✍️ भागीरथी यादव
रायगढ़। जिले के कापू थाना क्षेत्र में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने पत्नी की हत्या के आरोप में उसके पति देवानंद सिदार (39) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पत्नी चमेली सिदार (26) की गला दबाकर हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जला दिया और हड्डियों के अवशेष जमीन में दबा दिए। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
जानकारी के अनुसार ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार ने 28 अप्रैल को थाना कापू पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी चमेली 16 अप्रैल की रात करीब 8 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई है। पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पति के बयान और उसके व्यवहार में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का संदेह उस पर गहराता गया। परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ में भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
जांच में पता चला कि करीब चार वर्ष पहले देवानंद और चमेली ने प्रेम विवाह किया था। दोनों के कोई संतान नहीं थी। घटना के बाद देवानंद चमेली के मायके भी गया था और उसके वहां पहुंचने के संबंध में पूछताछ की थी, जबकि उसे पता था कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है।
भाजी की सब्जी को लेकर हुआ था विवाद
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 16 अप्रैल की रात भाजी की सब्जी बनाने को लेकर पत्नी से विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने चमेली का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने शव को घर के आंगन में जलाया और जली हुई हड्डियों के अवशेषों को गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया।
डीएनए जांच से हुई मृतिका की पहचान
मामले में मर्ग क्रमांक 45/2026 के तहत जांच करते हुए पुलिस ने विधिवत अनुमति लेकर एफएसएल अधिकारी की मौजूदगी में घटना स्थल से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद किए। हड्डी के नमूनों का डीएनए परीक्षण कराया गया। रिपोर्ट में अवशेष गुम महिला चमेली सिदार के होने की पुष्टि हुई। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हत्या की पुष्टि होने के बाद 23 अगस्त को आरोपी के खिलाफ हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का अपराध दर्ज किया गया।
तीन दिन गांव के बाहर कैंप कर आरोपी को पकड़ा
अपराध दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही वह फरार हो गया। पुलिस टीम ने लगातार तीन दिन गांव के बाहर कैंप कर मुखबिर तंत्र सक्रिय रखा। लगातार प्रयास के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
