खेती का मौसम सिर पर, फिर भी खाद के लिए भटक रहे किसान

 

नवीन सेवा सहकारी समिति सिरमिना-नवापारा में ई-पॉस मशीन के अभाव में खाद वितरण ठप, 800 किसान परेशान

 

सुशील जायसवाल

सिरमिना/पोड़ी उपरोड़ा (कोरबा)

 

खरीफ सीजन की शुरुआत और मानसून की दस्तक के साथ ही क्षेत्र के किसान खेती-किसानी की तैयारियों में जुट गए हैं, लेकिन पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र स्थित सिरमिना-नवापारा नवीन सेवा सहकारी समिति में किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि खेती का सबसे महत्वपूर्ण समय होने के बावजूद लगभग 800 पंजीकृत किसान खाद वितरण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि शासन द्वारा नई सेवा सहकारी समिति का शुभारंभ तो कर दिया गया, लेकिन आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई गईं। परिणामस्वरूप किसानों को खाद के लिए बार-बार समिति का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

 

नई समिति बनी, लेकिन व्यवस्था अधूरी

 

जानकारी के अनुसार इस वर्ष शासन द्वारा ग्राम पंचायत सिरमिना नवापारा में नवीन सेवा सहकारी समिति का संचालन प्रारंभ किया गया है। इस समिति के अंतर्गत घोसरा, सिमगा, जामकछार एवं सिरमिना नवापारा सहित कई ग्रामों के किसान पंजीकृत हैं। इन गांवों के लगभग 800 किसानों को खाद एवं अन्य कृषि सामग्री इसी समिति के माध्यम से उपलब्ध कराई जानी है।

 

हालांकि समिति में सीमित मात्रा में केवल यूरिया खाद पहुंची है, जबकि किसानों को डीएपी, राखड़ एवं अन्य आवश्यक उर्वरकों की भी जरूरत है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि खाद वितरण के लिए आवश्यक ई-पॉस मशीन अब तक समिति को उपलब्ध नहीं कराई गई है।

 

अंगूठे के सत्यापन के बिना नहीं हो सकता वितरण

 

समिति प्रभारी प्रबंधक आनंद कौशिक ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सभी किसानों को खाद वितरण ई-पॉस मशीन के माध्यम से किया जाना है। किसानों का आधार आधारित सत्यापन एवं अंगूठे का मिलान होने के बाद ही खाद का वितरण संभव है।

 

उन्होंने बताया कि नई सहकारी समितियों को ई-पॉस मशीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया विभाग स्तर पर चल रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पूर्व में ही जानकारी दे दी गई है। जैसे ही मशीन उपलब्ध होगी, खाद वितरण तत्काल प्रारंभ कर दिया जाएगा।

 

मानसून शुरू, खेतों में तैयारी, लेकिन खाद नहीं

 

क्षेत्र में मानसून की आहट के साथ किसानों ने खेतों की जुताई, बुवाई और अन्य तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे समय में उर्वरकों की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर खाद नहीं मिली तो खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।

 

किसानों का कहना है कि शासन हर वर्ष कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। नई समिति बनने के बाद किसानों को सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वर्तमान में उन्हें पहले से अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 

किसानों ने जताई नाराजगी

 

स्थानीय किसानों का कहना है कि खाद वितरण की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। यदि ई-पॉस मशीन उपलब्ध नहीं थी तो वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जाना चाहिए था।

 

किसानों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रहे हैं। कई किसान प्रतिदिन समिति पहुंचकर जानकारी ले रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।

 

प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग

 

क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि सिरमिना-नवापारा सेवा सहकारी समिति को तत्काल ई-पॉस मशीन उपलब्ध कराई जाए तथा डीएपी, यूरिया, राखड़ सहित अन्य आवश्यक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए।

 

किसानों का कहना है कि यदि आने वाले कुछ दिनों में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो खरीफ सीजन की खेती प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा नुकसान किसानों की आजीविका और कृषि उत्पादन दोनों पर पड़ेगा।

 

मुख्य बिंदु

 

लगभग 800 पंजीकृत किसान खाद के इंतजार में।

 

नवीन सेवा सहकारी समिति में ई-पॉस मशीन का अभाव।

 

अंगूठा सत्यापन के बिना खाद वितरण संभव नहीं।

 

मानसून पूर्व किसानों की बढ़ी चिंता।

 

डीएपी, राखड़ एवं अन्य उर्वरकों की भी कमी।

 

किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

 

 

अब किसानों की निगाहें प्रशासन और सहकारिता विभाग पर टिकी हैं कि खेती के महत्वपूर्ण समय में उन्हें आवश्यक खाद और सुविधाएं कब तक उपलब्ध कराई जाती हैं।