कलेक्टर ने जारी किया आदेश, विकास विस्तार अधिकारी खगेश कुमार निर्मलकर को दूसरी बार सौंपी गई अतिरिक्त जिम्मेदारी
संजय कुमार राय के कोरबा जनपद पंचायत में पदस्थ होने के बाद लिया गया निर्णय, प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
सुशील जायसवाल
कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा।
कोरबा जिले के प्रशासनिक अमले में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री कुणाल दुदावत ने जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के प्रभार को लेकर नया आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार विकास विस्तार अधिकारी श्री खगेश कुमार निर्मलकर को आगामी आदेश तक जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा का प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से सौंपी गई है, जिससे क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों एवं शासकीय योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

यह आदेश 22 जुलाई 2026 को कलेक्टर कार्यालय कोरबा से जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था आगामी आदेश जारी होने तक प्रभावशील रहेगी।
संजय कुमार राय के स्थानांतरण के बाद बनी नई व्यवस्था
जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति विकास विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश क्रमांक ESTB/8192-2026-Tribal Section दिनांक 30 जून 2026 के तहत श्री संजय कुमार राय, जो पूर्व में जनपद पंचायत रामानुजनगर, जिला सूरजपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, उनका स्थानांतरण जनपद पंचायत कोरबा में किया गया है।
स्थानांतरण आदेश के अनुरूप श्री राय ने 20 जुलाई 2026 को जनपद पंचायत कोरबा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। उनके कोरबा में पदस्थ होने के बाद जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा में सीईओ का पद रिक्त हो गया था।
विकास कार्य प्रभावित न हों, इसलिए तत्काल लिया गया निर्णय
जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा आदिवासी बाहुल्य एवं भौगोलिक दृष्टि से जिले की सबसे बड़ी और संवेदनशील जनपद पंचायतों में शामिल है। यहां ग्रामीण विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अनेक योजनाओं सहित करोड़ों रुपये के विकास कार्य संचालित हैं।
ऐसी स्थिति में यदि सीईओ का पद लंबे समय तक रिक्त रहता, तो योजनाओं के संचालन, प्रशासनिक निर्णयों, वित्तीय स्वीकृतियों एवं विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बिना विलंब किए वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी।
खगेश कुमार निर्मलकर को दूसरी बार मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत वर्तमान में जनपद पंचायत कोरबा में प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में कार्यरत तथा विकास विस्तार अधिकारी श्री खगेश कुमार निर्मलकर को दूसरी बार जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के प्रभारी सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रशासनिक हलकों में श्री निर्मलकर को एक अनुभवी एवं कार्यकुशल अधिकारी माना जाता है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र की विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मिलेगा तथा लंबित कार्यों को गति मिलेगी।
वित्तीय अधिकार भी किए गए प्रदान
कलेक्टर के आदेश में छत्तीसगढ़ कोषालय संहिता भाग-01 के पूरक नियम-125 का उल्लेख करते हुए श्री खगेश कुमार निर्मलकर को जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के आहरण एवं संवितरण (Drawing and Disbursing Officer-DDO) संबंधी वित्तीय अधिकार भी सौंपे गए हैं।
इस निर्णय से कर्मचारियों के वेतन भुगतान, विकास कार्यों के बिलों का भुगतान, निर्माण कार्यों की राशि जारी करने, पंचायतों को मिलने वाले अनुदान एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा वित्तीय बाधा नहीं आएगी।
कई महीनों से चल रहा था सीईओ को लेकर विवाद
सूत्रों के अनुसार जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा में तत्कालीन सीईओ भूपेंद्र सोनवानी को लेकर पिछले कई महीनों से विवाद और असंतोष का माहौल बना हुआ था। विकास कार्यों में कथित बाधा एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सरपंच संघ, जनपद अध्यक्ष माधुरी तंवर, उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जाखड़ तथा अधिकांश जनपद सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की थी।
बताया जाता है कि जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को चार दिन का अल्टीमेटम देते हुए तत्कालीन सीईओ को हटाने की मांग की थी। इसके साथ ही जनपद पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं सरपंच संघ ने छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया तथा सीईओ को हटाने की मांग रखी थी।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की भूमिका रही अहम
जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार उठाए जा रहे इस मुद्दे को कैबिनेट उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने गंभीरता से लिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने शासन एवं प्रशासन के समक्ष इस विषय को प्रमुखता से रखते हुए समाधान की दिशा में पहल की। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई हुई और नई व्यवस्था लागू की गई।
हालांकि स्थानांतरण एवं अतिरिक्त प्रभार का आदेश शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी किया गया है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस पूरे मामले के समाधान में उद्योग मंत्री की पहल महत्वपूर्ण रही।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को नई व्यवस्था से उम्मीद
नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू होने के बाद जनपद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में यह उम्मीद जगी है कि अब लंबित विकास कार्यों को गति मिलेगी तथा पंचायतों से जुड़े प्रशासनिक कार्य समय पर पूरे होंगे। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, सड़क निर्माण, पेयजल, पंचायत भवन, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
आगामी आदेश तक जारी रहेगी व्यवस्था
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के हस्ताक्षर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्री खगेश कुमार निर्मलकर आगामी आदेश तक जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। वे अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ पोड़ी-उपरोड़ा जनपद पंचायत के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों का भी संचालन करेंगे।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य विकास योजनाओं की निरंतरता बनाए रखना, पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना तथा आम जनता को शासकीय योजनाओं का समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था से पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
