कोरबा पुलिस की बड़ी सफलता: 150 गुम मोबाइल लौटाए, लोगों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

✍️ भागीरथी यादव

 

पांच माह में 300 से अधिक मोबाइल बरामद कर स्वामियों को सौंप चुकी है पुलिस, ₹26.62 लाख के मोबाइल किए गए रिकवर

कोरबा। “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस ने एक बार फिर आम नागरिकों का विश्वास जीतने में बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर पुलिस थाना कोरबा ने अत्याधुनिक तकनीक और CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की सहायता से 150 गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत ₹26.62 लाख से अधिक बताई गई है।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत साइबर पुलिस थाना और जिले के सभी थाना-चौकी स्टाफ ने संयुक्त रूप से विभिन्न जिलों और राज्यों से मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई संपन्न हुई। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा एवं उप निरीक्षक अजय सोनवानी सहित साइबर टीम की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।

बरामद मोबाइलों में Apple, Samsung, Oppo, Vivo, Redmi, Realme और OnePlus जैसी प्रमुख कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। ये मोबाइल अलग-अलग स्थानों पर गुम हो गए थे, जिन्हें तकनीकी विश्लेषण और CEIR पोर्टल के माध्यम से खोजकर उनके असली मालिकों तक पहुंचाया गया।

मोबाइल मिलते ही छलकी खुशी

अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई नागरिकों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल कभी वापस मिल सकेगा, लेकिन कोरबा पुलिस के प्रयासों ने उनकी उम्मीदों को हकीकत में बदल दिया। मोबाइल स्वामियों ने पुलिस अधिकारियों और साइबर टीम का आभार व्यक्त करते हुए इस पहल की जमकर सराहना की।

पांच माह में 300 से अधिक मोबाइल रिकवर

उल्लेखनीय है कि साइबर पुलिस थाना कोरबा पिछले पांच महीनों में 300 से अधिक गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस दिला चुका है। लगातार हो रही इस कार्रवाई ने आम जनता के बीच पुलिस के प्रति भरोसा और मजबूत किया है।

मोबाइल गुम होने पर क्या करें?

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या नजदीकी थाना एवं साइबर सेल को सूचना दें। समय पर शिकायत मिलने से मोबाइल ट्रैक कर बरामद किए जाने की संभावना बढ़ जाती है।

साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें यह काम

हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

नजदीकी थाना या साइबर पुलिस थाना में सूचना दें।

राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

कोरबा पुलिस का यह अभियान न केवल गुम मोबाइल लौटाने तक सीमित है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा की भावना और पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल बनकर उभरा है।