सुशील जयसवाल
पसान/पोड़ी-उपरोड़ा। कोरबा जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र पसान में मंगलवार को बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों, स्थानीय व्यापारियों और युवा कांग्रेस के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। युसूफ खान के नेतृत्व में किए गए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक चले चक्का जाम के कारण पसान बस स्टैंड सहित आसपास के मार्गों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पसान क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य, बिजली, शिक्षा, रेलवे और आवागमन जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर करीब एक सप्ताह पहले तहसीलदार वीरेंद्र श्याम सहित संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने मंगलवार को आंदोलन का रास्ता अपनाया।
स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था प्रमुख मुद्दा
प्रदर्शनकारियों ने पसान स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी एमबीबीएस डॉक्टर की नियुक्ति की मांग प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वार्ता के दौरान बीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की उपस्थिति सुचारू करने का आश्वासन दिया गया।
वहीं क्षेत्र में बार-बार होने वाली बिजली कटौती को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी रही। प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, पसान फीडर को अलग करने, खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने तथा जर्जर विद्युत तार और ढीले खंभों को दुरुस्त करने की मांग रखी।
रेलवे स्टेशन और कॉलेज निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने पसान में लंबे समय से लंबित रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग की। इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों से लंबित कॉलेज निर्माण की मांग को भी उठाया गया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार कॉलेज को पसान से जटगा स्थानांतरित किए जाने के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कॉलेज को पुनः पसान में स्थापित करने की मांग की।
इसके अलावा उदेरदा पिकनिक स्पॉट के सौंदर्यीकरण तथा रेलवे लाइन निर्माण के कारण बंद हुए पुराने रास्ते को आम जनता के लिए पुनः खोलने की मांग भी की गई।
अधिकारियों की समझाइश के बाद समाप्त हुआ चक्का जाम
चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। विद्युत विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों के साथ चर्चा की। वार्ता के दौरान बिजली और स्वास्थ्य संबंधी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद करीब साढ़े चार घंटे बाद आंदोलनकारियों ने चक्का जाम समाप्त किया और यातायात व्यवस्था बहाल हुई।
प्रदर्शनकारियों ने अन्य मांगों के निराकरण के लिए प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि निर्धारित अवधि में कॉलेज, रेलवे स्टेशन, उदेरदा पिकनिक स्पॉट और बंद रास्ते से संबंधित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी और जनप्रतिनिधि दोबारा आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे।
कई गांवों और व्यापारियों ने दिया समर्थन
आंदोलन को आसपास के गांवों से भी व्यापक समर्थन मिला। पसान के अलावा बैरा, कोटमरा, सड़ामार, तेलियामार और कुम्हारीसानी सहित अन्य गांवों के ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल हुए। स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर आंदोलन का समर्थन किया, जबकि युवा कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
