
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। अमरकंटक लेको पावर प्लांट की प्रस्तावित 1680 मेगावाट विस्तार परियोजना को लेकर कोरबा में सियासत गरमा गई है। भारतीय युवा कांग्रेस, कोरबा (शहर) ने आरोप लगाया है कि जनसुनवाई से पूर्व ही निर्माण और इंस्टॉलेशन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जो नियमों और पर्यावरणीय प्रक्रिया का खुला उल्लंघन है।
जिला अध्यक्ष रोकेश पंकज के नेतृत्व में युवा कांग्रेस ने इस मामले में नेता प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गांधी को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि प्रशासन और संबंधित विभागों को पहले ही लिखित रूप से अवगत कराया गया था कि जनसुनवाई से पहले किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न कराया जाए। इसके बावजूद अडानी समूह की इकाई द्वारा यूनिट 7-8 और 5-6 के विस्तार कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
युवा कांग्रेस ने इसे प्रशासन की “गंभीर निष्क्रियता” और “नियमों की अनदेखी” करार देते हुए कहा कि यदि जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी और पहले ही निर्माण शुरू हो जाएगा, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया और स्थानीय जनता के अधिकारों का सीधा हनन है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। लगभग 1000 एकड़ से अधिक कृषि भूमि के अधिग्रहण का दावा करते हुए संगठन ने आरोप लगाया कि हजारों परिवार आजीविका संकट से जूझ रहे हैं। प्रभावितों को न तो समुचित पुनर्वास मिला है और न ही स्थायी रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
युवा कांग्रेस ने राहुल गांधी से चार प्रमुख मांगें रखी हैं—
जनसुनवाई से पूर्व चल रहे निर्माण कार्य पर तत्काल रोक।
संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई।
भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और विस्थापन की पारदर्शी जांच।
प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के पुनर्वास व रोजगार अधिकारों की विधिसम्मत सुरक्षा।
संगठन का कहना है कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण के लिए उच्च स्तर पर हस्तक्षेप आवश्यक है। इस मुद्दे ने जिले में विकास बनाम पर्यावरण और जनाधिकार की बहस को फिर से तेज कर दिया है।
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