✍️ भागीरथी यादव
धमतरी। धमतरी जिले में युवक की हत्या के चर्चित मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मोनू उर्फ कुई ध्रुव एवं जन्मदेव सोरी को उम्रकैद के साथ 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।

मामला 31 जनवरी 2025 की रात का है। मृतक शंकर ढीमर (24 वर्ष) अपने साथी रितेश पेंडरिया के साथ मराठापारा स्थित एक छठी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। कार्यक्रम से लौटने के बाद दोनों मराठा मंगल भवन के पास पीपल के पेड़ के नीचे बैठे थे। इसी दौरान आरोपी मोनू उर्फ कुई ध्रुव और जन्मदेव सोरी वहां पहुंचे और मामूली विवाद के बाद चाकू से शंकर के सीने, पेट और जांघ पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शंकर को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि घटना से दो-तीन दिन पहले मृतक द्वारा आरोपी के मामा की साइकिल वापस नहीं करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इसी रंजिश में आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 351(2) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर समयबद्ध तरीके से विवेचना पूरी करते हुए न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और पुलिस विवेचना को सही मानते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया और आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय (भा.पु.से.) ने इस प्रकरण में उत्कृष्ट विवेचना कर आरोपियों को कठोर दंड दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश मरई को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।
धमतरी पुलिस ने कहा है कि गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष विवेचना और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से अपराधियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
