बांकीमोंगरा को मिलेगा स्वतंत्र बिजली जोन का दर्जा

✍️ भागीरथी यादव

 

 

दर्री की वितरण व्यवस्था से अलग होगा क्षेत्र, नए जोन से उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा की उम्मीद

कोरबा। जिले में बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के पुनर्गठन के तहत बांकीमोंगरा को दर्री से अलग कर स्वतंत्र बिजली जोन बनाया जाएगा। इस फैसले से बांकीमोंगरा क्षेत्र की बिजली वितरण व्यवस्था को अलग प्रशासनिक ढांचा मिलेगा।

 

कंपनी के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) की ओर से 11 सितंबर 2026 को जारी आदेश में प्रदेश में नए बिजली जोन और वितरण केंद्रों के गठन की व्यवस्था की गई है। यह निर्णय कंपनी के संचालक मंडल की 142वीं बैठक में 13 अगस्त 2026 को लिए गए संकल्प के आधार पर किया गया है।

 

दर्री से अलग होगी बांकीमोंगरा की व्यवस्था

 

अब तक बांकीमोंगरा क्षेत्र की बिजली वितरण व्यवस्था दर्री से जुड़ी हुई थी। नए पुनर्गठन के बाद बांकीमोंगरा स्वतंत्र जोन के तौर पर काम करेगा। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग प्रशासनिक व्यवस्था तथा आवश्यक पदों का प्रावधान किया जाएगा।

 

कोरबा जिले के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को अपनी शिकायतों और बिजली संबंधी समस्याओं के लिए स्थानीय स्तर पर विभागीय अधिकारियों तक पहुंच बनाने में सुविधा मिल सकती है।

 

शिकायतों के निराकरण में तेजी की उम्मीद

 

स्वतंत्र जोन बनने के बाद बिजली लाइन में खराबी, ट्रांसफार्मर संबंधी समस्या, बिजली आपूर्ति में व्यवधान और अन्य तकनीकी शिकायतों के निपटारे के लिए मैदानी स्तर पर विभागीय व्यवस्था मजबूत होने की संभावना है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ व्यवस्था लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

 

प्रदेश में 12 नए जोन का गठन

 

पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के आदेश के अनुसार प्रदेश में कुल 12 नए जोन गठित किए जाएंगे। इनमें मंगला, कोनी, सरोना, कौशल्या माता विहार, गोगांव, डोंगरगढ़, बांकीमोंगरा, बालोद, बेमेतरा, कांकेर, जशपुर और पेंड्रारोड शामिल हैं।

 

इसके साथ ही लोरमी (ग्रामीण) और जेवरा-सिरसा को नए वितरण केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया है।

 

पुराने वितरण केंद्रों का पुनर्गठन

 

पुनर्गठन के तहत डोंगरगढ़ (शहर), बेमेतरा (शहर), कांकेर (शहर), जशपुर (शहर), पेण्ड्रा (शहर) और पेण्ड्रारोड (शहर) सहित छह वितरण केंद्रों को समाप्त किया जाएगा। यहां उपलब्ध पदों और मानव संसाधन का नए गठित जोन में पुनर्नियोजन किया जाएगा।

 

नए जोन में सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, कार्यालय सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लाइन सहायक और परीक्षण सहायक सहित विभिन्न पदों की व्यवस्था की गई है।

 

कोरबा में बदलेगी मैदानी बिजली व्यवस्था

 

बांकीमोंगरा के स्वतंत्र जोन बनने के बाद कोरबा जिले की बिजली वितरण व्यवस्था में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव आएगा। अब क्षेत्र में बिजली संबंधी शिकायतों और मैदानी कार्यों के लिए अलग जोन स्तर की व्यवस्था विकसित की जाएगी। स्थानीय उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर रहेगी कि नए जोन के अस्तित्व में आने के बाद बिजली आपूर्ति और शिकायत निवारण व्यवस्था में कितना सुधार होता है।