एक साल से टूटा पुल, 300 ग्रामीणों का जीवन बेहाल; खपरीडी में आवागमन ठप, आंगनबाड़ी भवन अधूरा

सुशील जयसवाल

 

10 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर ग्रामीण, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी; सरपंच ने शासन-प्रशासन से की तत्काल पुल निर्माण की मांग

पोड़ी उपरोड़ा/केंदई। कोरबा जिले के सीमावर्ती एवं दुर्गम वनांचल क्षेत्र पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत केंदई के आश्रित मोहल्ला खपरीडी में पिछले एक वर्ष से पुल टूटे होने के कारण ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पुल नहीं बनने से लगभग 300 की आबादी वाले इस मोहल्ले के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। वहीं आवागमन बाधित होने के कारण निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का कार्य भी लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार खपरीडी तक पहुंचने के लिए लगभग 10 किलोमीटर घने जंगल से पैदल सफर करना पड़ता है। रास्ते में दो बड़े पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। यदि किसी ग्रामीण की तबीयत अचानक बिगड़ जाए या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो, तो उन्हें भारी जोखिम उठाकर पैदल सफर करना पड़ता है।

टूटी पुलिया का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। प्राथमिक शाला के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं, वहीं ग्रामीणों को राशन लेने के लिए भी 10 किलोमीटर दूर ग्राम केंदई तक पैदल जाना पड़ता है।

ग्राम पंचायत केंदई की सरपंच श्रीमती कुंती बिंझवार ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर पिछले एक वर्ष में कई बार जिला प्रशासन, जिला पंचायत, सुशासन तिहार कार्यक्रम तथा मंत्रालय रायपुर को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक पुल निर्माण के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि टूटे हुए पुलों का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों का जनजीवन और अधिक प्रभावित होने की आशंका है।