✍️ भागीरथी यादव
पांच वर्षों से बीमारी से जूझ रहे परिवार को मिला राशन, बेड, बच्चों के लिए ड्रेस-कॉपी, बिजली व घरेलू सामान; आत्मनिर्भर बनने तक सहयोग जारी रखने का संकल्प
कोरबा। आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक असहाय परिवार के जीवन में उस समय नई उम्मीद की किरण जगी, जब संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत उन्हें आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। यह सेवा कार्य कोरबा जिले की हरदीबाजार तहसील अंतर्गत ग्राम लोटनापारा (उतरदा) निवासी 54 वर्षीय रमेश गिर गोस्वामी के परिवार तक पहुंचा, जो लंबे समय से बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहा है।

रमेश गिर गोस्वामी पिछले करीब पांच वर्षों से आनुवांशिक बीमारी से पीड़ित हैं, जिसके कारण वे मेहनत-मजदूरी करने में असमर्थ हैं। दो वर्ष पहले उनकी पत्नी घर छोड़कर चली गई, जिसके बाद तीन छोटे बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर आ गई। परिवार में 14 वर्षीय पुत्री किरण, 10 वर्षीय पुत्र किशन और 7 वर्षीय पुत्र करन शासकीय विद्यालय में अध्ययनरत हैं।
परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय है कि राशन कार्ड से मिलने वाले 35 किलो चावल, एक किलो शक्कर और एक किलो चना ही उनके जीवन का मुख्य सहारा है। न कोई नियमित आय का स्रोत है, न पेंशन और न ही किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ। कई बार बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए उन्हें लोगों से मदद मांगनी पड़ती है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला मकान भी आज तक अधूरा है और परिवार के पास न खेती की जमीन है, न पशुधन, न वाहन और न ही घर में पर्याप्त घरेलू सुविधाएं।
परिवार की स्थिति की जानकारी गांव के शिक्षक अश्वनी कुमार पटेल ने अन्नपूर्णा मुहिम के सेवादारों को दी। सूचना मिलने के बाद तहसील सेवादार ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत सर्वे किया और परिवार की वास्तविक परिस्थितियों का आकलन किया।
सर्वे के बाद संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत परिवार को तत्काल राहत प्रदान की गई। सहायता के रूप में राशन सामग्री, दो बेड, मच्छरदानियां, बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस, कॉपी-किताबें, बिजली की व्यवस्था, रसोई के बर्तन तथा दैनिक उपयोग की अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली।
अन्नपूर्णा मुहिम का उद्देश्य केवल एक बार सहायता देना नहीं, बल्कि ऐसे जरूरतमंद परिवारों का तब तक सहयोग करना है, जब तक परिवार का कोई सदस्य आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने में सक्षम न हो जाए। सेवा, करुणा और मानवता के इस अभियान के माध्यम से लगातार निर्धन एवं असहाय परिवारों तक मदद पहुंचाई जा रही है।
इस सेवा कार्य ने न केवल एक जरूरतमंद परिवार को संबल दिया है, बल्कि समाज में यह संदेश भी दिया है कि संवेदनशील प्रयास किसी के जीवन में नई उम्मीद और सम्मान की रोशनी जगा सकते हैं।
