
✍️ भागीरथी यादव
चिरमिरी | नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में चिरमिरी पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर फैले कुख्यात रसल एक्का गैंग का पूरी तरह सफाया कर दिया है। इस ऑपरेशन में गिरोह के सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जिससे नशा तस्करी की पूरी चेन टूट गई है।
मास्टरमाइंड तक पहुंची पुलिस, ATM से खुला राज
कार्रवाई का सबसे अहम मोड़ तब आया जब पुलिस ने गिरोह की अंतिम कड़ी रंजीत कुमार विश्वकर्मा (40 वर्ष), निवासी नवादा (गढ़वा) को गिरफ्तार किया। उसके पास से हैदराबाद निवासी वैंदला वासु का ATM कार्ड बरामद हुआ।
👉 जांच में खुलासा हुआ कि इसी ATM के जरिए नशीले इंजेक्शन के कारोबार का पैसा ट्रांजेक्शन के माध्यम से संचालित किया जा रहा था।
👉 यह कार्ड खुद गैंग के मास्टरमाइंड रसल एक्का ने रंजीत को दिया था, जो पूरे नेटवर्क की फाइनेंशियल कमान संभाल रहा था।
हैदराबाद से सरगुजा तक फैला था नेटवर्क
जांच में सामने आया कि यह गिरोह हैदराबाद से नशे का नेटवर्क संचालित कर सरगुजा संभाग तक सप्लाई करता था।
पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए न सिर्फ तस्करी, बल्कि इसके पीछे छिपे फाइनेंशियल ट्रेल को भी उजागर कर दिया।
ऐसे खुली पूरे नेटवर्क की परतें
इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत 7 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जब
शेख अल्ताफ और किशन रजक को नशीले इंजेक्शन बेचते रंगे हाथ पकड़ा गया
पूछताछ में शुभम यादव का नाम सामने आया
इसके बाद सरगना रसल एक्का (अंबिकापुर) को रायपुर से गिरफ्तार किया गया
रसल की निशानदेही पर
वैंदला वासु (हैदराबाद) रजत कुमार (सूरजपुर) को भी गिरफ्तार किया गया
पुलिस की रणनीति ने तोड़ी कमर
पूरे ऑपरेशन को IG सरगुजा रेंज दीपक झा और SP MCB रत्ना सिंह के निर्देशन में अंजाम दिया गया।
चिरमिरी पुलिस ने सुनियोजित तरीके से एक-एक कड़ी जोड़ते हुए पूरे गैंग को धर दबोचा।
सभी आरोपी जेल में
गिरोह के सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उन्हें जिला जेल बैकुंठपुर भेज दिया गया है।
इनकी रही अहम भूमिका
इस बड़ी कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह, एएसआई नईम खान, आरक्षक राजीव रंजन तिवारी, अमित गुप्ता, सचिन खुरसेल और सैनिक प्रमोद साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
