जल विहार बुका में विश्व हाथी दिवस पर परिचर्चा, सह-अस्तित्व का लिया संकल्प

सुशील जायसवाल

कटघोरा/कोरबी-चोटिया। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तत्वावधान में बुधवार को विश्व हाथी दिवस के अवसर पर कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत एतमा नगर रेंज के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जल विहार बुका में एक दिवसीय परिचर्चा एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानव-हाथी द्वंद्व को कम करना, हाथियों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षा के उपायों की जानकारी देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पोड़ी-उपरोड़ा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माधुरी देवी तंवर ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इस दौरान कटघोरा वन मंडल के नवपदस्थ वन मंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

हाथी जंगल का प्रहरी है : माधुरी तंवर

मुख्य अतिथि श्रीमती माधुरी देवी तंवर ने कहा कि क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से हाथियों का स्थायी रहवास बना हुआ है। हाथी केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि जंगल के पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण प्रहरी है। उन्होंने कहा कि हाथी सामान्य परिस्थितियों में इंसानों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं आता, लेकिन उसे छेड़ने या परेशान करने से अप्रिय घटनाएं हो सकती हैं।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि गांव या आसपास हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही तत्काल वन विभाग अथवा हाथी मित्र दल को सूचना दें। साथ ही हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और वन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की।

जैव-विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं हाथी : DFO

कटघोरा वन मंडल के वन मंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हाथियों की मौजूदगी वन क्षेत्र की जैव-विविधता और पारिस्थितिक संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हाथी जंगल के पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने तथा मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति में सतर्कता बरतने का आग्रह किया।

वन अधिकारियों और ग्रामीणों की रही सहभागिता

कार्यक्रम में उप वनमंडलाधिकारी मृगजा जालिंदर यादव, केंदई वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे, एतमा नगर वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतिभा खूंटे, पसान वन परिक्षेत्र अधिकारी मनीष सिंह तथा जटगा वन परिक्षेत्र अधिकारी गजेंद्र डोहरे सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

कोरबी-चोटिया क्षेत्र से सुनील डिक्सेना, सनत साडिल, दरश राम मिलन, सरस राम कुर्रे, रघु कंवर, ऋषभ राठौर, अनिल देवांगन, उषा कंवर, प्रीतम पुराइन, अशोक श्रीवास सहित बड़ी संख्या में वनकर्मी एवं हाथी मित्र दल के सदस्य कार्यक्रम में शामिल हुए।

वहीं चोटिया सरपंच प्रतिनिधि राय सिंह बिंझवार, बनिया सरपंच मान सिंह मरकाम, लमना सरपंच प्रतिनिधि श्याम सिंह सिदार, मड़ई ग्राम पंचायत के सरपंच सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण एवं महिलाएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

वन्यजीव संरक्षण का लिया संकल्प

परिचर्चा के समापन पर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, वनकर्मियों एवं ग्रामीणों ने वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने हाथियों के साथ सह-अस्तित्व की भावना बनाए रखने तथा मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के लिए वन विभाग का सहयोग करने की बात कही। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि जागरूकता, सतर्कता और आपसी समन्वय से मानव एवं हाथी के बीच संघर्ष की घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।