सर्पदंश फर्जीवाड़ा मामले में पुलिसकर्मी रामकुमार पाटनवार और रामेश्वर भास्कर गिरफ्तार, SIMS चौकी से जुड़ा बड़ा खुलासा

✍️ भागीरथी यादव

 

बिलासपुर। सर्पदंश से मौत दिखाकर शासन से आपदा राहत राशि दिलाने के कथित फर्जीवाड़े में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए SIMS पुलिस चौकी में पदस्थ रहे दो पुलिसकर्मियों रामकुमार पाटनवार और रामेश्वर भास्कर को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि वे कथित तौर पर हीरा खांडे गिरोह के साथ मिलकर मृतकों के परिजनों को सर्पदंश का मामला बताने के लिए तैयार कराने में सहयोग करते थे।

जांच के अनुसार गिरफ्तार पुलिसकर्मियों की पहचान रामकुमार पाटनवार (40 वर्ष), निवासी बंधवापारा, सरकंडा तथा रामेश्वर भास्कर (53 वर्ष), निवासी सतनाम नगर, अमेरी के रूप में हुई है। दोनों घटना के दौरान और उसके बाद SIMS पुलिस चौकी में पदस्थ रहे थे।

 

आरोप है कि जब भी SIMS अस्पताल में कोई शव लाया जाता था, तब ये दोनों पुलिसकर्मी कथित रूप से गिरोह के सदस्य महेन्द्र मनहर को इसकी सूचना देते थे। इसके बाद महेन्द्र मनहर अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों से संपर्क करता और उन्हें मुआवजा एवं सरकारी सहायता राशि का लालच देकर मौत का कारण सर्पदंश बताने के लिए तैयार करता, चाहे वास्तविक मौत किसी अन्य कारण से हुई हो।

 

जांच एजेंसियों का दावा है कि इस तरीके से शासन के आपदा राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता का दुरुपयोग किया जाता था। आरोप है कि मृतक के कुछ परिजन भी राहत राशि के लालच में इस कथित षड्यंत्र का हिस्सा बन जाते थे।

 

पुलिस के अनुसार दोनों गिरफ्तार पुलिसकर्मियों को सूचना उपलब्ध कराने और परिजनों को तैयार कराने में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में इस कथित गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

 

> नोट: यह समाचार उपलब्ध पुलिस/जांच संबंधी जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय के निर्णय के अधीन होगी।