तीन दिन से भटकी महिला को परिवार से मिलाकर पुलिस ने जीता दिल, परिजनों की आंखें हुईं नम

✍️ भागीरथी यादव

 

 

धमतरी। पुलिस को अक्सर कानून व्यवस्था से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन धमतरी पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता का भी दूसरा नाम है। तीन दिनों से घर से भटकी हुई मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को उसके परिवार से मिलाकर अर्जुनी पुलिस ने एक भावुक पल का साक्षी बनाया।

पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में जिले में चल रही नियमित पेट्रोलिंग के दौरान अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम अमेठी में एक महिला लावारिस अवस्था में भटकती हुई मिली। पेट्रोलिंग कर रहे सहायक उप निरीक्षक रामसिंह साहू और आरक्षक संजय ठाकुर ने महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर धैर्यपूर्वक उससे बातचीत की।

महिला ने अपना नाम दशोदा बाई नेताम निवासी टेकापाल, जिला बालोद बताया। उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं होने के बावजूद पुलिस जवानों ने संवेदनशीलता और धैर्य का परिचय देते हुए लगातार जानकारी जुटाई। पूछताछ में पता चला कि वह लगभग तीन दिनों से घर से भटक रही थी और अपने परिजनों से बिछड़ गई थी।

काफी प्रयास के बाद महिला ने अपने भाई हेम कुमार नेताम के पलारी में रहने की जानकारी दी। अर्जुनी पुलिस ने तुरंत संपर्क स्थापित कर परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही भाई और भतीजा थाना पहुंचे। पहचान और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिला को सकुशल उनके सुपुर्द किया गया।

अपनी बहन को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखें भर आईं। उन्होंने अर्जुनी पुलिस, सउनि रामसिंह साहू, आरक्षक संजय ठाकुर और धमतरी पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया।

यह घटना केवल एक पुलिस कार्यवाही नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और जनसेवा का जीवंत उदाहरण है। धमतरी पुलिस की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि जरूरतमंदों की मदद और बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाने का काम भी पुलिस अपनी जिम्मेदारी और संवेदना के साथ निभा रही है।