
✍️ भागीरथी यादव
बिलासपुर, 28 मार्च 2026। पुलिस लाइन बिलासपुर में आज एक दिवसीय फॉरेंसिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें राजपत्रित अधिकारियों, थाना/चौकी प्रभारियों और विवेचकों सहित लगभग 75 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अपराधों की जांच में फॉरेंसिक विज्ञान की उपयोगिता को समझाना और घटनास्थल पर साक्ष्य संग्रहण की वैज्ञानिक प्रक्रिया से अधिकारियों को प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण के दौरान अपराध स्थल के निरीक्षण, साक्ष्यों के संरक्षण, तलाशी एवं जब्ती की प्रक्रिया के साथ-साथ फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. समीर कुरे और वैज्ञानिक अधिकारी प्रशांत कुमार ने फॉरेंसिक जांच से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए अपराधों की सटीक जांच संभव होती है।
इसके अलावा, उप निरीक्षक कृष्णा साहू द्वारा गंभीर अपराधों में घटनास्थल के नक्शे, दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया और न्यायालयीन कार्यवाही में साक्ष्यों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचने के उपाय भी बताए।
कार्यशाला में अधिकारियों को कृत्रिम घटनास्थल तैयार कर साक्ष्य एकत्र करने, उन्हें चिन्हित कर सीलबंद करने तथा एफएसएल परीक्षण हेतु भेजने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। साथ ही “सीन ऑफ क्राइम” के निरीक्षण, क्राइम सीन स्केच तैयार करने और समय-सीमा में रिपोर्ट तैयार करने के महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस अधिकारियों की विवेचना क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
