*योग से जागा स्वास्थ्य का* *संकल्प : कोरबी ,सिरमिना ,* *एवं* *लाद,के विद्यालय में* *अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर* *हुआ भव्य आयोजन!*  

 

*योग केवल व्यायाम नहीं,* *बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की* *कला है : योग प्रशिक्षक शंकर* *लाल चौधरी,*

 

*सुशील जायसवाल*

*पोड़ी उपरोड़ा/कोरबी* *चोटिया :-*

 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम कोरबी,सिरमिना ,स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों सहित हाईस्कूल लाद,में शनिवार को उत्साह, अनुशासन और स्वास्थ्य चेतना से परिपूर्ण भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्रामीणों और अभिभावकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर योगमय वातावरण में रंगा नजर आया। सुबह से ही विद्यार्थियों और ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। योग दिवस के आयोजन ने न केवल लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस प्राचीन परंपरा से भी जोड़ने का कार्य किया, जिसने आज पूरी दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

*योगाभ्यास से मिला स्वास्थ्य और सकारात्मक* *जीवन का संदेश*

 

कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक शंकर लाल चौधरी ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने सबसे पहले योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, भागदौड़ और अनियमित दिनचर्या के कारण लोग अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में योग व्यक्ति को न केवल रोगों से बचाता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है।

 

उन्होंने प्रतिभागियों को कपालभाति प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, भुजंगासन, ताड़ासन, वज्रासन तथा सूर्य नमस्कार सहित कई महत्वपूर्ण योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। प्रत्येक योगासन के लाभों की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, पाचन तंत्र मजबूत होता है, मानसिक तनाव कम होता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

 

योग प्रशिक्षक ने कहा कि आज की पीढ़ी मोबाइल और तकनीक के अत्यधिक उपयोग के कारण शारीरिक गतिविधियों से दूर होती जा रही है। ऐसे में योग एक ऐसा माध्यम है जो शरीर और मन दोनों को संतुलित रखता है। उन्होंने विद्यार्थियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।

 

*भारतीय संस्कृति की अमूल्य* *धरोहर है योग*

 

विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार ओगरे, ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की वह अमूल्य धरोहर है, जिसे आज विश्वभर में सम्मान और स्वीकार्यता मिल रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना भी है। इसके लिए शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और नैतिक मूल्यों का विकास अत्यंत आवश्यक है।

 

उन्होंने कहा कि योग विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करता है। नियमित योगाभ्यास से पढ़ाई में भी बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

 

*ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने* *लिया स्वस्थ जीवन का* *संकल्प*

 

कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई ग्रामीणों ने बताया कि योग के माध्यम से वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और बीमारियों से दूर रहने का प्रयास करेंगे।

 

इस संबंध में वरिष्ठ प्राचार्य जे एल जगत,ने कहा कि विद्यालय द्वारा आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित करते हैं। योग दिवस का यह आयोजन गांव में सकारात्मक संदेश देने वाला साबित हुआ।

 

विद्यालय परिवार और ग्रामीणों की रही गरिमामयी उपस्थिति

 

इस अवसर पर कोरबी विद्यालय के प्राचार्य एस के दिनकर, सहित विद्यालय परिवार के शिक्षक एसके चौबे, टी बारमते, प्रीति कश्यप, टी एस सांडिल,डी एल कुंभकार, रुचि पलटवार, एवं अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच राजु राम मरावी, उप सरपंच मुरारी लाल जायसवाल, एवं समस्त पंच व ग्रामीण सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

सभी प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया तथा योग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

 

*स्वास्थ्य, जागरूकता और* *सकारात्मक ऊर्जा का बना केंद्र*

 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यालय परिसर को स्वास्थ्य जागरूकता, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के केंद्र में बदल दिया। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा को सशक्त बनाने का भी प्रभावी माध्यम है।

 

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि यदि योग को नियमित जीवनचर्या में शामिल किया जाए तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है तथा स्वस्थ, खुशहाल और संतुलित समाज का निर्माण संभव है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोरबी ,सिरमिना एवं हाईस्कूल लाद,में आयोजित यह आयोजन स्वास्थ्य चेतना, भारतीय संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा।