कोरबा में अपराध का ‘ब्लैक बुक’ खोल कांग्रेस का बड़ा हमला, मुख्यमंत्री से पूछा— आखिर जिम्मेदार कौन?”

✍️ भागीरथी यादव

 

 

एक के बाद एक जघन्य वारदातों से दहला कोरबा, कानून व्यवस्था पर कांग्रेस का तीखा प्रहार

 

 मुख्यमंत्री को पत्र लिख शहर अध्यक्ष ने सिलसिलेवार अपराध गिनाए, शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग

 

कोरबा। कांग्रेस के कोरबा शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि कोरबा में हत्या, लूट, जानलेवा हमले और महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। इससे आम लोगों में भय का माहौल है और अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं।

 

राठौर का आरोप है कि जिले की कानून व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने पत्र में कई चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों की कोयला खदानों में भी अपराधियों का दबदबा दिखाई दे रहा है। सरायपाली कोयला खदान में गुटीय संघर्ष के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं खदानों में घुसकर सुरक्षा बल के जवानों को बंधक बनाकर डीजल और कबाड़ लूटने जैसी घटनाएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि कुछ मामलों में पुलिस कर्मियों की मिलीभगत सामने आने पर उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करनी पड़ी।

 

उन्होंने कहा कि अपराध केवल खदान क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में भी अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। कबाड़ चोर रशियन हॉस्टल के पास से रातोंरात लोहे का विशाल पुल काटकर ले गए। कटघोरा के घुचापुर में भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या और रजगामार में महिला का सिर काटकर गांव में घुमाने की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया। राठौर ने कहा कि शहर के सीतामढ़ी स्थित मोतीसागर पारा में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पवन टॉकीज रेलवे क्रासिंग के पास एक नशेड़ी ने लाठी से सिर कुचलकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, एक नशेड़ी कोतवाली थाने में घुसकर आधे घंटे से अधिक समय तक हंगामा करता रहा। सिल्वर सेंटर के संचालक की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। स्क्रैप व्यापारी अशरफ समेत तीन लोगों की एक के बाद एक हत्या की घटनाओं ने भी लोगों को दहला दिया। उन्होंने चैतमा की उस सनसनीखेज घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें सऊदी अरब से युवक को प्रेमिका के माध्यम से बुलाकर उसकी हत्या कर दी गई और शव के 17 टुकड़े कर दिए गए।

 

राठौर ने कहा कि ये तो केवल कुछ प्रमुख और चर्चित घटनाएं हैं। पिछले ढाई वर्षों के दौरान जिले में इसी तरह के सैकड़ों गंभीर आपराधिक मामले सामने आ चुके हैं। उनका आरोप है कि लगातार हो रही इन वारदातों के बावजूद अपराध पर प्रभावी अंकुश नहीं लग सका, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ती जा रही है।

 

महिला सुरक्षा पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि बालको में एक किशोरी को ब्लैकमेल कर 10 लोगों ने दुष्कर्म किया। वहीं हाल ही में पंप हाउस क्षेत्र में घर लौट रही एक युवती पर रास्ते में चाकू से हमला किया गया। राठौर ने कहा कि अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रास्ते से वाहन नहीं हटाने पर पुलिस अधिकारी के बेटे को बोलेरो से कुचल दिया गया। हाल ही में कोसाबाड़ी के भाजपा नेता पर आदतन अपराधी ने जानलेवा हमला कर दिया।

 

उन्होंने यह भी कहा कि नवपदस्थ कोतवाली थाना प्रभारी का कुछ घंटों के भीतर राजनीतिक दबाव में तबादला होना पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। उन्होंने हालिया लूट की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ज्वेलरी दुकान में तीन बदमाश जिस दुस्साहस के साथ कट्टा लेकर घुसे, उसका सीसीटीवी फुटेज पूरे प्रदेश ने देखा। यह घटना बताती है कि अपराधियों में पुलिस का भय लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि यदि दुकान संचालक साहस नहीं दिखाता और बदमाश का कट्टा नहीं छीनता तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

 

मुकेश राठौर ने मुख्यमंत्री से पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए जिले की कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने, शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।