
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर, 27 सितंबर।
विश्व पर्यटन दिवस हर साल 27 सितंबर को पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर का उद्देश्य पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाना है। साथ ही यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने में पर्यटन क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करता है।
संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) द्वारा वर्ष 1980 से इस दिवस की शुरुआत की गई थी। तब से यह दिन पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर लोगों के बीच आपसी समझ व भाईचारे को मजबूत करने का प्रतीक बन चुका है।
पर्यटन न केवल रोजगार सृजन का प्रमुख साधन है बल्कि यह देशों की सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता को भी वैश्विक पहचान दिलाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिम्मेदार पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में सतत विकास की दिशा में बड़ी भूमिका निभाएगा।
भारत समेत पूरी दुनिया में आज विभिन्न आयोजन, सेमिनार, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य पर्यटन को नई दिशा देना और लोगों को यात्रा के महत्व से अवगत कराना है।








