कोरबा में अवैध रेत का काला खेल

 

 

नो-एंट्री में दौड़ रहे ट्रैक्टर, हादसे का इंतजार? प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

 

कोरबा। जिले में अवैध रेत उत्खनन का खेल खुलेआम जारी है। देर रात और नो-एंट्री के समय रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज रफ्तार से शहर और ग्रामीण सड़कों पर दौड़ रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर हो रहे इस अवैध कारोबार से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली रसूखदार लोगों के संरक्षण में यह धंधा चल रहा है। पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए नदियों से अंधाधुंध रेत निकाली जा रही है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। नदी तटों का कटाव बढ़ रहा है और आसपास के गांवों में खतरा मंडरा रहा है।

 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ट्रैक्टर नो-एंट्री में बेखौफ दौड़ रहे हैं, तो क्या पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं? यदि जानकारी है, तो कार्रवाई क्यों नहीं? प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है और उसकी निष्पक्षता पर उंगली उठ रही है।

 

क्षेत्र के नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।

 

Loksadan प्रशासन से मांग करता है कि—

 • अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल रोक लगे

 • नो-एंट्री में चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई हो

 • जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए

 

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और पुलिस इस गंभीर मामले पर कब तक चुप्पी साधे रहते हैं या फिर ठोस कार्रवाई कर जनता का विश्वास बहाल करते हैं।