निर्माण कार्यों की आईडी जारी नहीं होने से जनप्रतिनिधियों में आक्रोश, 7 दिन का अल्टीमेटम

 

मांगें पूरी नहीं होने पर NH-130 पर चक्काजाम और जनपद कार्यालय में अनिश्चितकालीन तालाबंदी की चेतावनी

 

कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में निर्माण कार्यों की आईडी जारी नहीं होने के मुद्दे ने अब बड़ा जनआंदोलन का रूप लेना शुरू कर दिया है। जनपद पंचायत के सभी जनपद सदस्यों एवं सरपंच संघ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी सात दिनों के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130 पर चक्काजाम, जनपद कार्यालय में तालाबंदी तथा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

 

इस संबंध में जनप्रतिनिधियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोड़ी उपरोड़ा को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया और प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी। ज्ञापन में कहा गया है कि लंबे समय से निर्माण कार्यों की आईडी जारी नहीं होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा ग्राम पंचायतों में जनता को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

 

विकास कार्य ठप, जनप्रतिनिधियों की बढ़ी परेशानी

 

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि निर्माण कार्यों की आईडी जारी नहीं होने से पंचायतों में स्वीकृत कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। कई विकास कार्य अधूरे पड़े हुए हैं, वहीं जिन कार्यों का निष्पादन किया जा चुका है, उनके भुगतान की स्थिति भी अस्पष्ट बनी हुई है। इससे सरपंचों और जनपद सदस्यों को ग्रामीणों के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो रहा है।

 

जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण पंचायतों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है और गांवों में विकास की गति थम सी गई है। सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, पेयजल तथा अन्य जनहित के कार्यों की प्रगति पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

 

सामान्य सभा का किया था बहिष्कार

 

गौरतलब है कि निर्माण कार्यों की आईडी जारी नहीं होने के विरोध में जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के सभी जनपद सदस्यों ने 15 जून 2026 को आयोजित सामान्य सभा की बैठक का पूर्ण बहिष्कार किया था। बैठक में शामिल न होकर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की थी और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया था।

 

इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों ने जनपद कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया तथा कार्यालय में तालाबंदी कर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बावजूद मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अब आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई जा रही है।

 

अधिकारों के हनन का आरोप

 

सरपंच संघ और जनपद सदस्यों ने प्रशासन पर जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना आईडी के निर्माण कार्यों की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे कार्यों की निगरानी, मूल्यांकन और भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

 

जनप्रतिनिधियों के अनुसार पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निर्वाचित प्रतिनिधियों पर होती है, लेकिन आवश्यक जानकारी और अधिकार उपलब्ध नहीं होने के कारण वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन प्रभावी ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। इसे उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का सीधा हनन बताया है।

 

सात दिन में समाधान नहीं तो उग्र आंदोलन

 

ज्ञापन में प्रशासन को सात दिन का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया गया है। जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के सभी सरपंच और जनपद सदस्य संयुक्त रूप से बड़ा आंदोलन करेंगे।

 

आंदोलन की रूपरेखा के तहत अम्बिकापुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130 पर चक्काजाम किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय और अंतरजिला यातायात प्रभावित हो सकता है। इसके साथ ही जनपद पंचायत कार्यालय में पुनः अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी और मांगें पूरी होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

 

प्रशासन के लिए चुनौती बना मामला

 

जनप्रतिनिधियों के बढ़ते विरोध और आंदोलन की चेतावनी के बाद यह मामला प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति और गहरा सकती है। वहीं संभावित चक्काजाम और तालाबंदी से आम नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

 

क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास कार्यों में पारदर्शिता और सुचारू संचालन की मांग कर रहे हैं तथा जब तक उनकी जायज मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।