रायपुर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: टी-20 वर्ल्ड कप से पहले ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश, 92 लाख से अधिक की जब्ती

✍️ भागीरथी यादव

 

रायपुर: राजधानी में सट्टेबाजों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘रायपुर कमिश्नरेट’ ने एक हाई-प्रोफाइल ऑनलाइन सट्टा गिरोह को दबोचा है। टी-20 वर्ल्ड कप के रोमांच से पहले ही सक्रिय हुए इस गिरोह के 6 सदस्यों को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है।

लग्जरी कारों में चल रहा था ‘मोबाइल ऑफिस’

पुलिस को सूचना मिली थी कि गंज थाना क्षेत्र के नागोराव गली अंडरब्रिज के पास कुछ संदिग्ध लोग अपनी महंगी गाड़ियों में बैठकर ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट कर रहे हैं। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर हुई घेराबंदी में पुलिस ने 2 महिंद्रा थार और 1 नेक्सा XL-6 को पकड़ा। तलाशी के दौरान कारों के भीतर से भारी मात्रा में कैश और स्मार्टफोन बरामद हुए।

हवाला और ‘म्यूल अकाउंट्स’ का जाल

पुलिस उपायुक्त (क्राइम) स्मृतिक राजनाला ने बताया कि यह गिरोह jmdbet777.com और Classic777.com जैसी वेबसाइट्स के जरिए मास्टर आईडी बांटकर सट्टा खिला रहा था। जांच में बड़े पैमाने पर हवाला ट्रांजैक्शन और म्यूल बैंक खातों (फर्जी खातों) के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब इनका ‘फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन’ कर रही है ताकि सट्टे की काली कमाई की पूरी चेन का खुलासा हो सके।

जब्ती का विवरण (कुल मूल्य: ₹92.50 लाख)

नगद राशि: ₹37,50,000 (साढ़े सैंतीस लाख रुपये)

लग्जरी गाड़ियां: 2 महिंद्रा थार, 1 नेक्सा XL-6 (कीमत लगभग ₹50 लाख)

स्मार्टफोन: 10 महंगे मोबाइल फोन (कीमत ₹5 लाख)

गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल

पकड़े गए आरोपियों में से कई पुराने अपराधी हैं जो पहले भी जुआ एक्ट के तहत जेल जा चुके हैं:

रखब देव पाहुजा (भिलाई): गिरोह का मुख्य सप्लायर और पुराना हिस्ट्रीशीटर।

पीयूष जैन (रायपुर): मास्टर आईडी मैनेजमेंट का प्रमुख।

जितेन्द्र कुमार उर्फ जित्तू (रायपुर): इलाके का पुराना सटोरिया।

दीपक अग्रवाल (बिलासपुर): कारोबार का अहम साझीदार।

कमल राघवानी (रायपुर): गिरोह का सक्रिय सदस्य।

सचिन जैन (रायपुर): आईडी वितरण का जिम्मेदार।

अगला कदम: ग्राहकों पर गिरेगी गाज

पुलिस ने इस गिरोह से आईडी लेकर सट्टा खेलने वाले ग्राहकों की भी एक विस्तृत सूची तैयार कर ली है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जल्द ही इन ग्राहकों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। गिरोह के तार महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी जुड़े होने की पुष्टि हुई है।