिंकी को रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला लिया। पिकनिक के बहाने ले गया और जंगल में उतारा मौत के घाट पुलिस जांच के अनुसार, हत्या की पटकथा 29 जनवरी को हेमंत के जन्मदिन पर लिखी गई: पार्टी का झांसा: हेमंत पिंकी को जन्मदिन मनाने के बहाने पहले एक होटल ले गया। नशे का सहारा: वहां दोनों ने साथ में शराब पी, ताकि पिंकी बेसुध हो जाए। वारदात: इसके बाद हेमंत उसे पिलखा पहाड़ स्थित मोरभंज पिकनिक स्पॉट के घने जंगलों में ले गया। नृशंस हत्या: सुनसान जगह पाकर हेमंत ने चाकू से पिंकी पर ताबड़तोड़ वार किए और उसे मरणासन्न स्थिति में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस की कार्रवाई जयनगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वैधानिक कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
खैरागढ़ दीक्षांत समारोह में चमकी तिल्दा-नेवरा की प्रतिभा, तनुजा वर्मा बनीं चार गोल्ड मेडल की हकदार
तिल्दा नेवरा की प्रतिभा का चमका सितारा: तनुजा वर्मा को भरतनाट्यम में मिले चार स्वर्ण पदक
7 दिनों तक मौत से जंग लड़ने के बाद कांग्रेस नेत्री शबाना निशा का निधन, मकान खाली कराने के दौरान लगाई थी आग
दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सप्ताह पहले खुद को आग लगाने वाली कांग्रेस नेत्री शबाना निशा (37 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई। रायपुर के डीकेएस (DKS) अस्पताल में सात दिनों तक चले उपचार के बाद शुक्रवार, 30 जनवरी को उन्होंने अंतिम सांस ली। घटना उस वक्त हुई थी जब कोर्ट के आदेश पर पुलिस और प्रशासन की टीम उनका घर खाली कराने पहुंची थी। क्या है पूरा विवाद? यह दुखद घटना 22 जनवरी की है। शबाना निशा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरीपारा में फेरू राम के मकान में किराए पर रहती थीं। विवाद की मुख्य वजह मकान का स्वामित्व और कब्जा था: मकान खरीदने की इच्छा: बताया जा रहा है कि शबाना उसी मकान को खरीदना चाहती थीं, लेकिन मकान मालिक उसे बेचने को तैयार नहीं था। कानूनी लड़ाई: मकान मालिक शबाना पर घर खाली करने का दबाव बना रहा था और मामला अदालत तक जा पहुँचा था। कोर्ट का आदेश: जिला न्यायालय ने मकान मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके बाद कोर्ट स्टाफ और पुलिस की टीम कब्जा दिलाने पहुँची थी। 95 प्रतिशत झुलस गई थीं शबाना जब टीम घर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर रही थी, तभी शबाना निशा ने अंदर जाकर खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। देखते ही देखते वह आग की लपटों में घिर गईं। मौके पर मौजूद पुलिस और परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि वह 95 प्रतिशत तक झुलस चुकी थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर स्थिति में रायपुर रेफर किया गया था। राजनीतिक परिचय और पुलिस की कार्रवाई शबाना निशा क्षेत्र की सक्रिय राजनीति में शामिल थीं। वह वार्ड क्रमांक 28 (पचरीपारा) से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव भी लड़ चुकी थीं। उनकी मृत्यु के बाद परिवार में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का पक्ष: दुर्ग पुलिस के अनुसार, टीम केवल माननीय न्यायालय के आदेश का पालन करने गई थी। इस अप्रत्याशित कदम के बाद पुलिस ने तत्काल सहायता पहुंचाई थी। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
महादेव सट्टा कनेक्शन: कांकेर पुलिस का प्रधान आरक्षक निलंबित, खुफिया रिपोर्ट के बाद मचा हड़कंप
✍️ भागीरथी यादव कांकेर, 31 जनवरी। महादेव ऑनलाइन सट्टा गिरोह से कथित संबंधों को लेकर कांकेर पुलिस के प्रधान आरक्षक विजय कुमार पांडेय पर गाज गिर गई है। कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेजा ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विजय पांडेय वर्तमान में जिले की डीसीबी/डीसीआरबी शाखा में पदस्थ था। सूत्रों के अनुसार, प्रधान आरक्षक विजय पांडेय बीते कुछ समय से राजनांदगांव जिले में सक्रिय रहकर अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के संपर्क में था। उसकी गतिविधियों की जानकारी प्रदेश के खुफिया तंत्र को मिली, जिसके बाद खुफिया प्रमुख अमित कुमार द्वारा संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने की चर्चा है। इसी इनपुट के बाद कांकेर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया। दुबई यात्रा और ईडी जांच में आया था नाम इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह खुलासा हो चुका है कि विजय पांडेय बिना विभागीय अनुमति के दुबई गया था। बताया गया कि दुबई में वह महादेव सट्टा एप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर के आतिथ्य में ठहरा था। इस खुलासे के बाद से ही वह लगातार विवादों में घिरा हुआ था। वरिष्ठ अधिकारियों से नजदीकी के भी आरोप सूत्र यह भी बताते हैं कि विजय पांडेय की प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों से नजदीकी मानी जाती है। जानकारी के मुताबिक, वह पिछले एक सप्ताह से राजनांदगांव में अवैध कारोबारियों से मुलाकात कर रहा था और बैठकों में अवैध गतिविधियों से जुड़े संभावित प्लान पर चर्चा की जा रही थी। इन सभी गतिविधियों की रिपोर्ट खुफिया विभाग द्वारा उच्च स्तर पर भेजी गई थी। एसपी के निलंबन आदेश में क्या कहा गया पुलिस अधीक्षक उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि प्रधान आरक्षक विजय कुमार पांडेय को कर्तव्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र, कांकेर रहेगा तथा वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता पाने के पात्र होंगे। इसके साथ ही एसपी ने मामले की प्राथमिक जांच के आदेश देते हुए 7 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और जांच आगे बढ़ने के साथ ही और भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने की खुदकुशी, प्रधान आरक्षक पर FIR दर्ज
अंबिकापुर (सरगुजा): छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। लखनपुर थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की कथित वसूली और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आशीष मिंज नामक युवक ने मौत को गले लगा लिया। पुलिस ने आरोपी प्रधान आरक्षक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। रिश्वत और धमकी का खेल मृतक के परिजनों का आरोप है कि प्रधान आरक्षक पन्नालाल आशीष मिंज को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। बताया जा रहा है कि आशीष की प्रेमिका ने कुछ समय पहले आत्महत्या कर ली थी। इसी मामले का डर दिखाकर आरोपी आरक्षक आशीष से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। परिजनों के अनुसार: पन्नालाल ने धमकी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो वह आशीष को उसकी प्रेमिका की मौत के मामले में मुख्य आरोपी बनाकर जेल भेज देगा। इस धमकी और भारी मानसिक दबाव के कारण आशीष गहरे तनाव में था। अंततः, प्रताड़ना से हारकर आशीष ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जांच में दोषी पाया गया आरक्षक घटना के बाद परिजनों के आक्रोश और शिकायत को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। प्राथमिक जांच में प्रधान आरक्षक पन्नालाल पर लगे आरोप सही पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लखनपुर थाने में आरोपी के खिलाफ IPC/भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। विभाग में हड़कंप एक पुलिसकर्मी पर ही आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज होने से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि: “मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोष सिद्ध होने पर आरोपी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।” वहीं, पीड़ित परिवार अब भी न्याय की गुहार लगा रहा है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी व कड़ी सजा की मांग कर रही है।
















