कोरबा में पूर्वांचल सर्व समाज विकास समिति का भव्य नववर्ष मिलन समारोह संपन्न
✍️ भागीरथी यादव सदस्यता विस्तार, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक समरसता पर हुआ मंथन कोरबा। पूर्वांचल सर्व समाज विकास समिति, कोरबा द्वारा नववर्ष 2026 के शुभ अवसर पर नववर्ष मिलन समारोह का भव्य आयोजन आज दिनांक 03 जनवरी 2026 को राजेंद्र प्रसाद भवन, रिकॉन्डो रोड में किया गया। यह आयोजन समिति की 30 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत समिति के अध्यक्ष श्री अवधेश सिंह के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने उपस्थित सभी सदस्यों का अभिनंदन करते हुए नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि समिति के संविधान के अनुरूप सदस्यता शुल्क के साथ जिले भर में सदस्यता विस्तार किया जाना आवश्यक है, ताकि समाज के हर वर्ग को संगठन से जोड़ा जा सके। इस अवसर पर नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष श्री विकास सिंह ने अपने उद्बोधन में समिति के भावी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्य संगठन की कार्यकारिणी के साथ-साथ महिला प्रकोष्ठ एवं युवा प्रकोष्ठ का गठन शीघ्र किया जाएगा, जिससे संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान समिति के सदस्यों द्वारा कार्यवाहक अध्यक्ष श्री विकास सिंह का पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। वहीं सर्वसम्मति से समिति द्वारा वार्षिक संधारण सदस्यता शुल्क ₹100 (एक सौ रुपए) निर्धारित किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। नववर्ष मिलन समारोह में समिति के संरक्षक श्री राजकिशोर प्रसाद, अध्यक्ष श्री अवधेश सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष श्री विकास सिंह, सचिव अरविंद शर्मा सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री प्राणनाथ मिश्रा, श्री उदय सिंह, श्री प्रभात सिंह, श्री शंभू सिंह, श्री बच्चू सिंह, श्री सावरे लाल पांडे, श्री विजय सिंह, श्री संजय सिंह, आरिफ खान, तौफीक खान, बृजेश यादव, हेमंत ठाकुर, अनिल यादव, चंद्रप्रकाश यादव, विजय यादव, दीपक सिंह, विजेंद्र यादव, महेंद्र सिंह, आरपी तिवारी, नवीन कुकरेजा, नवीन सिंह, सुशील सिंह, सोनू सिंह, अमित सिंह, बृजभूषण प्रसाद, सुनील सिंह (सोनू), नितेश यादव, वसीम अकरम, पंकज ठाकुर, कामेश्वर सिंह, मनोज कुमार, अभिषेक ठाकुर, अरशद लारी, शाकिर अंसारी, नेहाल खान, सिकंदर रजा, रिजवान खान, सिकंदर प्रसाद, संतोष दुबे, निशांत सिंह सहित भारी संख्या में समिति के सदस्यगण मौजूद रहे। कार्यक्रम सौहार्द, एकता और सामाजिक समर्पण के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, दो मामलों में मिली जमानत
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी कानूनी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ACB/EOW द्वारा दर्ज दोनों मामलों में जमानत दे दी है। यह फैसला हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 को इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है। कितने मामलों में मिली जमानत? हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को दो अलग-अलग मामलों में जमानत दी है— ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग का मामला छत्तीसगढ़ ACB/EOW द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार का मामला इन दोनों मामलों में चैतन्य बघेल को राहत मिलने के बाद उनकी करीब पांच महीने की न्यायिक हिरासत समाप्त होने का रास्ता साफ हो गया है। 18 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को दुर्ग-भिलाई से गिरफ्तार किया था। ईडी ने उन पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे। इसके बाद सितंबर 2025 में ACB/EOW ने भी उन्हें जेल में रहते हुए गिरफ्तार किया था। भूपेश बघेल का बयान: ‘सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं’ जमानत के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा— “मैं शुरू से कहता आ रहा हूं कि हमें ईडी, ईओडब्ल्यू और सीबीआई के जरिए लगातार परेशान किया जा रहा है। आज फिर साबित हुआ कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।” उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व का समर्थन के लिए आभार भी जताया। कांग्रेस का आरोप: राजनीतिक प्रतिशोध कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा— “हमें पूरा विश्वास था कि देर जरूर होगी, लेकिन न्याय मिलेगा। यह बड़ी कानूनी जीत है।” कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा और केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को डराने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस में जश्न, भाजपा पर हमला फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। भिलाई नगर विधायक और कांग्रेस प्रवक्ता देवेंद्र यादव ने कहा— “जो भी भाजपा और पूंजीवाद के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे दबाने की कोशिश की जाती है। लेकिन सच आखिरकार सामने आता है।” ईडी का दावा: 3200 करोड़ का शराब घोटाला प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में करीब 3200 करोड़ रुपये का शराब घोटाला हुआ। ईडी के अनुसार— शराब सिंडिकेट के जरिए अवैध कमाई राज्य के खजाने को भारी नुकसान कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और कारोबारी आरोपी ईडी ने आरोप लगाया कि चैतन्य बघेल को करीब 20 करोड़ रुपये की अवैध रकम मिली। 29,800 पन्नों की चार्जशीट ईडी ने 26 दिसंबर 2025 को शराब घोटाले से जुड़ी 29,800 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। एजेंसी का दावा है कि चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत शामिल हैं। सौम्या चौरसिया पर भी शिकंजा ईडी ने मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया को घोटाले की अहम कड़ी बताया है। उन्हें शराब घोटाले में मध्यस्थ की भूमिका में आरोपी बनाया गया है। 17 दिसंबर 2025 को उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया और वे फिलहाल जेल में हैं।
रायगढ़ में कानून पर हमला: जिंदल कोयला खदान विरोध प्रदर्शन में महिला आरक्षक से बर्बरता, दो आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) की कोयला खदान के विरोध के दौरान कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली गंभीर घटना सामने आई है। प्रदर्शन के दौरान एक महिला आरक्षक के साथ बर्बरता, कपड़े फाड़ने और सामूहिक हिंसा के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सनसनीखेज मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “इस घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों पर गंभीर धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।” कैसे भड़की हिंसा? यह पूरा मामला 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में आयोजित जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। जिंदल के प्रस्तावित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह लिबरा चौक पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। प्रशासन के समझाने के बाद भी स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी। दोपहर तक भीड़ करीब 1000 लोगों तक पहुंच गई। घरघोड़ा के एसडीएम, एसडीओपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगातार माइक से शांति की अपील करते रहे, लेकिन भीड़ बार-बार उग्र होती गई। ढाई बजे बिगड़े हालात, पुलिस पर हमला करीब दोपहर 2:30 बजे स्थिति अचानक हिंसक हो गई। भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पत्थर, डंडों व लाठियों से हमला शुरू कर दिया। तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के साथ महिलाओं द्वारा मारपीट कई महिला व पुरुष पुलिसकर्मी घायल पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस को आग के हवाले किया अन्य सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला आरक्षक से अमानवीय हरकत, वीडियो वायरल घटना के चार दिन बाद सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। वीडियो में कुछ लोग महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिंदल प्लांट पर हमला, करोड़ों की संपत्ति को नुकसान हिंसक भीड़ यहीं नहीं रुकी। इसके बाद उपद्रवी जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट की ओर बढ़े— कन्वेयर बेल्ट को आग लगाई दो ट्रैक्टर व अन्य वाहनों को जलाया प्लांट कार्यालय में तोड़फोड़ इस हिंसा से सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। हिंसा के बाद बड़ा फैसला घटना के बाद जिंदल प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रस्तावित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक की जनसुनवाई नहीं कराने का निर्णय लिया है। सख्त संदेश: कानून हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय जिला प्रशासन और पुलिस ने साफ कर दिया है कि विरोध के नाम पर हिंसा, महिला पुलिसकर्मियों से बर्बरता और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को कानून के तहत कठोर सजा दी जाएगी। यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था पर सीधा हमला था — और इसका जवाब भी उसी सख्ती से दिया जाएगा।
जीपीएम जिले को मिला नया पुलिस अधीक्षक
✍️ भागीरथी यादव 2014 बैच के IPS मनोज कुमार खिलारी बने SP कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की बड़ी जिम्मेदारी गौरेला–पेंड्रा–मरवाही, राज्य सरकार ने गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (GPM) जिले के पुलिस नेतृत्व में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी मनोज कुमार खिलारी को जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है। इस संबंध में आदेश देर रात जारी किया गया। नव नियुक्त एसपी मनोज कुमार खिलारी इससे पूर्व दूसरी वाहिनी, बिलासपुर में कमांडेंट के पद पर पदस्थ थे, जहां उन्होंने अनुशासन, प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी पुलिसिंग का परिचय दिया। उनके अनुभव को देखते हुए शासन ने उन्हें जीपीएम जैसे संवेदनशील और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले की कमान सौंपी है। उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर को जिले के पूर्व पुलिस अधीक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद रिक्त चल रहा था। अब नए एसपी की नियुक्ति से जिले में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकारी आदेश जारी होते ही पुलिस विभाग में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि नव नियुक्त एसपी शीघ्र ही जिले में पदभार ग्रहण करेंगे, जिसके बाद जिले की पुलिसिंग रणनीति और प्राथमिकताओं को लेकर नई कार्ययोजना सामने आ सकती है। जिलेवासियों को उम्मीद है कि नए एसपी के नेतृत्व में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जन-संवाद और विश्वास आधारित पुलिसिंग को भी मजबूती मिलेगी।
गुरसिया पुल बना मौत का जाल
✍️ भागीरथी यादव नेशनल हाईवे 130 की लापरवाही ने ली एक और जान कोरबा निवासी प्रकाश श्रीवास की दर्दनाक मौत, एक गंभीर कोरबा/बांगो, नेशनल हाईवे 130 पर स्थित गुरसिया तान नदी पुल एक बार फिर मौत का कारण बन गया। जर्जर पुल और गहरे गड्ढों की अनदेखी ने कोरबा के एक युवक की जान ले ली, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा गुरुवार रात करीब 10 बजे उस वक्त हुआ, जब स्कूटी सवार तीन युवक कोरबा से परला की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल पर बने खतरनाक गड्ढे में स्कूटी पड़ते ही वाहन अनियंत्रित हो गया और रेलिंग से जा टकराया। हादसा इतना भयावह था कि कोरबा पुरानी बस्ती देवांगन मोहल्ला निवासी प्रकाश श्रीवास की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हरि गोस्वामी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीसरे युवक अनमोल गोस्वामी को हल्की चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरसिया पुल लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी सतह और कमजोर रेलिंग इस पुल को हर गुजरने वाले के लिए खतरा बना चुके हैं। इसके बावजूद नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से न तो समय पर मरम्मत की गई और न ही कोई वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग बनाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि पुल पर भारी वाहनों के प्रतिबंध का बोर्ड तो लगाया गया है, लेकिन डायवर्जन मार्ग की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जबकि इस पुल की मरम्मत के लिए राशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। स्थानीय प्रशासन और बांगो थाना द्वारा बार-बार गड्ढों की मरम्मत की मांग की जाती रही, लेकिन हर बार नेशनल हाईवे प्रबंधन ने “बरसात के बाद मरम्मत” का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। बांगो थाना प्रभारी ने इस हादसे को घोर लापरवाही करार दिया है। वहीं मृतक के परिजनों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नेशनल हाईवे अधिकारियों को आम नागरिकों की जान की कोई परवाह नहीं है। वीआईपी मार्गों पर जहां तत्काल मरम्मत कर दी जाती है, वहीं आम जनता के इस्तेमाल वाले रास्तों को नजरअंदाज किया जाता है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि नेशनल हाईवे प्रबंधन की लापरवाही से हुई मौत है। यदि समय रहते पुल की मरम्मत, गड्ढों को भरा गया होता और सुरक्षित डायवर्जन बनाया गया होता, तो आज एक परिवार का चिराग बुझता नहीं। परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जिम्मेदार नेशनल हाईवे अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और तत्काल गुरसिया पुल की मरम्मत कर सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगे किसी और की जान न जाए।
कोरबा | दुर्गानाला नहर पुल पर बदमाशों का आतंक, नागरिकों के साहस से नाकाम हुई लूट
कोरबा शहर के दुर्गानाला 200 मेगावाट प्लांट नहर पुल के पास गुरुवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कुछ बदमाशों ने राहगीरों को रोककर मारपीट और लूटपाट शुरू कर दी। बेल्ट, डंडे और धारदार हथियारों से लैस ये युवक आने-जाने वालों को डरा-धमकाकर पैसे और सामान छीन रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 8:30 बजे पुल के पास अचानक अफरा-तफरी मच गई। कुछ बदमाशों के हाथों में चाकू और छुरा था, जिनके बल पर वे लोगों को भयभीत कर रहे थे। इसी दौरान पथरापारा निवासी अखिलेश सिंह अपने साथी विकास अग्रवाल के साथ वहां पहुंचे। हालात को समझते हुए दोनों ने साहस का परिचय दिया और बदमाशों का विरोध किया। बदमाशों ने अखिलेश सिंह की कार को रोककर तोड़फोड़ की और उनकी जेब से करीब छह हजार रुपये नकद लूट लिए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने तत्काल परिजनों और आसपास के लोगों को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे बदमाशों में भगदड़ मच गई। लोगों की सतर्कता से कुछ आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि कुछ फरार होने में सफल रहे। सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई की और बाद में फरार आरोपियों को भी धर दबोचा। पुलिस ने तीन नाबालिगों सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में सोमनाथ बजारे, एकलव्य राव और गौतम साहू के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में रोष है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, अखिलेश सिंह और विकास अग्रवाल की बहादुरी की हर ओर सराहना की जा रही है, जिनकी हिम्मत से बड़ी घटना टल गई और बदमाश कानून के शिकंजे में आ सके।
कोरबी–सिरमिना उपार्जन केंद्र में धान खरीदी व्यवस्था मजबूत, किसानों को मिला भरोसा
सुशील जायसवाल कोरबा (कोरबी–सिरमिना): छत्तीसगढ़ शासन की केंद्रीकृत और तकनीक आधारित नीतियों के चलते इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी साबित हो रही है। कोरबी–सिरमिना उपार्जन केंद्र में ‘टोकन तुंहर हाथ’ मोबाइल एप एवं ऑनलाइन प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब किसानों को घर बैठे टोकन प्राप्त हो रहा है, जिससे खरीदी केंद्रों में भीड़ कम हुई है और तौल, भंडारण तथा भुगतान की प्रक्रिया समयबद्ध व सरल हो गई है। किसानों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों से तौल तेज और सटीक हो रही है। वहीं समिति द्वारा छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, हमालों की उपलब्धता, बोरा, पलटाई, सिलाई एवं मंडी में छल्ली लगाने जैसी सुविधाएं सुव्यवस्थित रूप से प्रदान की जा रही हैं। पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के कारण किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। जगह की कमी को देखते हुए सिरमिना उपार्जन केंद्र के अंतर्गत कई किसानों के खेतों में ही धान खरीदी की जा रही है। किसानों की सुविधा और मांग को ध्यान में रखते हुए आगामी वर्षों में ग्राम पंचायत सि. नवापारा में उप-धान खरीदी केंद्र तथा कोरबी सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत ग्राम पंचायत चोटिया (परला) में उपार्जन केंद्र खोलने का प्रस्ताव भी सामने आया है, जिससे क्षेत्र के किसानों को और अधिक राहत मिलने की संभावना है। प्रशासन द्वारा अवैध धान बिक्री पर रोक लगाने के लिए भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसानों ने शासन और जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्पष्ट नीतियों और बेहतर प्रबंधन के कारण खरीदी प्रक्रिया अब अधिक विश्वसनीय बन गई है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा इस वर्ष धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा निर्धारित की गई है। धान खरीदी का कार्य 31 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा। समय पर खरीदी और उचित मूल्य मिलने से पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में पंजीकृत किसानों के बीच सकारात्मक माहौल बना हुआ है। एग्रीस्टेक पोर्टल और सीमित टोकन से छोटे किसान परेशान हालांकि, तकनीकी व्यवस्था के बावजूद छोटे किसानों की समस्याएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। एग्रीस्टेक पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों और सीमित टोकन जारी होने के कारण कई छोटे किसान खरीदी केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि टोकन खुलते ही कुछ ही समय में सीमा समाप्त हो जाती है, जिससे तकनीकी रूप से सक्षम किसान तो टोकन ले लेते हैं, लेकिन छोटे और साधनविहीन किसान वंचित रह जाते हैं। धान मिंजाई के बाद भी बिक्री न हो पाने के कारण कई किसानों को अपनी उपज घरों और कोठारों में रखना पड़ रहा है। चोरी के डर से कुछ किसान ठंड भरी रातों में खुले में फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं। अधिया पर खेती करने वाले किसानों की स्थिति और भी कठिन है, जिन्होंने ब्याज पर ऋण लेकर फसल बोई थी और समय पर भुगतान न होने से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। किसानों की बढ़ती परेशानी और मांगों को देखते हुए शासन द्वारा धान खरीदी की सीमा बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे आने वाले दिनों में छोटे किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
चोटिया में अटल स्मृति दिवस पर विधानसभा स्तरीय संगोष्ठी
✍️ सुशील जायसवाल अटल जी के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा — विजय सिंह तोमर कोरबी/चोटिया। पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चोटिया में शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को भारत रत्न एवं छत्तीसगढ़ के निर्माता, श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर विधानसभा स्तरीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन अटल जी के राजनीतिक, पत्रकारिता एवं कवि जीवन के प्रेरणादायी पक्षों को स्मरण करने हेतु किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी युवा आयोग के अध्यक्ष एवं विधानसभा प्रभारी श्री विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहे। उनके साथ जिला संगठन सह प्रभारी वृजेंद्र शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय जायसवाल, लक्की नंदा सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी मंचासीन रहे। अतिथियों का स्वागत पुष्पमालाओं से किया गया। मुख्य वक्ता श्री विजय सिंह तोमर ने अपने उद्बोधन में कहा कि “अटल बिहारी वाजपेई केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार, संवेदना और राष्ट्रबोध के प्रतीक थे। उनका जीवन संघर्ष, सिद्धांत और समर्पण की मिसाल है। भाजपा आज उनकी जयंती को जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में मना रही है, ताकि युवा पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके।” उन्होंने अटल जी के राजनीतिक संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और देश को वैश्विक मंच पर मजबूत नेतृत्व देने वाले कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, जिला महामंत्री संजय शर्मा एवं जिला संगठन सह प्रभारी बृजेश शुक्ला ने भी संबोधित करते हुए अटल जी के विचारों को आज के समय में प्रासंगिक बताया। संगोष्ठी में प्रमुख रूप से जनपद अध्यक्ष माधुरी देवी तंवर, जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जाखड़, अजय चंद्रा (आईटी सेल कोरबा), कमला किंडो, कमला बरेट (जिला मंत्री), वीरेंद्र मरकाम, किरण मरकाम (पूर्व प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा), ऋषि प्रजापति, सोहन सिंह राज, बृजेश यादव, चतुरभुवन नायक, मनोज डिक्सेना, राजेश चतुर्वेदी, रवि मरकाम, प्रहलाद बिंझवार, विशाल सिदार, जगदीश मरकाम, राकेश जायसवाल, कमला पेंद्रो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य अटल बिहारी वाजपेई के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना और उनके राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश देना रहा।
लोकसदन की खबर का बड़ा असर, एसपी की सख्त कार्रवाई
कोरबा। लोकसदन में समाचार प्रकाशित होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को समझते हुए ईमानदार और सख्त छवि वाले पुलिस अधीक्षक, कोरबा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ा फैसला लिया। सिविल लाइन जैसे अत्यंत संवेदनशील थाना में पदस्थ थाना प्रभारी प्रमोद दंसेना को तत्काल प्रभाव से हटाकर हार्दीबाजार थाना भेज दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत संदेश मानी जा रही है। एसपी कोरबा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि कोयला दलाली, अवैध गतिविधियों या किसी भी प्रकार की अनैतिक संलिप्तता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस सख्त कदम से साफ है कि कोरबा पुलिस अब “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है और लोकसदन में उठाई गई आवाज़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सशक्त पत्रकारिता का असर जमीन पर दिखाई देता है।
आजीविका डबरी बनी ग्रामीण समृद्धि की रीढ़
नरेगा से सिंचाई, मत्स्य पालन और आय—बीजापुर के किसानों को मिला संबल बीजापुर। ग्रामीण आजीविका को मजबूती देने की दिशा में महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरियां बीजापुर जिले में किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। जिला प्रशासन की पहल पर जिले में लगभग 1000 आजीविका डबरियों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है, जिनमें से वर्ष 2025–26 में अब तक 9 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से 431 डबरियां स्वीकृत की जा चुकी हैं। इन डबरियों से जहाँ एक ओर सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण को भी नई गति मिली है। किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन, बागवानी और बहु-आजीविका गतिविधियों से अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रहे हैं। मेहनत की मिसाल बने रैनधर राणा ग्राम पंचायत गंगालूर के किसान श्री रैनधर राणा ने आजीविका डबरी का सफल उपयोग कर आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी लिखी है। उन्होंने डबरी में मत्स्य पालन कर लगभग 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की। साथ ही एक एकड़ भूमि में आम और अमरूद सहित 25 मिश्रित फलदार पौधों का रोपण कर दीर्घकालिक आमदनी की दिशा भी तय की है। तकनीकी मार्गदर्शन से बदली किस्मत तकनीकी सहायक श्री तोरण लाल उर्वशा ने बताया कि श्री रैनधर राणा की आजीविका डबरी का निर्माण वर्ष 2021–22 में 1 लाख 60 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। डबरी का आकार 20×20 मीटर और गहराई 2.5 मीटर रखी गई थी, जो वर्तमान में उनकी आय वृद्धि का प्रमुख आधार बन चुकी है। वर्तमान में आजीविका और मत्स्य पालन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 3 मीटर गहराई की डबरियों का निर्माण किया जा रहा है। रोजगार भी, जल भी—दोहरा लाभ रोजगार सहायक श्री प्रताप सेमल ने जानकारी दी कि इस एक डबरी निर्माण से ही लगभग 800 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ। नरेगा के तहत निर्मित ये डबरियां न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं, बल्कि स्थायी कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। ग्रामीण विकास की मजबूत नींव आजीविका डबरी आज बीजापुर जिले में ग्रामीण विकास, आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार बन चुकी है। यह योजना छोटे किसानों के लिए केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि समृद्ध भविष्य की नई राह बनकर उभर रही है।
















