कुंए में गिरी गौ माता को गौ रक्षक टीम ने रस्सियों के सहारे सुरक्षित निकाला

दो दिन तक पानी भरे गहरे कुंए में फंसी रही गाय, तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बची जान

 

कान्हा गौ सेवा समिति पाली की तत्परता और मानवता का अनूठा उदाहरण, ग्रामीणों ने की सराहना

 

सुशील जायसवाल

 

कोरबा/पाली।

मानवता, सेवा और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब पाली विकासखंड के ग्राम बुड़बुड़ में एक गौ माता लगभग दो दिनों तक पानी से भरे गहरे कुंए में फंसी रही। सूचना मिलते ही कान्हा गौ सेवा समिति पाली के गौ सेवक तत्काल मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस साहसिक और सराहनीय कार्य से एक बेजुबान पशु की जान बच गई तथा ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार पाली मुख्यालय से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बुड़बुड़ में बीते शनिवार की रात एक गाय अंधेरे के कारण रास्ता भटककर एक पुराने और गहरे कुएं में गिर गई थी। कुआं लगभग 15 फीट गहरा था तथा उसमें 4 से 5 फीट तक पानी भरा हुआ था। गाय के कुएं में गिरने के बाद वह बाहर निकलने का प्रयास करती रही, लेकिन गहराई और फिसलन के कारण सफल नहीं हो सकी। दो दिनों तक गाय कुएं के भीतर ही फंसी रही, जिससे उसकी जान पर खतरा मंडराने लगा था।

 

सोमवार 8 जून को ग्रामीणों द्वारा इस घटना की जानकारी कान्हा गौ सेवा समिति पाली को दी गई। सूचना मिलते ही समिति के सदस्य बिना समय गंवाए आवश्यक संसाधनों और रस्सियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। कुएं की गहराई और पानी भरा होने के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण था। टीम के सदस्यों ने पहले स्थिति का निरीक्षण किया और फिर सुनियोजित तरीके से रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया।

 

गाय को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मजबूत रस्सियों की सहायता ली गई। गौ सेवकों ने काफी सावधानी और सूझबूझ के साथ गाय को रस्सियों से बांधा ताकि उसे किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। इसके बाद लगभग तीन घंटे तक लगातार प्रयास करते हुए टीम के सदस्यों ने सामूहिक रूप से रस्सियों को खींचकर गाय को धीरे-धीरे ऊपर लाना शुरू किया। कठिन परिस्थितियों और जोखिम के बावजूद टीम ने धैर्य नहीं खोया और अंततः गाय को सुरक्षित कुएं से बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की।

 

कुएं से बाहर निकालने के बाद गाय बेहद कमजोर और थकी हुई दिखाई दे रही थी। समिति के सदस्यों ने तत्काल उसका प्राथमिक उपचार किया तथा उसे पानी और चारा उपलब्ध कराया। सौभाग्य से गाय को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी, जिससे सभी ने राहत महसूस की। उपचार के बाद गाय की स्थिति सामान्य बताई गई।

 

रेस्क्यू अभियान में कान्हा गौ सेवा समिति पाली के सक्रिय सदस्य कृष्णा कुंभकार, विजय नेताम, मनोज जायसवाल, अजय राजपूत, सिद्धांत मरकाम, अभिनव राजपूत, लोकेश मरकाम, रोहित पटेल, निगम नेताम, धीरज रजक, भूपेंद्र डिक्सेना सहित अन्य गौ सेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी सदस्यों ने एकजुट होकर कठिन परिस्थितियों में सेवा भावना का परिचय दिया।

 

गाय के सुरक्षित बाहर निकलने की खबर मिलते ही गांव के लोगों में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने कान्हा गौ सेवा समिति के सदस्यों की तत्परता, साहस और समर्पण की भूरी-भूरी प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते रेस्क्यू नहीं किया जाता तो गाय की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से भी मांग की है कि गांवों में स्थित खुले और असुरक्षित कुओं के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह घटना न केवल पशु संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देती है, बल्कि समाज में सेवा और करुणा की भावना को भी मजबूत करती है।

 

ग्रामीणों ने कहा— गौ सेवा समिति ने निभाया मानवता का धर्म

 

ग्राम बुड़बुड़ के ग्रामीणों ने कहा कि कान्हा गौ सेवा समिति के सदस्यों ने जिस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर घंटों तक रेस्क्यू अभियान चलाया, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। समिति के सदस्यों ने यह साबित कर दिया कि बेजुबान पशुओं की रक्षा और सेवा करना भी समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण दायित्व है। ग्रामीणों ने पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।