जनपद सदस्य भारत सिंह सिदार के प्रयास रंग लाए, चार ग्राम पंचायतों के विद्यार्थियों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ
सुशील जायसवाल
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा।
जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के अंतिम सीमा क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत सिमगा के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिमगा का चयन राज्य शासन द्वारा स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में किया गया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से क्षेत्र के विद्यार्थियों, पालकों एवं ग्रामीणों में हर्ष और उत्साह का वातावरण देखा जा रहा है।


यह उपलब्धि लंबे समय से क्षेत्रवासियों की मांग एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सतत प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के सदस्य एवं सभापति भारत सिंह सिदार ने 8 जनवरी 2026 को अपने लेटरपैड के माध्यम से क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिमगा को स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में संचालित किए जाने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत को विस्तृत आवेदन सौंपकर विद्यालय की स्थिति, विद्यार्थियों की संख्या तथा क्षेत्र की शैक्षणिक आवश्यकताओं से अवगत कराया था।
सांसद ज्योत्सना महंत ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर आवश्यक पहल की और विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय योजना में शामिल कराने के लिए प्रयास किए। परिणामस्वरूप मात्र पांच माह के भीतर शासन द्वारा विद्यालय का चयन स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में कर लिया गया। इस निर्णय को क्षेत्र के शिक्षा विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
सिमगा क्षेत्र लंबे समय से शिक्षा सुविधाओं की दृष्टि से पिछड़ा माना जाता रहा है। उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा मिलने के बाद यहां आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं, बेहतर शिक्षण व्यवस्था, अतिरिक्त शैक्षणिक संसाधनों तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा। इससे विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूर-दराज के शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
विद्यालय के उन्नयन का लाभ विशेष रूप से घोसरा, सिमगा, जामकछार एवं नवापारा सहित आसपास के कई गांवों के सैकड़ों विद्यार्थियों को मिलेगा। इन क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं अब अपने नजदीकी विद्यालय में ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
शिक्षा की गुणवत्ता में आएगा व्यापक सुधार
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शहरों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। विद्यालय के चयन से शिक्षण संसाधनों में वृद्धि, अधोसंरचना विकास, शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था। अब विद्यालय के उत्कृष्ट विद्यालय में चयनित होने से बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिलेगी और शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय शुरू होगा।
क्षेत्रवासियों ने जताया आभार
विद्यालय के चयन की खबर मिलते ही क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। पालकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने जनपद सदस्य एवं सभापति भारत सिंह सिदार तथा सांसद ज्योत्सना महंत के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा और क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
ग्रामीणों ने कहा – शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि
ग्रामीणों और पालकों ने इसे पूरे क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि सिमगा जैसे दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में चयनित किया जाना यह दर्शाता है कि यदि जनप्रतिनिधि और शासन मिलकर प्रयास करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास की नई मिसाल स्थापित की जा सकती है।
विद्यालय के चयन के साथ ही अब क्षेत्रवासियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। लोगों का विश्वास है कि आने वाले समय में यह विद्यालय न केवल पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड बल्कि पूरे जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का एक उत्कृष्ट केंद्र बनकर उभरेगा।
