✍️ भागीरथी यादव
कोरबा, 11 अगस्त। बजाज फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी शशांक सिंह पर लोगों को लोन दिलाने और बाद में लोन बंद कराने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी ने लोन की किस्त जमा करने अथवा खाता बंद कराने के नाम पर रकम अपने निजी बैंक खाते में जमा कराई, लेकिन राशि कंपनी के लोन खाते में जमा नहीं की। अब तक तीन मामलों में करीब 10 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई है। मामले में बालको पुलिस ने एक प्रकरण में अमानत में खयानत और दूसरे में धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है।
निजी खाते में जमा कराई करीब दो लाख की रकम
बालको क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि शशांक सिंह ने लोन की किस्त जमा करने और लोन खाता बंद कराने के नाम पर करीब दो लाख रुपये अपने निजी खाते में जमा कराए। बाद में महिला को पता चला कि रकम संबंधित लोन खाते में जमा ही नहीं हुई। शिकायत के आधार पर बालको पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत का अपराध दर्ज किया है।
5 लाख रुपये लेने के बाद भी बंद नहीं कराया लोन
बजरंग चौक राताखार निवासी संदीप सिंह ने भी मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की है। संदीप के अनुसार, उन्होंने जुलाई 2025 में बजाज फाइनेंस से 5 लाख 49 हजार 856 रुपये का लोन लिया था। आरोप है कि शशांक सिंह खुद को कंपनी का अधिकृत कर्मचारी बताकर उनके जूस सेंटर पहुंचा और एकमुश्त 5 लाख रुपये जमा करने पर लोन खाता बंद कराने की बात कही।
शिकायत के मुताबिक, भरोसा करके संदीप ने 4 अगस्त को एक लाख रुपये और 18 अगस्त को दो लाख रुपये के चेक आरोपी को दिए। इसके अलावा दो लाख रुपये नकद भी दिए गए। इस तरह कुल पांच लाख रुपये लेने के बावजूद लोन खाता बंद नहीं कराया गया। इसके बाद संदीप ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिस पर बालको पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया।
महत्वपूर्ण दस्तावेज लेने का भी आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी ने लोन बंद कराने के नाम पर आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने पास लिए थे। ऐसे में दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस इन पहलुओं की भी जांच कर रही है।
दिल्ली में छिपे होने की मिली जानकारी
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मुताबिक, महिला की शिकायत पर अपराध दर्ज होने के बाद से आरोपी शशांक सिंह फरार है। पुलिस को उसके दिल्ली में छिपे होने की जानकारी मिली है। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। साथ ही मामले से जुड़ी अन्य शिकायतों की भी जांच की जा रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद धोखाधड़ी में शामिल रकम और अन्य मामलों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
