✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। धरमजयगढ़ क्षेत्र से एक ट्रक के साथ सफर करते हुए एक दुर्लभ फ्लाइंग स्नेक कोरबा पहुंच गया। टीपी नगर स्थित ट्रक स्टैंड में वाहन के पीछे सांप नजर आने के बाद लोगों में उत्सुकता बढ़ गई। सूचना मिलने पर वन विभाग और RCRS की टीम ने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
बताया गया कि ट्रक चालक अनिल निषाद की नजर वाहन के पिछले हिस्से में मौजूद रंग-बिरंगे सांप पर पड़ी। सांप की अलग बनावट और रंग देखकर चालक ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की जानकारी पर RCRS (रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी) की टीम मौके पर पहुंची। अध्यक्ष अविनाश यादव के नेतृत्व में मनस, उमेश, सौम्य और अतुल ने सांप की जांच की और उसकी पहचान फ्लाइंग स्नेक के रूप में की।
सांप ट्रक के पीछे लगी हाइड्रोलिक मशीन के समीप छिपा हुआ था। रेस्क्यू के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि सांप मशीन के भीतर न चला जाए। ऐसा होने पर उसे बाहर निकालना मुश्किल हो सकता था। मशीन के संचालन से उसके घायल होने की आशंका भी थी। टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए सांप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
RCRS टीम ने रेस्क्यू की जानकारी कोरबा वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय को दी। उनके निर्देश तथा उपवनमंडलाधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में वन्यजीव रेस्क्यू के निर्धारित नियमों का पालन करते हुए कार्रवाई की गई।
रास्ते में पेड़ से ट्रक पर चढ़ने की आशंका
चालक के अनुसार ट्रक धरमजयगढ़ से छाल और घरघोड़ा होते हुए सामान लेकर कोरबा आया था। संभावना जताई जा रही है कि रास्ते में किसी पेड़ से फ्लाइंग स्नेक ट्रक पर चढ़ गया और वाहन के साथ ही कोरबा तक पहुंच गया।
पेड़ों के बीच हवा में करता है ग्लाइड
फ्लाइंग स्नेक को लेकर अक्सर यह भ्रम रहता है कि यह उड़ सकता है। वास्तव में यह सांप उड़ता नहीं, बल्कि पेड़ों के बीच हवा में ग्लाइड करता है। पेड़ से छलांग लगाते समय यह अपने शरीर को चपटा और चौड़ा कर लेता है और शरीर को लहराते हुए हवा में अपनी दिशा नियंत्रित करता है। यह प्रजाति मुख्य रूप से पेड़ों पर ही पाई जाती है।
