✍️ भागीरथी यादव
प्रसूता, गर्भवती महिला और झरने पर फंसे 7 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला, एसडीआरएफ व प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
बीजापुर। जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। उफनती नदियों और नालों के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। ऐसे संकट के बीच बीजापुर प्रशासन ने एक ही दिन में तीन अलग-अलग रेस्क्यू अभियान चलाकर नवजात शिशु, प्रसूता, गर्भवती महिला सहित कुल 9 लोगों की जान बचाई। प्रशासन की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया।

एसडीएम भूपेन्द्र गावरे के निर्देशन में तहसीलदार देवनन्दन टंडन के नेतृत्व में एसडीआरएफ, राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने उसूर ब्लॉक के ग्राम डल्ला में बाढ़ से घिरे क्षेत्र से एक प्रसूता महिला और उसके नवजात शिशु का सफल रेस्क्यू कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद ग्राम मल्लेपल्ली में जलभराव के बीच फंसी एक गर्भवती महिला को भी सुरक्षित निकालकर समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया।
इसी दौरान लंकापल्ली झरने की सैर करने पहुंचे सात पर्यटक अचानक जलस्तर बढ़ने से पिछले दो दिनों से फंसे हुए थे। सूचना मिलते ही तहसीलदार देवनन्दन टंडन स्वयं एसडीआरएफ टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जोखिम भरे अभियान के बाद सभी सातों पर्यटकों को सकुशल बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के दौरान सतर्क रहने की अपील की। तहसीलदार देवनन्दन टंडन ने कहा कि उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
वहीं एसडीएम भूपेन्द्र गावरे ने नंबी, गलगम और कर्रेगुट्टा सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने तथा नुकसान का सर्वे कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के बीच प्रशासन की त्वरित, संवेदनशील और साहसिक कार्रवाई ने आपदा प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। समय पर किए गए इस रेस्क्यू अभियान ने नौ लोगों की जान बचाकर प्रशासन की मुस्तैदी और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को साबित किया।
