समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए एग्री-स्टैक आईडी अनिवार्य, 1 जुलाई से शुरू होगा किसान पंजीयन अभियान

सुशील जयसवाल

 

 

पोड़ी उपरोड़ा। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के लिए राज्य शासन ने बड़ा बदलाव किया है। अब किसानों को धान विक्रय के लिए एग्री-स्टैक (फार्मर आईडी) बनवाना और पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार किसान पंजीयन, संशोधन एवं सत्यापन का कार्य 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा।

 

शासन का उद्देश्य धान खरीदी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और त्रुटिरहित बनाना है, जिससे वास्तविक किसानों को सीधे लाभ मिल सके और फर्जी पंजीयन पर रोक लगाई जा सके।

एग्री-स्टैक आईडी से जुड़ेगा पूरा रिकॉर्ड

नई व्यवस्था के तहत किसानों की भूमि, खसरा, फसल विवरण, बैंक खाते तथा अन्य आवश्यक जानकारी एग्री-स्टैक आईडी से लिंक रहेगी। इससे किसानों की पहचान और भूमि संबंधी रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन आसान होगा तथा खरीदी प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी।

इन किसानों के लिए भी पंजीयन अनिवार्य

शासन ने स्पष्ट किया है कि केवल भू-स्वामी किसान ही नहीं, बल्कि अन्य श्रेणियों के पात्र किसानों को भी पंजीयन कराना होगा। इनमें शामिल हैं—

वनाधिकार पट्टाधारी किसान

डूबान क्षेत्र के किसान

शासकीय पट्टेदार

कोटवार कृषक

संस्थागत कृषक

अधिया-रेजा एवं बटाईदार किसान

लीज पर खेती करने वाले किसान

निर्धारित अवधि में पंजीयन नहीं कराने वाले किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने के पात्र नहीं होंगे।

आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन रहेगा लागू

धान खरीदी के दौरान किसानों की पहचान आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से की जाएगी। किसान स्वयं धान बेच सकेंगे या अपने द्वारा नामित व्यक्ति (नॉमिनी) के माध्यम से भी विक्रय कर पाएंगे। नॉमिनी का आधार विवरण पंजीयन के समय दर्ज कराना आवश्यक होगा।

15 अगस्त से शुरू होगा डिजिटल क्रॉप सर्वे

किसानों की फसल और रकबे के सत्यापन के लिए 15 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 तक डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर फसल क्षेत्र का सत्यापन होगा, जिससे वास्तविक उत्पादन और खरीदी व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।

महत्वपूर्ण तिथियां

कार्य

अवधि

नवीन किसान पंजीयन

1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026

किसान विवरण संशोधन

1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026

खसरा मैपिंग एवं बैंक विवरण सुधार

1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026

डिजिटल क्रॉप सर्वे

15 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026

समय पर पंजीयन कराने की अपील

जिला प्रशासन ने किसानों से समय रहते पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन और आवश्यक संशोधन कराने की अपील की है। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराई जाए तथा किसानों को आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए।

एग्री-स्टैक आईडी की अनिवार्यता को धान खरीदी व्यवस्था में बड़ा तकनीकी सुधार माना जा रहा है। आगामी खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के इच्छुक किसानों को अपनी सभी जानकारी डिजिटल रूप से अद्यतन रखना आवश्यक होगा, ताकि खरीदी के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।