पसान तहसील में 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित, बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से निपटने प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

 

जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति, सड़क दुर्घटना सहित हर आपदा की सूचना तत्काल देने की अपील

 

लगातार बारिश और संभावित बाढ़ को देखते हुए तहसील प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, राहत एवं बचाव कार्यों को बनाया गया और अधिक प्रभावी

 

सुशील जायसवाल

 

कोरबा/पसान। जिले के पसान क्षेत्र में पिछले दिनों हुई लगातार मूसलाधार बारिश और संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों को देखते हुए तहसील प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। क्षेत्र में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा से तत्काल एवं प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से तहसील पसान में 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष (डिजास्टर कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे कार्य करेगा और क्षेत्र में होने वाली किसी भी आपात स्थिति की सूचना प्राप्त कर राहत एवं बचाव कार्यों का तत्काल संचालन सुनिश्चित करेगा।

हाल के दिनों में हुई अतिवृष्टि से क्षेत्र की कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, पुल-पुलियों को नुकसान पहुंचा तथा अनेक गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

 

तहसील प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियंत्रण कक्ष का मुख्य उद्देश्य बाढ़, जलभराव, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली, आगजनी, सड़क दुर्घटनाओं तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित सूचनाएं तत्काल प्राप्त कर राहत एवं बचाव दलों को मौके पर भेजना है। इससे प्रभावित लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंचाई जा सकेगी और जन-धन की हानि को कम किया जा सकेगा।

 

इन घटनाओं की तुरंत दें सूचना

 

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि निम्न परिस्थितियों की जानकारी बिना विलंब नियंत्रण कक्ष को दें—

 

बाढ़ या जलभराव

 

भारी बारिश एवं अतिवृष्टि

 

आकाशीय बिजली गिरने की घटना

 

जनहानि या पशुहानि

 

मकान एवं फसल क्षति

 

सड़क एवं पुल-पुलियों की क्षति

 

आगजनी

 

सड़क दुर्घटना

 

अन्य किसी भी प्राकृतिक आपदा अथवा आपात स्थिति

 

 

प्रशासन का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से राहत एवं बचाव दल तेजी से घटनास्थल पर पहुंच सकेंगे तथा नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।

 

24 घंटे उपलब्ध रहेंगे अधिकारी

 

आपदा नियंत्रण कक्ष में विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो चौबीसों घंटे नागरिकों की सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे। नागरिक किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संपर्क कर सकते हैं।

 

संपर्क अधिकारी –

 

घनेश्वर चंद्र (नायब तहसीलदार) – 8718908047

 

आशीष सोनी (राजस्व निरीक्षक) – 9098746265

 

कृष्णा उड़के (सहायक ग्रेड-03) – 7879950978

 

अनिरुद्ध अजय (सहायक ग्रेड-03) – 9752627099

 

 

नदी-नालों से दूर रहने की अपील

 

तहसील प्रशासन ने लोगों से विशेष अपील की है कि लगातार बारिश के दौरान नदी-नालों, पुल-पुलियों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। तेज बहाव वाले नालों को पार करने का प्रयास न करें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों एवं प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

 

ग्रामीणों से यह भी कहा गया है कि बच्चों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

 

राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार

 

प्रशासन ने बताया कि संभावित आपदाओं से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था बनाई गई है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव दल भेजे जाएंगे।

 

जनसहयोग से ही मिलेगी सफलता

 

तहसील प्रशासन ने कहा है कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने में आम नागरिकों की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि कोई व्यक्ति समय पर सूचना देता है तो राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आती है और संभावित जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

 

प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की आपदा, दुर्घटना या क्षति की जानकारी तुरंत 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि प्रशासन बिना देरी के आवश्यक कार्रवाई कर सके और प्रभावित लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जा सके।