✍️ भागीरथी यादव
धमतरी, 7 जुलाई 2026। धमतरी पुलिस को मादक पदार्थ तस्करी के एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। 53 किलोग्राम गांजा की तस्करी के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1-1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अपराधियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में जिले में अवैध गांजा, मादक पदार्थ और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, मजबूत साक्ष्य संकलन और प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते न्यायालय से यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई।
पुलिस के अनुसार, 9 जनवरी 2024 को थाना बोराई पुलिस ने बैरियर नाका पर वाहन चेकिंग के दौरान उड़ीसा की ओर से आ रही मारुति ज़ेन कार (MP-20-FA-2513) को रोककर तलाशी ली थी। कार की डिक्की और सीट के भीतर रखी तीन प्लास्टिक बोरियों से 53 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। मौके से मध्यप्रदेश के सतना निवासी तोषण विश्वकर्मा उर्फ राजा तथा रीवा निवासी विजय विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने गांजा, कार, दो मोबाइल फोन और नकदी सहित 11.10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की थी।
प्रकरण की विवेचना तत्कालीन सहायक उप निरीक्षक रामकृष्ण साहू ने अत्यंत सूक्ष्मता और पेशेवर तरीके से की। उनके द्वारा प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।
इस उत्कृष्ट अनुसंधान और प्रभावी साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने विवेचना अधिकारी सउनि. रामकृष्ण साहू को 500 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी कारोबार के विरुद्ध अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा तथा वैज्ञानिक अनुसंधान और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को न्यायालय से कठोरतम दंड दिलाने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है।
