✍️ भागीरथी यादव
कोरबा, 17 सितंबर 2026। प्रेस क्लब कोरबा के नव निर्वाचित पदाधिकारियों एवं प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया के पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए सांसद ने कोरबा के विकास और जनसमस्याओं को लेकर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और मीडिया की पहल से कोरबा के विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाना चाहिए।
सांसद ने कोरबा की रेल सुविधाओं को लेकर केंद्र सरकार और रेलवे पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोरोना काल में बंद हुई यात्री ट्रेनों को बहाल करने, नई यात्री ट्रेनें शुरू करने, ट्रेनों के ठहराव और विस्तार को लेकर लगातार जीएम, डीआरएम और रेल मंत्री तक मांग रखी गई है। इसके बावजूद कोरबा को नई यात्री ट्रेन देने के मामले में रेलवे की ओर से सकारात्मक पहल नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि कोरबा से बड़े पैमाने पर कोयला परिवहन होता है, लेकिन यात्री सुविधाओं और ट्रेनों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है। तीजा और पोरा जैसे पर्वों के दौरान लोकल ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को परेशानी हुई।
उन्होंने बताया कि अगले महीने रेल मंत्री के बिलासपुर आगमन के दौरान कोरबा की रेल समस्याओं को प्रमुखता से रखा जाएगा। मंडल स्तरीय सांसदों की बैठक के लिए भी कोरबा से संबंधित प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।
भू-विस्थापितों के मुद्दे पर SECL को घेरा
सांसद ने हरदीबाजार, अमगांव, चुरैल, पाली और पड़नियां सहित विभिन्न क्षेत्रों के भू-विस्थापितों की समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण के बाद कई परिवार मुआवजा, नौकरी और बसाहट की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई मामलों में प्रभावित परिवारों को मकान खाली कराने के लिए दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद जमीन अधिग्रहण किए जाने पर किसानों को वर्तमान दर के अनुसार मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही नियमानुसार बसाहट उपलब्ध कराए बिना प्रभावित परिवारों के मकान नहीं तोड़े जाने चाहिए। मेडिकल अनफिट कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी और SECL मेडिकल बोर्ड की बैठक लंबे समय से नहीं होने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
सांसद ने कहा कि SECL की ठेका कंपनियों में स्थानीय बेरोजगारों और भू-विस्थापित परिवारों को रोजगार देने की मांग भी लगातार उठाई जाती रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भू-विस्थापितों की मांगों की लड़ाई में वे उनके साथ हैं।
पर्यटन, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी जोर
सांसद ने कनकी, चैतुरगढ़, कुदुरमाल, मड़वारानी, हनुमानगढ़ी, कोसगई और मातीन दाई जैसे धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की बात कही। उन्होंने सुनालिया अंडरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी पर भी सवाल उठाया। 16 सितंबर को हुई दिशा समिति की बैठक में उन्होंने कलेक्टर से इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि कोरबा मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर और एमबीबीएस सीट बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मेडिकल कॉलेज की स्थापना तथा मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की दिशा में हो रहे प्रयासों को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
कोरबा के ईएसआईसी अस्पताल में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य पदों के रिक्त होने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से भर्ती प्रक्रिया तेज करने की मांग की। प्रदूषण को लेकर भी संबंधित मंत्री को पत्र भेजने और दीपका में डस्ट रिमूविंग मशीन के माध्यम से सड़क प्रदूषण कम करने के प्रयास की जानकारी दी।
महंगाई और रोजगार पर सरकार से जवाब मांगा
सांसद ने कहा कि कोरबा के डीएमएफ फंड का अधिक से अधिक उपयोग प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में किया जाना चाहिए। उन्होंने सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा भी दिशा समिति की बैठक में उठाया। उनके अनुसार कलेक्टर ने सड़कों के सुधार और नए निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में शुभकामनाओं के साथ सरकार से सवाल पूछना विपक्ष और जनप्रतिनिधियों का अधिकार है। उन्होंने महंगाई, रोजगार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, किसानों और आम जनता की समस्याओं पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं और घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई दे रहा है, इसका जवाब जनता को देना होगा।
