सुशील जयसवाल
डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव के बताए तरीके, ग्रामीणों व वरिष्ठ नागरिकों को किया जागरूक
कोरबी-चोटिया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं नितीश ठाकुर के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत कोरबी पुलिस ने रविवार को साप्ताहिक हाट बाजार में साइबर जागरूकता अभियान चलाया। कोरबी पुलिस चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों से बचाव की जानकारी दी।

6 सितंबर को कोरबी के साप्ताहिक आम बाजार में लगाए गए जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने पोस्टर एवं समझाइश के माध्यम से लोगों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग खुद को पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी अथवा अन्य सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रकम की मांग करते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी APK फाइल, संदिग्ध वेबसाइट और अनजान लिंक के जरिए भी लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान APK डाउनलोड करने से भी बचें।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने अपील की है कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। पुलिस ने बताया कि समय पर शिकायत करने से ठगी की राशि को फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।
अभियान में आरक्षक संजय साहू एवं परमानंद दिवाकर का विशेष योगदान रहा। पुलिस ने ग्रामीणों से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
