✍️ भागीरथी यादव
बिलासपुर/बेलगहना। बेलगहना तहसील क्षेत्र का सोढा खुर्द घाट एक बार फिर कथित अवैध रेत कारोबार को लेकर चर्चा में है। आरोप है कि रात के अंधेरे में बिना रॉयल्टी और ओवरलोड रेत से भरे हाईवा बेखौफ तखतपुर सहित अन्य क्षेत्रों की ओर रवाना किए जा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग तमाम शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई करने में विफल नजर आ रहे हैं। जिले में अवैध खनन पर समय-समय पर कार्रवाई के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन क्षेत्रवासियों का आरोप है कि बेलगहना क्षेत्र में हालात अब भी जस के तस हैं

ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में हाईवा क्रमांक CH10 BR 6183 सोढा खुर्द घाट से रेत लेकर तखतपुर की ओर जा रहा था। ग्राम पंचायत रतखंडी के पास एक युवक वाहन की चपेट में आते-आते बाल-बाल बच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि युवक समय रहते नहीं बचता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद भी संबंधित वाहन दो दिनों तक रतखंडी क्षेत्र में खड़ा रहा, लेकिन न तो खनिज विभाग और न ही राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्रवाई की गई।
वाहन चालक ने स्वयं स्वीकार किया कि वह सोढा खुर्द से रेत लेकर तखतपुर जा रहा था तथा उसके पास रॉयल्टी पर्ची नहीं थी। आरोप है कि बिना वैध दस्तावेजों के “लूज” रेत का परिवहन खुलेआम किया जा रहा है, जिससे शासन को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है।
समाचार सामने आने के बाद खनिज विभाग ने केवल दो स्थानों पर डंप रेत पर कार्रवाई करते हुए लगभग ₹2.41 लाख तथा दूसरे स्थान पर लगभग ₹1.11 लाख की पेनल्टी लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली। जबकि मुख्य मार्ग के किनारे कथित रूप से डंप लगभग 50 ट्रिप रेत को अनदेखा कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्रवाई करनी ही थी तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी अवैध भंडारण और परिवहन पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए थी।
क्षेत्रवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी अवैध रेत या मुरुम उत्खनन की शिकायत की जाती है, संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना मुश्किल हो जाता है। उनका यह भी आरोप है कि विभागीय टीम के पहुंचने से पहले ही कथित रेत कारोबारियों को सूचना मिल जाती है, जिससे वे पहले से सतर्क हो जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कथित तौर पर पहले बड़े पैमाने पर रेत डंप की जाती है, उसी रेत को कई गुना अधिक कीमत पर बेचा जाता है
घटना के बाद संवाददाता द्वारा कोटा एसडीएम तथा खनिज विभाग के अधिकारियों से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराते हुए अवैध रेत परिवहन, विभागीय कार्यप्रणाली तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बिना रॉयल्टी रेत परिवहन, ओवरलोड वाहनों की आवाजाही और दुर्घटना की आशंका जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो जिम्मेदार विभाग की ओर से ठोस और स्थायी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, अवैध रेत कारोबार पर तत्काल रोक तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
